जब कभी आप किसी बात पर बहुत खुश होते हैं, तो आपका पहला रिएक्‍शन क्‍या होता है ? या फिर जब आपको किसी काम में जीत हासिल होती है या लोग आपकी तारीफ करते हैं, तो उनका रिएक्‍शन क्‍या होता है? शायद ताली बजाना। यह एक बहुत ही आम प्रैक्टिस है और हर कोई जाने अनजाने में हर दिन किसी न किसी बात पर ताली जरूर बजाता है। अगर आपने अब तक ये बात नोटिस नहीं की है तो जरूर करिएगा और अगर आप ताली नहीं बजाते हैं, तो आज से बल्कि अभी से इसे अपनी हैबिट में शुमार कर लें क्‍योंकि ताली बजाने के एक नहीं अनेक फायदे हैं। 

इन फायदों के बारे में एक्‍ट्रेस भाग्यश्री ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के माध्‍यम से बताया है। भाग्यश्री इस वीडियो में बता रहीं है कि मात्र ताली बजाने से आपके शरीर में कितने सारे अच्छे बदलाव होते हैं, जो आपकी सेहत के लिए किसी चमत्कारी इलाज की तरह होते हैं। 

अगर आप क्‍लैपिंग थेरेपी के फायदों के बारे में जानना चाहती हैं तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ लें।    

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clapping yoga benefits

ताली बजाने से फायदे 

  • जाहिर है ताली क्‍योंकि हाथ से बजती है, तो दोनों हाथों के लिए तो यह अच्‍छी होती ही है, साथ ही पीठ और गर्दन में यदि आपको दर्द रहता है तो ताली बजाने से आपको उसमें राहत मिलेगी। 
  • लो ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी ताली बजानी चाहिए यह उनके लिए एक बहुत ही अच्छी नेचुरल थेरेपी है। 
  • दिल से जुड़ी समस्याओं को कम करने का काम भी ताली बजाने से किया जा सकता है। आपको बता दें कि अगर आप ताली बजाते हैं तो हाथ की हथेली पर मौजूद 29 एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर दबाव पड़ता है। इससे ब्‍लड सर्कुलेशन अच्छा होता है, जो की हार्ट से जुड़ी कई सारी समस्याओं को कम कर देता है।  
  • ताली बजाने से ब्‍लड सर्कुलेशन अच्छा होता है, इसलिए त्वचा में चमक और बालों में मजबूती लाने के लिए भी यह अभ्‍यास अच्‍छा है। 
  • क्‍लैपिंग थेरेपी को इम्‍यूनिटी स्‍ट्रॉन्‍ग बनाने के लिए भी बहुत अच्‍छा माना गया है।
  • अगर बच्‍चों के अंदर नियमित ताली बजाने की प्रैक्टिस डलवाई जाए तो उनकी लिखावट साफ हो जाती है। 
 
 
 
 
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ताली बजाने से कौन से एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं प्रभावित 

  1. ताली बजाने से हैंड वैली प्‍वॉइंट, जो कि अंगूठे और हाथ की सबसे छोटी उंगली के पास होता है वो एक्टिवेट हो जाता है। इससे सेहत को काफी फायदे पहुंचते हैं। 
  2. अंगूठे के अन्‍य सभी एक्यूप्रेशर पॉइंट्स भी ताली बजाने से एक्टिव मोड में आ जाते हैं। 
  3. अंगूठे के साथ नाखून और कलाई के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स भी ताली बजाने से प्रभावित होते हैं। 

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ताली बजाने का सर्वोत्तम समय 

वैसे तो आप पूरे दिन में किसी भी वक्‍त क्‍लैपिंग थेरेपी का अभ्यास कर सकती हैं। मगर इसके लिए बेस्‍ट टाइम सुबह का होता है। आप सुबह उठने के तुरंत बाद 20 से 30 मिनट के लिए ताली बजाएं। ऐसा करने से सोते वक्त ब्‍लड सर्कुलेशन का जो फ्लो धीमा हो जाता है, वह तेज हो जाता है जिससे आपके शरीर में एनर्जी आ जाती है। साथ ही ताली से जो शरीर में झनझनाहट होती है, इससे शरीर का हर अंग एक्टिव हो जाता है। 

नोट- अगर आपको पहले से कोई हेल्थ इशू है तो आपको ताली बजाने का अभ्यास करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करना चाहिए। 

 

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Story Source: Bhagyashree/ Instagram

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