यूरिन में इंफेक्शन और जलन जैसी समस्याएं महिलाओं में बेहद आम है और अक्सर खान-पान में गड़बड़ी और लाइफस्टाइल में अचानक आए बदलावों की वजह से कई बार इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए आपको अपने फिटनेस रूटीन में कुछ तरह के योगासन को शामिल करना चाहिए। इन योगासन के बारे में हमें योगा मास्टर, फिलांथ्रोपिस्ट, धार्मिक गुरू और लाइफस्टाइल कोच ग्रैंड मास्टर अक्षर जी बता रहे हैं। 

जी हां, यूरिनरी ट्रेक्‍ट संबंधित डिसऑर्डर या समस्या खासकर महिलाओं के लिए निराशाजनक और परेशानी भरी हो सकती है। यूटीआई या यूरिनरी ट्रेक्‍ट इंफेक्‍शन से जुड़े लक्षण, दुनिया भर में कई महिलाओं को पीड़ित करते हैं और इससे छुटकारा पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

ज्यादातर मामलों में, महिलाएं कई वर्षों तक यूटीआई के बार-बार होने से परेशान रहती हैं। लक्षणों से अस्थायी राहत पाने के लिए उन्‍हें कई एंटीबायोटिक कोर्स दिए जाते हैं। हालांकि, समस्या के मूल कारण को ठीक नहीं किया जाता है।

यूटीआई या यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन एक प्रकार का यूरिनरी सिस्टम, या इसके किसी भाग- यूट्रस, किडनी, यूरेथ्रा या ब्लैडर का इंफेक्‍शन है। ब्‍लैडर तक सीमित संक्रमण कष्टप्रद और दर्दनाक हो सकता है। हालांकि, अगर इंफेक्‍शन किडनी में फैलता है तो यह खतरनाक भी हो सकता है। यूटीआई के लिए योगासन पेट की मसल्‍स को टोन करने में मदद कर सकता है और यह इंफेक्‍शन को प्रभावी ढंग से रोक सकता है।

योग के माध्यम से यूटीआई के लक्षणों का प्रबंधन शरीर की रिप्रोडक्टिव और यूरिनरी सिस्‍टम में समाप्त ऊर्जा को बहाल करने में मदद करता है। जब यूटीआई विकसित होने की अंतर्निहित स्थिति को हटा दिया जाता है, तो इंफेक्‍शन यूरिन मार्ग में पैर जमाने में सक्षम नहीं होते हैं। 

मास्टर अक्षर जी का कहना है, 'योग मुद्रा, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार की मदद से आप यूरिनरी ट्रेक्‍ट इंफेक्‍शन को रोकने और मैनेंज कर सकती हैं। योग विशिष्ट मसल्‍स समूहों पर काम करता है और पेट की मसल्‍स को टोन करने में मदद कर सकता है। यह यूटीआई को रोकने के लिए बहुत प्रभावी है। सूर्य नमस्कार के 12 मुद्राओं को करने का प्रयास करें और अधिकतम लाभ के लिए इसे सूर्योदय के समय करना चाहिए। शरीर को एनर्जी से भरने के लिए भस्त्रिका प्राणायाम की भी सिफारिश की जाती है। अन्य पोज में चेयर पोज, त्रिकोणासन पोज और मलासन शामिल हैं।' आइए इसके बारे में आर्टिकल के माध्‍यम से विस्‍तार से जानते हैं।

सूर्य नमस्‍कार

surya namaskar for urine infection

सूर्य नमस्कार 8 अलग-अलग मुद्राओं का एक कॉम्बिनेशन है, जो शरीर के दोनों किनारों दाएं और बाएं के लिए 12 चरणों के अनुक्रम में पिरोया जाता है। सूर्य नमस्कार को दाईं ओर से शुरू किया जाता है क्योंकि सूर्य की एनर्जी को सही के माध्यम से प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया जाता है। एक पूर्ण चक्र दाएं और बाएं दोनों पक्षों को कवर करते हुए 24 गणनाओं से बना है।

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भस्त्रिका प्राणायाम

Bhastrika Pranayama

  • इसे करने के लिए अपनी पीठ सीधी करके बैठें और आंखें बंद कर लें।
  • हथेलियों को घुटनो पर रखें।
  • पूरक (अंदर सांस लेना) और रेचक (सांस छोड़ना) 1:1 के अनुपात में करें। 
  • जैसे आप 6 गिनती में सांस अंदर लें और 6 गिनती में सांस छोड़ दें।
  • आप सांस लेने की प्रक्रिया की शुरुआत 5 मिनट से कर सकते हैं और फिर धीरे-धीरे इस अवधि को बढ़ाएं।

उत्कटासन

chair pose for urine infection

  • इसे चेयर पोज के नाम से भी जाना जाता है। 
  • इसे करने के लिए सीधी खड़ी हो जाएं। 
  • दोनों पैरों को फैला लें।
  • दोनों हाथों को आगे की तरफ फैलाएं। 
  • हथेली नीचे की तरफ रहेगी। 
  • हाथ सीधे रहें और कुहनियां मुड़ी हुई न हों। 
  • घुटनों को धीरे-धीरे मोड़ें और पेल्विस को नीचे की तरफ ले जाएं।
  • इतना झुकें, जैसे आप किसी काल्पनिक चेयर पर बैठे हुए हों। 
  • इस दौरान हाथ एकदम सीधे होने चाहिए। 
  • रीढ़ की हड्डी पूरी लंबाई में सीधी होनी चाहिए। 
  • दिमाग को शांत रखें, लंबी सांसें लें।  
  • इस मुद्रा में कुछ देर तक रहें।

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त्रिकोणासन

trikonasana for urine infection

त्रिकोण' का अर्थ होता है त्रिभुज और आसन का अर्थ योग है। इसका मतलब यह हुआ कि इस आसन में शरीर त्रिकोण की आकृति का हो जाता है, इसीलिए इसका नाम त्रिकोणासन रखा गया है।  

  • इस योग को करने के लिए सीधी खड़े हो जाएं। 
  • फिर दोनों हाथों को कंधे की चौड़ाई में सीधा कर लें। 
  • अब दाई तरफ झुकते हुए हाथ को अंगुठे तक लाएं। 
  • थोड़ी देर इसी पोजीशन में रहें। 
  • इसी प्रक्रिया को दूसरी तरफ से भी करें।

मलासन

malasana for urine infection

  • घुटनों को मोड़कर मल त्याग करने वाली अवस्था में बैठें। 
  • दोनों हाथों को कोहनियों से मोड़कर घुटनों पर टिका दें। 
  • दोनों हाथों की हथेलियों को आपस में मिलाएं। 
  • हाथ जोड़कर नमस्कार की मुद्रा बना लें। 
  • इस आसान में आपको धीरे-धीरे सांस को अंदर और बाहर छोड़ना है।  
  • आप कुछ देर इसी स्थिति में बैठें। 

आप भी यूरिन इंफेक्‍शन से बचने के लिए इन योगासन को कर सकती हैं। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

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