बचपन में दूरदर्शन पर दारा सिंह का एक विज्ञापन काफी फेमस हुआ करता था। 'संडे हो या मंडे रोज़ खाओ अंडे'। यही धारणा हमारी बनी हुई है कि अंडे स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। पर हिंदी की एक कहावत और बहुत फेमस है, 'अति हमेशा नुकसान करती है'। ये जरूरी तो नहीं कि जो हमारी सेहत के लिए अच्छा है वो हर वक्त खाया जाए। जरूरत से ज्यादा तो पानी भी शरीर को नुकसान कर देता है फिर यहां तो अंडों की बात हो रही है। अंडों की तासीर कितनी गर्म है इसके बारे में तो आपको पता ही होगा ऐसे में कितने अंडे खाए जाएं कि शरीर को नुकसान नहीं फायदा ही करें? 

एक ऐसी रिसर्च सामने आई है जो बताती है कि जरूरत से ज्यादा अंडे खाना बहुत नुकसानदेह साबित हो सकता है। ये कोई ऐसी वैसी रिसर्च नहीं है बल्कि अमेरिकन मेडिकल असोसिएशन द्वारा की गई रिसर्च है जो 30 हज़ार लोगों पर की गई है। ये 31 साल तक की उम्र वाले 30,000 वयस्कों पर किया गया है। इस रिसर्च में उनके खाने-पीने की आदतें, लाइफस्टाइल आदि पर भी फोकस किया गया।

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क्या नतीजा होता है ज्यादा अंडे खाने का?

इतने बड़े सैम्पल ग्रुप पर रिसर्च के बाद ये बात सामने आई कि दो से ज्यादा अंडे अगर रोज़ खाए जा रहे हैं तो वो सेहत के लिए नुकसानदेह हैं। खास तौर पर उन लोगों के लिए जो हाई-कोलेस्ट्रॉल वाला खाना खाते हैं। इसका सीधा कारण ये है कि अंडों में भी एक तरह का कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है। भले ही ये गुड-कोलेस्ट्रॉल की श्रेणी में आता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा अगर ये शरीर में रहता है तो इससे समस्याएं होती हैं। जहां तक न्यूट्रीशन का सवाल है वो हमेशा एक तय लिमिट में बैलेस्ड फूड खाने से मिलता है। अगर अंडे पसंद हैं इसका मतलब ये नहीं कि वो लगातार खा लिए जाएं और हर दिन तीन उबले अंडों से ज्यादा या 3-4 अंडों का आमलेट आदि खाया जाए। ये उन लोगों के लिए फिर भी ठीक है जो बहुत ज्यादा वर्कआउट या फिजिकल मेहनत करते हैं, लेकिन अगर कोई ऐसा नहीं है तो उसे समस्या हो सकती है। 

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कितना बड़ा खतरा है दिल को इससे?

एक बड़े अंडे में करीब 200 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल होता है ये उतना ही है जितना 8 ग्राम मीट में होता है। ऐसे में अगर हर रोज़ 400 मिलीग्राम से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल खाया जाएगा तो इससे दिल की बीमारी यानी कार्डियोवस्कुलर बीमारियां होने की 17 प्रतिशत गुंजाइश बढ़ जाता है और जल्दी मृत्यु की 18% गुंजाइश बढ़ जाती है।

कई अंडे एक हफ्ते में खाए जा रहे हैं ये सही माना जा सकता है, लेकिन एक लिमिट तो तय करनी ही होगी न। अगर अंडे ज्यादा खा भी रहे हैं तो कम से कम अंडे का पीला वाला हिस्सा यानी एग योक कम खाएं। सिर्फ एग व्हाइट खाने से भी ये समस्या कम हो सकती है। क्योंकि अंडे का सफेद हिस्सा सिर्फ प्रोटीन से बना होता है और उसमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काफी कम होती है इसलिए ये बेहतरीन डायट सप्लिमेंट हो सकता है, लेकिन अगर ज्यादा योक खा रहे हैं तो यकीनन इससे समस्या बढ़ेगी।

साथ ही, अगर रोज़ाना अंडे नहीं खाते हैं तो ये कहा जाएगा कि एक साथ ज्यादा न ही खाएं। एकदम से अगर अंडे खाने शुरू कर रहे हैं तो धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाएं। वैसे इसका असर कुछ लोगों पर ज्यादा होगा। ऐसे लोग जिनपर खाने-पीने का ज्यादा असर होता है यानि अगर बाहर का खाना खा लें और पेट खराब हो जाए, ऐसे लोगों को अंडों का सेवन कम करना चाहिए और अगर करें भी तो एग व्हाइट पर ध्यान दें। इससे प्रोटीन तो मिलेगा, लेकिन पेट गर्म होने की समस्या खत्म हो जाएगी। 

अंडों को लेकर वैसे तो कई स्टडी की गई हैं। पर लगभग सभी में ये बात जरूर लिखी गई है कि ज्यादा अंडे खाना दिल के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। अगर अंडा सप्लिमेंट के तौर पर डायट में शामिल भी करना है तो उसका सबसे बेहतर तरीका है दो उबले अंडे या दो अंडों के ऑमलेट के अलावा, अंडों और अन्य सब्सियों की सलाद बना ली जाए। अंडो से जुड़ी बेस्ट रेसेपी आपको एक गूगल सर्च पर मिल जाएंगी। 

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सबसे बड़ी बात ये कि ऐसे लोग जिनके घर में दिल की बीमारी से जुड़ी हिस्ट्री रही है उन्हें अपने कोलेस्ट्रॉल सेवन पर ध्यान रखना होगा। ऐसे में अगर किसी इंसान को लगता है कि अंडे खाना सेहत के लिए अच्छा है तो उसे सावधान होना पड़ेगा। दिल की बीमारी होने के कई संकेत हमारा शरीर हमें देता है, लेकिन कई बार हम उसे नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार लोग ये नहीं सोच पाते कि उनकी खाने-पीने की छोटी से छोटी आदत भी उन्हें बहुत नुकसान पहुंचा सकती है। तो अगर आपकी डायट में अंडे अहम हैं तो एक बार फिर अपने डॉक्टर या डाईटीशियन से इसका हल निकाल लें।