जहां तक केले की बात है तो शायद हर घर में हर सीजन में केला जरूर आता है और इस फल को लेकर हमेशा ही कई भ्रांतियां होती हैं। जैसे केला वो फल है जो बहुत मीठा होता है तो लोगों को लगता है कि इससे तो वजन बढ़ सकता है और भी पता नहीं क्या-क्या। कई रिसर्च कहती हैं कि फल और सब्जियों को खाने से आपकी कमर पतली हो सकती है और बेली फैट कम हो सकता है, लेकिन केले में तो पहले से ही हाई कार्ब्स होते हैं तो क्या ये फल भी हमारे लिए फायदेमंद है?

वैसे केला बाकी फलों के मुकाबले कैलोरी में ज्यादा होता है, लेकिन अगर हम अपना कैलोरी काउंटर देखें तो अधिकतर लोग जंक फूड के कारण उतनी कैलोरी भी नहीं ले पाते हैं जितनी उन्हें चाहिए और मोटापा बढ़ता चला जाता है। ये अधिकतर लोगों की समस्या बनती चली जा रही है। पर क्या इस समस्या का हल केला बन सकता है?

केले में मौजूद कैलोरी और फाइबर-

एक मीडियम साइज केले में 105 कैलोरी, 27 ग्राम कार्ब्स, 3 ग्राम फाइबर, 14 ग्राम नेचुरल शक्कर भी होती है। इसलिए केला आपके लिए बाकी फलों की तुलना में ज्यादा फिलिंग हो सकता है और साथ ही साथ आपके पेट की चर्बी के लिए भी अच्छा हो सकता है। 

swati bathwal banana fat

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दरअसल, इसके पीछे का लॉजिक ये है कि अगर शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैलोरी, न्यूट्रिएंट्स, फाइबर आदि मिलेंगे जो उसे चाहिए तो वो फैट को स्टोर नहीं करेगा। 

केला किस तरह से हमारे बेली फैट को कम करने के लिए असरदार हो सकता है ये जानने के लिए हमने एक्सपर्ट डाइटीशियन, न्यूट्रिशनिस्ट और डायबिटीज एजुकेटर स्वाति बथवाल से बात की। स्वाति जी ने हमें बताया की सीधे तौर पर नहीं, लेकिन इंडायरेक्टली केले से फैट कम हो सकता है और ये हमारे शरीर में फ्लूइड रिटेंशन को कम करने में मदद करता है। 

पोटैशियम से कम होता है फ्लूइड रिटेंशन- 

स्वाति बथवाल के मुताबिक केला फ्लूइड रिटेंशन को कम कर एक्ट्रा ब्लोटिंग और सूजन को कम करता है। दरअसल, केले में सबसे अधिक मात्रा में पोटैशियम होता है। जब शरीर में एक्स्ट्रा फ्लूइड जमा होकर सूजन या ब्लोटिंग का रूप ले लेता है तो पोटैशियम उसे कम करता है। 

banana for fat

वेट लॉस के लिए केला ऐसे करता है मदद- 

- एक्सपर्ट के मुताबिक केले में कम GI कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं जिससे भूख लगना कम होती है। 

- इसके साथ ही ये प्रीबायोटिक्स में भी भरपूर होते हैं। प्रीबायोटिक्स फूड्स से ब्लोटिंग कम होती है और हेल्दी गट बैक्टीरिया बढ़ता है जिससे आंतें साफ होती हैं और डाइजेशन की समस्या नहीं होती। 

- केले में हेल्दी फाइबर होता है जिससे शरीर कार्बोहाइड्रेट्स को एब्जॉर्ब नहीं करता है। इससे शरीर फैट को एनर्जी के तौर पर जलाता है। अगर कार्बोहाइड्रेट्स को फैट के तौर पर एब्जॉर्ब कर लिया जाएगा तो फैट की जगह वो जलेंगे और फैट कम नहीं होगा। 

- इससे आपका पेट पतला होता है क्योंकि इससे ब्लोटिंग काफी हद तक कम होती है।  

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फ्लैट बेली के लिए कैसे खाएं केला? 

न्यूट्रिशनिस्ट स्वाति बथवाल ने हमें बताया कि आखिर केला खाया कैसे जाए जिससे फैट कम हो और हमें केले का भरपूर फायदा मिले।  

- खाली पेट या फिर खाने के पहले 1 केला खाएं।

- दिन में 1 केला ही काफी है। बहुत ज्यादा खाने की कोशिश न करें। 

- देसी केला खाएं न कि cavendish को अपनी डाइट में शामिल करें।

- देसी वेराइटी का केला ही सबसे अच्छा होता है। हाइब्रिड के चक्कर में न पड़ें। 

-  केले के फूल और पत्तियों में बहुत से स्वास्थवर्धक फायदे होते हैं। इन्हें भी अपनी डाइट में शामिल करें।  

तो अब आप जान ही गई होंगी कि एक केला अपनी डाइट में शामिल करना कितना फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।