आंखों की रोशनी सबसे महत्वपूर्ण इंद्रियों में से एक है, इसलिए आपको अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए सभी संभव उपाय करने चाहिए। योग में कुछ अभ्यासों के माध्यम से अपनी आंखों के स्वास्थ्य की रक्षा और सुधार कर सकते हैंं। त्राटक जैसे योग दृष्टिहीनता और कमजोर दृष्टि की संभावना को कम करते हुए दृष्टि में सुधार करते हैं। यह आंखों के रोगों जैसे मोतियाबिंद और ग्लूकोमा की रोकथाम में भी मदद करते हैं।

आंखों को योग की मदद से कैसे सुंदर और हेल्‍दी बनाया जा सकता है? इस बारे में विस्‍तार से जानने के लिए हमने योगा मास्टर, फिलांथ्रोपिस्ट, धार्मिक गुरू और लाइफस्टाइल कोच ग्रैंड मास्टर अक्षर से बात की। तब उन्होंने हमें आंखों के लिए कुछ योगासन के बारे में विस्‍तार से बताया। अगर आप भी अपनी आंखों को सुंदर बनाना चाहती हैं तो इन योगासन के बारे में जानें।

बेहतर दृष्टि के लिए भोजन

कुछ प्रकार के फूड्स हैं जो आंखों के लिए फायदेमंद होते हैं। ये नारंगी रंग के फल और सब्जियां हैं - जैसे कि शकरकंद, गाजर, कैंटालूप, आम और खुबानी। ये ऐसे फूड्स हैं जो बीटा-कैरोटीन से भरपूर और विटामिन ए का एक रूप है जो रात की दृष्टि की क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैंं।

थेरेपी के रूप में योग

अपनी दृष्टि को बेहतर बनाने और बढ़ाने के लिए कुछ विशेष और शक्तिशाली आसनों का अभ्यास करें। शुरुआत में आप दिन में कम से कम 5-10 मिनट के लिए अपना अभ्यास शुरू कर सकते हैं।

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लौ पर त्राटक

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दिशा‌:- पूर्व की ओर मुख करें। जिसके लिए आपको जरूरत है

  • बैठने के लिए एक आरामदायक चटाई
  • मिट्टी का बना एक दीया (या दीपक)
  • घी या तेल
  • कॉटन की बती
  • माचिस
  • स्टूल या डेस्क

करने का तरीका

  • सबसे पहले दीए पर एक बती रखकर शुरू करें और फिर ऊपर से घी या तेल डालें।
  • दीया जलाएं और इसे डेस्क या स्टूल पर रखें।
  • सुनिश्चित करें कि लौ आपकी ओर इशारा कर रही है और आंखों के लेवल पर है, यानि लौ आपकी आंखों के अनुरूप होनी चाहिए।
  • आंच से लगभग 4 से 5 फीट दूर बैठें। आपकी ऊंचाई के अनुसार दूरी बदलती रहती है। सुनिश्चित करें कि आपकी गर्दन लौ पर तनी हुई न हो।
  • किसी भी आरामदायक मुद्रा में बैठें (सुखासन या पद्मासन)।
  • तर्जनी और अंगूठे की अंगुली को मिलाकर ध्यान मुद्रा धारण करें।
  • टकटकी को लौ पर आकर्षित करें और सारा ध्यान उस पर केंद्रित करें।
  • देखें कि लौ की नोक कैसे चलती है।
  • कोशिश करें कि पलक ज्यादा न झपकाएं।
  • यदि आपके विचार भटकते हैं तो उन्हें लौ पर ध्यान केंद्रित करने के लिए वापस लाएं।
  • थोड़ी देर के लिए अपनी आंखें बंद करें और उन्हें आराम दें।

सूर्य नमस्कार

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सूर्य नमस्कार का अभ्यास सुबह सूर्योदय से पहले किया जाता है। सूर्य नमस्कार में कुल 8 आसन होते हैं, जो दाएं और बाएं 12 चरणों के क्रम में बुने जाते हैं। सूर्य नमस्कार को दाईं ओर से शुरू करें क्योंकि इस तरफ से सूर्य की ऊर्जा को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया है। जब आप 24 गणनाओं से बने दोनों पक्षों को कवर करते हैं तो आप एक पूरा चक्र पूरा करते हैं।

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चंद्र नमस्कार

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चंद्र नमस्कार, चंद्रमा को नमस्कार है और शाम 6 बजे चंद्रमा के सामने करना चाहिए। चन्द्र नाडी या मून चैनल बाईं ओर चलता है इसलिए पहले चन्द्र नमस्कार की शुरुआत अपने बाएं पैर से करते हैं। चंद्र नमस्कार, दाएं और बाएं 14 चरणों का एक क्रम है। एक पूर्ण चक्र तब किया जाता है जब आप दोनों साइड्स को कवर करते हैं, और यह 28 चरणों में पूरा किया जाता है।

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अच्छी दृष्टि आपको एक ऐसे जीवन की गारंटी दे सकती है जो अनुभवों में समृद्ध और विशाल हो। अच्छी दृष्टि के साथ, आप बेहतर एथलेटिक क्षमता, बेहतर हाथ-आंख समन्वय और बेहतर शिक्षण का आनंद भी ले सकते हैं। एक स्वस्थ मस्तिष्क के लिए, आपको स्वस्थ दृष्टि की आवश्यकता होती है। अगर आप भी आंखों को हेल्‍दी और सुंदर बनाना चाहती हैं तो एक्‍सपर्ट के बताए इन योगासन को रोजाना करें। फिटनेस से जुड़ी ऐसी ही और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें।