योग कई रूप में नजर आता है। यह मात्र आसन नहीं है। यह श्वास की रिदम का अभ्यास, मेडिटेशन और अन्य कई तरह की यौगिक तकनीकें मिलकर इसमें शामिल होती हैं। योग का नियमित अभ्यास अपके शरीर की अकडन और जोडों के दर्द को कम करने में सहायक हो सकता है। इससे शरीर लोचदार बनता है व उसका कड़कपन कम होता है।

पहला और सबसे महत्वपूर्ण तरीका जोडों के दर्द को कम करने का यह है कि शरीर को स्थिर करने के बजाय अधिक से अधिक उपयोग करें। जब कोई शरीर को अधिक आराम देता है तो गतिहीन दिनचर्या से उसके मसल, लिगामेंट्स और टेंडन कमजोर हो जाते हैं व जोड़ों को सहयोग करने में असमर्थ हो जाते हैं। एक नियमित गति या कार्यशैली का होना शरीर के लिए जरूरी है जिससे सिनोवियल तरल पदार्थ शरीर में अच्‍छे से घूमता है जिससे जोड़ों के आसपास के कार्टिलेज दुरुस्‍त व पोषित होते रहते हैं। यहां कुछ योग तकनीक बताई जा रही हैं जिन्‍हें रेगुलर करने से आपकी हेल्‍थ अच्‍छी रहेगी और जोड़ों का दर्द नहीं होगा। और इस बारे में हमें योग संस्थान के डायरेक्‍टर डॉक्‍टर हंसाजी जयदेव योगेंद्र जी बता रहे हैं।

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सहज भावासन

यह मूलभूत शरीर को गर्माहट देने की प्रक्रिया है, जो कोई भी कर सकता है। जिनमें से कुछ इस तरह है। 

सहजकंठ भावासन- इससे गर्दन व सिर की मसल ढीली होती है। इन्‍हें आप खड़े होकर या बैठकर कर सकती हैं। इसमें गर्दन को ढीला रखते हुए साइड में, ऊपर-नीचे, घड़ी अनुसार गोल, घड़ी के विपरती गोल घुमाना है। इसे श्वास के तारतम्य में ही करें। 

सहज बाजूबंध भावासन- इसमे बाजू, कंधा, हाथ और उंगालियों को ढीला करना है। इसमें कंधों को गोलाई में घुमाना, बाजू को गोल घुमाना, हाथों को साइड में ले जाना और हाथों को पीछे ले जाकर नमस्‍ते करना होता है। इसकी के आधार पर आप अपने पूरे जोड़ों को खींचाव देते हुए या घुमाते हुए धीरे-धीरे ढीला कर सकते हैं। यूरिक एसिड ने बढ़ा दिया है हड्डियों में दर्द तो अपनाएं ये गाउट डाइट

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यष्टिकासन

 
 
 
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A post shared by Namita Kulkarni (@radicallyeverafter) onMay 28, 2018 at 10:08am PDT

यह सबसे आसान पर सबसे फायदेमंद आसन है। इसे आप सुबह उठते ही बिस्‍तर पर भी कर सकते हैं। सीधे लेटकर अपने हाथों को ऊपर की ओर खींचना है और पैरों को नीचे की तरफ यानि दोनों विपरीत दिशा में खिंचाव लाना है। यह आसान सा आसन शरीर के पूरे जोड़ों को खिंचाव देकर दर्द को दूर करता है। ब्‍लड सर्कुलेशन को सुधारता है साथ ही शरी व मन के तनाव कसे दूर करता है।

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पवनमुक्‍तासन

योग यह मानता है कि शरीर में अगर वायु हो तो वह खाली जगह पर अपना घर बना लेती है और जोड़ों के दर्द को बढ़ा देती है। पवनमुक्‍तासन के अभ्‍यास से यह वायु बाहर फेंकी जा सकती है। इसे करने के लिए जमीन पर सीधे लेट जाएं, फिर पैरों को मोड़ते हुए अपने घुटने को चेस्‍ट के पास लाने का प्रयास करें, अपने हाथों से पैरों को दबाएं, पेट पर दबाव बनायें एकदम इस तरह कि आप अपने आपको गले लगा रहे हों। इसी तरह कुछ देर आराम से सांस लेते रहें। यह साधारण सा आसन भी आपके जोडों के दर्द को दूर करने में सहायक सिद्ध होगा।

जोड़ों को मजबूती देंगे ये कुछ और टिप्‍स

  • हमेशा शरीर की सुनिये, अगर बहुत अधिक दर्द हो तो 2 या 3 दिन के लिए आराम कीजिए ताकि वह जोड़ आपस में हेल्‍दी हो सके। 
  • सुबह के समय सूर्य की रोशनी में 15 से 20 मिनट बैठें व आनंद लें। 
  • जोड़ों को कार्यशील रखने के लिए पैदल चलना बहुत अच्‍छा तरीका है। 
  • सोते समय प्रभावित जोड़ को एक्‍स्‍ट्रा गर्मी देने के लिए कवर करके रखें, अगर यह गर्म रहेगा तो जल्‍दी से ठीक हो सकेगा। 

ये योग आसनों के मामूली से अभ्‍यास आपके जोड़ों के सारे दर्द धीरे-धीरे खत्‍म कर सकेंगे। हेल्‍दी रहने के लिए आपको नियमित व पूर्ण समर्पित रहकर अभ्‍यास करना होगा।