गर्मियों का समय आ गया है और इस मौसम में अक्सर हमें डायजेशन की समस्या हो जाती है। ज्यादा मसाला और तेल खाने से बहुत ज्यादा समस्या होती है और पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता। गर्मियों में गैस्ट्रिक ट्रबल आदि भी बहुत होता है। पर क्या आप जानते हैं कि इस समस्या को हल करने के लिए चाय आपकी मदद कर सकती है। जी हां, चाय जो आपकी समस्या से बहुत ज्यादा आराम दिला सकती है, लेकिन ये नॉर्मल दूध वाली चाय नहीं बल्कि बेहतरीन मसाला टी है। 

दरअसल, हम जिस मसाला चाय की बात कर रहे हैं वो तीन खास चीज़ों से मिलकर बनी है जो हमारे किचन में बहुत आसानी से मिल जाते हैं। ये है धनिया के बीज, जीरा और सौंफ। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर दीक्षा भावसार ने इस चाय की रेसिपी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की है। डॉक्टर दीक्षा के मुताबिक ये डायजेस्टिव समस्याओं को हल करने का बहुत अच्छा तरीका हो सकती है। 

ये चाय डिटॉक्सिफिकेशन के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है और इसे सिर्फ इन तीन मसालों को मिलाकर ही बनाया जा सकता है। अगर आपने बहुत ज्यादा मीठा, मसाला या हेवी खाना खा लिया है तो ये चाय आपकी मदद कर सकेगी।

इसे आयुर्वेदिक दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। ये पेट की जलन को ठीक करने में बहुत मदद कर सकती है। शरीर इस चाय के न्यूट्रिएंट्स को एब्जॉर्ब कर टॉक्सिन्स को बाहर निकाल सकता है। 

masala and tea

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शरीर की इन समस्याओं से छुटकारा दिला सकती है ये चाय-

इस मसाला चाय की मदद से शरीर की कई समस्याएं हल हो सकती हैं। जैसे-

    • इससे ब्लोटिंग खत्म हो सकती है
    • इससे पेट में मरोड़ खत्म हो सकती है
    • पेट के दर्द में राहत मिलती है
    • भूख सही लगती है
    • जी मिचलाना और उल्टी जैसी समस्या से आराम मिलता है
    • मेंस्ट्रुअल क्रैम्प्स में मदद करती है
    • ये ब्लड ग्लूकोज लेवल को ठीक रखती है
    • इससे जलन कम होती है
    • मानसिक स्ट्रेस भी कम होता है 
 
 
 
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कैसे बनाई जा सकती है ये मसाला चाय? 

ये बहुत ही आसान रेसिपी है जिसे आप सिर्फ 5 मिनट में बना सकते हैं।  

सामग्री- 

  • 1 चम्मच जीरा
  • 1 चम्मच धनिया के बीज
  • 1 चम्मच सौंफ 

इसे आप 1.5 ग्लास पानी में 5 मिनट के लिए उबालें और फिर इसे छानकर पी लें। आप चाहें तो इसमें स्वाद के लिए थोड़ा सा शहद भी मिला सकते हैं, लेकिन शहद तब मिलाएं जब गैस बंद कर दी हो। शहद को उबालना नहीं है।

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कैसा स्वाद होता है इस चाय का? 

इसका स्वाद बहुत कड़वा नहीं होता और इसलिए लोगों को इसे पीने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। इसे सुबह खाली पेट या फिर खाना खाने के 1 घंटा पहले या 1 घंटा बाद में पिया जा सकता है। ये चाय बहुत ही फायदेमंद है और जिन लोगों को डायजेस्टिव समस्याएं हैं उनके लिए तो ये काफी मददगार साबित होगी। 

ध्यान रहे कि आयुर्वेदिक नुस्खे कई लोगों को सूट नहीं करते हैं और अगर आपको इनमें से किसी इंग्रीडियंट से एलर्जी है। पेट की कोई गंभीर समस्या है या फिर किसी अन्य बीमारी का इलाज करवाया जा रहा है तो आप अपने डॉक्टर से सलाह के बाद ही इसे ट्राई करें। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।