थायरॉयड अपने साथ कई तरह की समस्‍याएं लेकर आता है जैसे वज़न का अचानक से बढ़ने या कम होना, डिप्रेशन, बालों का झड़ना और मूड स्विंग होना। इसलिए ज्‍यादातर महिलाएं इसे कंट्रोल में रखने के उपायों की खोज में रहती हैं। इसलिए आज हम आपके साथ ऐसे 2 योगासन शेयर कर रहे हैं जिसे रोजाना करने से आप इसे आसानी से कंट्रोल करके कई तरह की समस्‍याओं से बच सकती हैं। 

थायरॉयड ग्‍लैंड हार्मोन नामक केमिकल पदार्थों को स्रावित करके शरीर की प्रक्रियाओं को कंट्रोल करता है जो मेटाबॉलिज्‍म और ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह गोल्फ-बॉल आकार के ग्‍लैंड के अंदर हार्मोन के उत्पादन और स्राव को अच्छी तरह से विनियमित किया जाना चाहिए। हालांकि, अगर थायरॉयड ग्‍लैंड में गड़बड़ी है या अगर थायरॉयड हार्मोन का अधिक उत्पादन होता है, तो थायरोट्रोपिन उत्तेजना, हाइपोथायरायडिज्म (थायरॉयड की कमी) या हाइपरथायरायडिज्म (थायरॉयड की अधिकता) से स्वतंत्र होता है।

योग आसन के विज्ञान में दो बहुत ही सरल आसन हैं, जिनका नियमित अभ्यास से आपके थायरॉयड ग्‍लैंड को उत्तेजित करने में मदद मिलती है। इन योगासन के बारे में हमें हमें योगा मास्टर, फिलांथ्रोपिस्ट, धार्मिक गुरू और लाइफस्टाइल कोच ग्रैंड मास्टर अक्षर जी बता रहे हैं। इन योग को आमतौर पर-द कैट-काउ पोज़ के रूप में जाना जाता है, आइए स्‍टेप-स्‍टेप बाई देखें कि इसे कैसे किया जा सकता है।

ऊर्ध्व मुख मार्जरी आसन (कैट पोज)

cat pose inside

  • इसे करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठें। 
  • घुटनों को मोड़कर पैरों पर इस तरह से बैठें कि शरीर का पूरा भार पिंडली की मांसपेशियों पर हो। पीछे की ओर बड़ी पैर की उंगलियों का इशारा हो और एक दूसरे को स्पर्श करें, देखें कि वे एक दूसरे के ऊपर ना हो।
  • पीठ को सीधा रखें, गर्दन खड़ी करें, पेेेट फर्म और केंद्रित रहें। हाथों को घुटनों पर रखें और हथेलियां नीचे की ओर हों। हल्‍के-हल्‍के सांस लें और छोड़ें।
  • इस मुद्रा में आने के बाद जब आप अपने आप को केंद्रित पाती हैं तो हाथों को चटाई पर आगे लाएं।
  • पेल्विक को ऊपर उठाएं ताकि सिर अब फर्श के समानांतर हो। घुटने वैसे ही रखें जैसे वज्र मुद्रा में थे, उन्हें एक दूसरे के अलावा पैर के अंगूठे बाहर कंधे की दूरी पर फैलाएं।
  • यहां पर दृढ़ रहें। अपने ऊपरी शरीर के वजन को कंधों और हथेलियों द्वारा आयोजित करने की अनुमति दें, उंगलियों के बीच मध्यम दूरी रखते हुए बाहर फैलाएं।
  • उंगलियों और चटाई के बीच एक मजबूत पकड़ स्थापित करें। यहां से, एक गहरी श्वास लें - आगे की ओर देखें, अपने कंधे रोटेटर का उपयोग करें और अपने कंधों को आकाश की ओर स्‍ट्रेच करें। 
  • गर्दन और पीठ के ऊपरी हिस्से में स्‍ट्रेच महसूस होना चाहिए। पीठ को इस तरह से आर्क करें कि आप अपने पेट को फर्श की ओर नीचे गिरा दें जितना आप कर सकती हैं।
  • पेल्विक और घुटने भी एक सीध में पंक्तिबद्ध होने चाहिए।
  • गर्दन को पीछे की ओर धकेलते रहें, सांस रोककर रखें, गले और गर्दन की मांसपेशियों पर स्‍ट्रेच महसूस करें।
  • यह देखें कि हाथ अभी भी एक पंक्ति में कंधे से लेकर आपकी कलाई और हथेलियों तक बिल्कुल सीधे हो।
  • कुछ देर इस मुद्रा में रहें। यह ऊर्ध्व मुख मार्जरी आसन (कैट पोज) है।
  • इस आसन को 5 से 10 सेकंड या 10 की गिनती के लिए करें।
  • धीरे-धीरे सांस छोड़ें और सिर नीचे लाएं।

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अधोमुख मार्जरी आसन (काउ पोज़)

cow pose inside

  • इसे करने के लिए अपने कंधे के रोटेटरों का उपयोग विपरीत दिशा में करें, ताकि वे आपके कंधों को फर्श से दूर स्‍ट्रेच करें, जबकि आपकी हथेलियां फर्श पर होनी चाहिए।  
  • अब अपनी पीठ को विपरीत दिशा में इस तरह रखें कि आप अपनी पीठ के साथ कूबड़ बनाते हैं।
  • अपने पेट को अंदर की ओर और सिर को ऊपर की ओर स्‍ट्रेच करें।
  • धीरे-धीरे, अपने निगाहें को नीचे लाएं और अपनी सांसों को पकड़ें।
  • गर्दन के निचले हिस्से से अपने पूरे शरीर में खिंचाव महसूस करें।
  • यह अधोमुख मार्जरी आसन (काउ पोज़) है।
  • इस आसन को 5 से 10 सेकंड या 10 की गिनती के लिए करें।
  • धीरे-धीरे बाहर आकर वज्रासन (वज्र मुद्रा) में बैठें, जहां से आपने शुरुआत की थी। 
  • खुद को रिलैक्‍स करें, नरम श्वास और कुछ गिनती के लिए सांस छोड़ें।
  • यह कैट-काउ पोज़ का एक सेट है, आप धीरे-धीरे सेट अवधि बढ़ा सकते हैं और दोनों को गिन सकते हैं।
  • न्यूनतम 3 सेट, प्रत्येक सेट 7 सेकंड के होल्ड के साथ करें।

सांस लेने की पद्धति

  • श्वास और ऊर्ध्व मुख मार्जरी आसन (कैट पोज) में देखें। सांस छोड़ें और अधोमुख मार्जरी आसन (गाय मुद्रा) में देखें।
  • जब आप वज्रासन में बैठते हैं तो सांस लेते और छोड़ते रहें।

कैट-काउ पोज़ बहुत ही आसान और प्रभावी आसन है। इसे नियमित रूप से करने से आप किसी भी प्रकार के हार्मोनल असंतुलन या थायरॉयड विकार को शुरुआत से पहले ही कंट्रोल कर सकते हैं साथ ही यह योगासन बैलेंस हेल्‍दी जीवन और लाइफस्‍टाल को विनियमित करने की शक्ति रखते हैं। आप भी इन योगासन को करके थायरॉयड को आसानी से कंट्रोल कर सकती हैं। फिटनेस से जुड़ी और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें।