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महिलाओं की समस्‍या ल्‍यूकोरिया का रामबाण इलाज है ये 1 योग

अगर आप भी ल्‍यूकोरिया की समस्‍या से परेशान हैं तो एक्‍सपर्ट का बताया यह योग अपने रूटीन में जरूर शामिल करें। 
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ल्यूकोरिया अकसर महिलाओं को होता है, जिसे महिला योनि से सफेद निर्वहन या प्रदर के रूप में जाना जाता है। आमतौर पर यह युवा लड़कियों और मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं में देखा जाता है। पीसीओडी, पीरियड्स और ल्यूकोरिया की स्थिति डाइट, एक्‍सरसाइज की कमी और तनाव भरे जीवन के संदर्भ में अस्वास्थ्यकर जीवनशैली विकल्पों के कारण होती है। इसके अलावा, हार्मोनल परिवर्तन महिलाओं की शारीरिक प्रक्रियाओं को एक अनोखे तरीके से प्रभावित करते हैं जोकि जल्दी पता न चलने पर अल्पकालिक और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

ल्यूकोरिया के लक्षण

बिना किसी मौजूदा कारण के, योनि से हल्के पीले, लाल/काले तरल पदार्थ का लगातार या रुक-रुक कर स्राव होता है। जब यह संक्रामक हो जाता है, तो खुजली एक अतिरिक्त समस्या बन जाती है। स्राव की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए प्रदर को दो प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है: श्वेत प्रदर और रक्त प्रदर। इसके साथ सिरदर्द, कब्ज और कभी-कभी पेट के निचले हिस्से में खिंचाव की अनुभूति भी होती है।

  • पेट में ऐंठन
  • डिस्चार्ज में दुर्गंध आना
  • मूड में बदलाव या चिड़चिड़ापन
  • वजन बढ़ना या कम होना
  • सूजन
  • स्तनों में कोमलता 
  • हैवी या अनियमित रक्तस्राव
  • योनि मार्ग में खुजली वाला दर्द

ल्यूकोरिया के कारण

गलत जीवनशैली और गलत खान-पान किसी भी बीमारी का प्रमुख कारण होता है। गंदे अंडरगारमेंट भी इस बीमारी के कारण हैं। कुछ मामलों में यौवन से पहले लड़कियों में आंतों के कीड़े भी एक प्रेरक कारक बन सकते हैं। लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि योग की मदद से आप इस समस्‍या को काफी हद तक कंट्रोल कर सकती हैं। आज इन योगासन के बारे में हमें योगा मास्टर, फिलांथ्रोपिस्ट, धार्मिक गुरू और लाइफस्टाइल कोच ग्रैंड मास्टर अक्षर जी बता रहे हैं।

इसे जरूर पढ़ें:व्हाइट डिस्चार्ज से परेशान महिलाएं इन 3 योग से राहत पाएं

कपालभाति प्राणायाम

white discharge yoga expert

स्‍टेप्‍स 

  • किसी भी आरामदायक आसन में (जैसे सुखासन, अर्धपद्मासन या पद्मासन) बैठें। 
  • पीठ को सीधा करे और आंखें बंद करें।  
  • हथेलियों को घुटनों (प्राप्ति मुद्रा में) पर ऊपर की ओर रखें। सामान्य रूप से श्वास लें और छोटी, लयबद्ध और सशक्त श्वास के साथ श्वास छोड़ने पर ध्यान केंद्रित करें।  
  • पेट का इस्‍तेमाल डायाफ्राम और फेफड़ों से हवा को संपीड़ित करके बलपूर्वक बाहर निकालने के लिए कर सकते हैं। 
  • जब हम अपने पेट को डीकंप्रेस करते हैं तो सांस लेना अपने आप हो जाता हैं।
  • नासिका छिद्र से कुछ बल और ध्वनि के साथ श्वास छोड़ें, जैसे कि हम अपने नासिका छिद्र को साफ करने का प्रयास कर रहे हों। और फिर श्वास लें लेकिन बहुत अधिक प्रयास या बल के बिना।
  • जैसे ही हम सांस छोड़ते हैं, पेट की मसल्‍स को सिकोड़ें और नाभि को रीढ़ की ओर खींचे। पेट को सिकोड़ने और अंदर खींचने के लिए कुछ प्रयास करें। फिर सांस लेते हुए संकुचन को छोड़ें। सांस लेने में अधिक प्रयास की आवश्यकता नहीं है।
  • पहले धीमी गति से अभ्यास करें।
  • इस तरह की कुछ और सांसें लयबद्ध तरीके से आरामदायक गति से लें और आराम करें।
  • 2-3 बार दोहराएं।

रफ़्तार

  • पहले शांत गति से शुरुआत करें।
  • सिर्फ पेट की हिस्‍से में हवा भरने के लिए गहरी सांस लेने की जागरूकता और छोटी, मजबूत सांस छोड़ना, जो पेट को अंदर लाने के लिए तेज़, जोरदार और लयबद्ध हो।
  • धीरे-धीरे मध्यम गति की ओर बढ़ें, जहां पेट को फुलाकर और छोटी, तेज, जोरदार सांसों के साथ बाहर निकालते समय श्वास अपने आप हो जाती है।
  • तीव्र गति केवल मास्टर चिकित्सकों के लिए उचित है।

समय

  • न्यूनतम -2 मिनट; अधिकतम-5-10 मिनट
  • अधिमानतः सुबह खाली पेट या अंतिम भोजन के 2 घंटे बाद किया जाता है।
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अन्‍य उपाय

  • आहार पर नियंत्रण रखें, चीनी और नमक पर अधिक भार न डालें। 
  • लो ग्लाइसेमिक खाद्य पदार्थखाएं- इसमें हाई फाइबर सामग्री के कारण, ग्लाइसेमिक-इंडेक्स में कम खाद्य पदार्थ एस्ट्रोजन के मेटाबॉलिज्‍म को बदलते हैं और मूड स्विंग को कम करते हैं। 
  • भोजन में ब्रोकली, फूलगोभी, पत्तेदार साग, बीन्स और मटर, हम्मस, शकरकंद, सेब, संतरा, मूंगफली, चिया सीड्स मदद करता है।  
  • जो पी रहे हैं उस पर ध्यान दें, वातित पेय से बचें और हरी या हर्बल चाय पर स्विच करें। 
  • प्रसंस्कृत और इंफ्लेमेटरी खाद्य पदार्थ सीमित करें। 
  • सब्जियां और आंत-स्वस्थ खाद्य पदार्थ और फल बढ़ाएं।

आप भी एक्‍सपर्ट के बताए योगासन और अन्‍य उपायों को शामिल करके ल्‍यूकोरिया की समस्‍या को आसानी से कंट्रोल कर सकती हैं। योग से जुड़ी ऐसी ही जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

Image Credit: Freepik.com

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