यूरिन करते हुए महसूस होता है दर्द तो पिएं ये आयुर्वेदिक ड्रिंक

महिलाओं को यूटीआई (यूरिन ट्रेक्ट इंफेक्शन) होने का अधिक खतरा होता है जो शरीर में दूसरा सबसे आम इंफेक्शन है। विशेषज्ञों का कहना है कि 2 में से 1 महिला को कम से कम एक बार इसके होने का जोखिम होता है। यूरिनरी ट्रेक्ट इन्फेक्शन आपके किडनी, ब्लैडर, यूरिन मार्ग को प्रभावित कर सकता है और इसके अनुसार लक्षण अलग-अलग होंगे।
ब्लडैर इंफेक्शन के मामले में, आपको यूरिन करने की आवश्यकता महसूस हो सकती है या यूरिन करते समय दर्द महसूस हो सकता है। पेट के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है। किडनी में इंफेक्शन के मामले में, बुखार, ठंड लगना, मतली, उल्टी हो सकती है जबकि ब्लैडर के मामले में यूरिन करने पर डिस्चार्ज और जलन हो सकती है।
आयुर्वेद यूटीआई के लक्षणों से राहत देने और समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए दीर्घकालिक इलाज प्रदान करता रहा है। आइए देखें कि आयुर्वेद इस स्थिति का इलाज कैसे कर सकता है और लक्षणों को खत्म करने में मदद करने वाले उपाय के बारे में भी आर्टिकल के माध्यम से विस्तार से जानते हैं-
यूरिन इंफेक्शन और आयुर्वेद
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आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार यूरिन इंफेक्शन आमतौर पर पित्त दोष के असंतुलन के कारण होता है। पित्त दोष पाचन विकारों और उससे जुड़े कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है। यूरिन इन्फेक्शन वाले ज्यादातर लोग शुरुआत में कुछ ज्यादा तीखा या खट्टा खाते हैं। यह अल्कोहल लेने, यूरिन करने की अपनी इच्छा को दबाने, आपके शरीर में तरल पदार्थ को लंबे समय तक बनाए रखने आदि के कारण भी हो सकता है।
हालांकि, इसका इलाज दवाओं से किया जा सकता है लेकिन कई लोग आयुर्वेदिक नुस्खों पर भरोसा करते हैं। अगर आपके मन में भी यह सवाल है कि क्या यूटीआई एंटीबायोटिक्स के बिना इलाज संभव है? तो हम आपको बता दें कि ऐसा हो सकता है। यह आयुर्वेदिक योगों और विशिष्ट आयुर्वेदिक व्यंजनों के साथ संभव है। इस नुस्खे की जानकारी हमारे साथ आयुर्वेदिक एक्सपर्ट जीतूंचदन जी ने शेयर की है।
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सामग्री

- नारियल पानी
- किशमिश
- आंवला पाउडर
- मिश्री
विधि
- इन सभी चीजों को एक साथ मिला दें।
- फिर इसका सेवन करें।
नारियल पानी, किशमिश और आंवला ही क्यों?
- नारियल पानी शरीर को अंदर से हाइड्रेट करता है और पेट को ठंडा करके इंफेक्शन से बचाता है। नारियल पानी एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक है, इसलिए यह आपको अधिक बार यूरिन करके बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद करता है।
- आंवला में बड़ी मात्रा में विटामिन-सी होता है जो ब्लैडर इंफेक्शन के इलाजमें बहुत प्रभावी होता है।
- किशमिश में घुलनशील गुआनाइलेट साइक्लेज होता है, जो चक्रीय ग्वानोसिन मोनोफॉस्फेट (cGMP) बनाने के लिए जिम्मेदार होता है। यह पदार्थ हमारे यूरिन का एक घटक है, लेकिन यह श्वेत रक्त कोशिकाओं का भी एक घटक है। इसलिए, जब यह पदार्थ किडनी में टूट जाता है, तो यह इम्यून सिस्टम को उत्तेजित कर सकता है और यूरिन ट्रेक्ट के कई इंफेक्शन को रोक सकता है।
यह उन आयुर्वेदिक नुस्खों में से एक है जो इलाज के दूसरे चरण के दौरान रोजाना लेने की सलाह दे जाती है। यह यूरिन के दौरान जलन और दर्द को ठीक करने में अद्भुत काम करता है। ड्रिंक को रात भर रखा जाना चाहिए और सुबह इसे पीना चाहिए।
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आप भी इस नुस्खे से यूटीआई से राहत पा सकती हैं। इस आर्टिकल को शेयर और लाइक जरूर करें, साथ ही कमेंट भी करें। स्वास्थ्य सलाह से जुड़े ऐसे ही और आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit: Freepik
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