घर और ऑफिस की दोहरी जिम्‍मेदारी के चलते अक्‍सर महिलाओं को स्‍ट्रेस महसूस होने लगता है। इस स्‍ट्रेस का असर महिलाओं की बॉडी पर होने लगता है और वह जल्‍दी थकान, आलस और बार-बार बीमार होना जैसी समस्‍याओं का सामना करती हैं और कुछ महिलाएं तो ज्‍यादा स्‍ट्रेस के चलते मोटी भी होने लगती है। यहां तक कि स्‍ट्रेस अगर जरूरत से ज्‍यादा बढ़ जाए तो थायरॉयड और डाय‍बिटीज जैसी समस्‍याओं का कारण भी बन सकता है। इसलिए बिजी लाइफ होने के बावजूद भी अपनी बॉडी के साथ-साथ मानसिक हेल्‍थ को बनाये रखने के लिए खुद को समय देना बेहद जरूरी होता है। हो सकता है कि आप अपने शारीरिक हेल्‍थ को बनाये रखने के लिए ध्यान दे भी रही हों लेकिन क्या आप अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दे पाती हैं, शायद नहीं। क्‍योंकि हम मेंटल हेल्‍थ से ज्‍यादा फिजिकल हेल्‍थ को जरूरी मानते हैं, लेकिन तन भी तभी अच्‍छा रहेगा, जब मन अच्‍छा होगा। इसलिए मानसिक हेल्‍थ की देखभाल बेहद जरूरी होती है। 

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आज वर्ल्‍ड मेंटल हेल्‍थ डे (World Mental Health Day) के मौके पर हम आपको कुछ ऐसे योगासन के बारे में बता रहे हैं जो आपके मेंटल हेल्‍थ को दुरुस्‍त रखने में आपकी पूरी मदद करेंगे। अगर आप स्‍ट्रेस और इससे होने वाली समस्‍याओं से दूर रहना चाहती हैं तो अपनी मानसिक सेहत को ठीक रखने के लिए अपने फिटनेस रूटीन में इन 3 योगासन को शामिल करें। इन योगासन को रोजाना सिर्फ 10 मिनट करने से आप मानसिक बीमारियों जैसे स्ट्रेस, चिंता को दूर करने के लिए अपना सकती हैं। तो देर किस बात की आइए रिसेट की योगा थेरेपिस्‍ट, निकिता परमार से ऐसे ही 3 योगासन के बारे में जानें।

बालासन

exercise for mental health balasana

बालासन जिसे चाइल्‍ड पोज के नाम से भी जाना जाता है इसके बहुत सारे हेल्‍थ बेनिफिट्स है। यह कब्‍ज को दूर करने से लेकर डाइजेशन को मजबूत करने और ब्‍लॉटिंग को कम करने में हेल्‍प करता है। साथ ही बालासन पेट के फैट को कम करने में भी हेल्‍प करता है। और सबसे जरूरी बालासन नर्वस सिस्‍टम को मजबूत कर आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत अच्‍छा होता है। इसके अलावा आपके हिप्‍स, एंकल और थाईज को मजबूत करता है। पीठ के दर्द को कम करता है और ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर आपके स्‍ट्रेस को कम करता है।

बालासन करने का तरीका

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं। 
  • आपकी कमर बिल्‍कुल सीधी होनी चाहिए। 
  • अब गहरी सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को सामने की ओर झुकाएं। 
  • दोनों हाथ पीछे की ओर रखें और कोशिश करें कि सिर सामने जमीन को छुए। 
  • अब जितना हो सके उतनी देर इसी पोजिशन में रहने की कोशिश करें। 
  • फिर सांस छोड़ते हुए शरीर के ऊपरी भाग को उठाते हुए फिर से वज्रासन की पोजिशन में वापस आ जाएं।
  • ऐसा कम से कम 5 बार करें। 
  • अगर आपको डायरिया, हार्ट प्रॉब्‍लम, हाइपरटेंशन या घुटने में कोई चोट लगी हैं तो इस आसन को करने से बचें।

उत्तानासन

yoga for depression

यह योगासन भी आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार और डिप्रेशन और चिंता के लक्षणों के उपचार के लिए बहुत अच्‍छा है। मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के अलावा, स्टैंडिंग फॉरवर्ड बेंड पोज़ के कई हेल्‍थ बेनिफिट्स हैं। जैसे यह हैमस्ट्रिंग, हिप्‍स, घुटने और थाई को मजबूत करता है। आपके अंगों की मसाज करके आपके डाइजेशन को उत्तेजित करता है, लंग्‍स से म्‍यूकस को निकालता है, आपके नर्वस तंत्र और मन को शांत करने में हेल्‍प करता है, जिससे तनाव से राहत मिलती है। साथ ही अनिद्रा, थकान और सिरदर्द को कम करने में हेल्‍प करता है और मेनोपॉज के लक्षणों को दूर करने में हेल्‍प करता है।

उत्तानासन करने का तरीका

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। 
  • फिर अपने हाथों को अपने हिप्‍स पर रखें और सांस लें। 
  • अब अपने हाथों को फैलाते हुए झुके और हाथों को पैरों के पंजों तक ले जाएं। 
  • तब तक नीचे झुकें जब तक आपके हाथ फर्श को टच ना करें। 
  • ध्यान रहे इस आसन को करते समय आपके घुटने सीधे होने चाहिए। 
  • इस पोजिशन में 10-15 सेकेंड तक रहें।
  • फिर वापस पहले वाली पोजिशन में आ जाएं।

सर्वांगासन

mental benefits of yoga poses

स्मरण शक्ति को कमजोर होने से रोकने, उसे बढ़ाने व ब्रेन तक शुद्ध ब्‍लड व ऑक्सीजन का सर्कुलेशन करने में इसकी भूमिका अहम है। इसे करने से आपका मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा रहता है और साथ ही बालों और त्‍वचा के लिए भी यह योगासन बहुत अच्‍छा होता है।

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सर्वांगासन करने का तरीका

  • इस योग को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं। 
  • दोनों पैरों को जमीन से ऊपर उठाकर हल्के से हिप्‍स को भी जमीन से ऊपर उठाएं। 
  • अब कमर पर हाथों का सहारा देते हुए गर्दन के नीचे का सारा भाग जमीन से ऊपर उठाकर एक सीधी रेखा में करें। 
  • फिर अपनी पूरी बॉडी को गर्दन से 90 डिग्री पर ऊपर उठना है। 
  • सर्वांगासन की इस पोजिशन में आरामदायक समय तक रुकें। 
  • इसके बाद वापस पहले वाली पोजिशन में वापस आ जाएं।
  • ऐसा आप 2 से 3 बार कर सकती हैं। 
  • लेकिन ध्‍यान रहें गर्दन या पीठ में दर्द से परेशान महिलाओं को इसे करने से बचना चाहिए। 

अगर आप भी मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को दुरुस्‍त रखना चाहती हैं तो इन 3 योगासन को रोजाना 10 मिनट जरूर करें।