बॉलीवुड की कुछ एक्‍ट्रेसेस ऐसी भी हैं जो बढ़ती उम्र के साथ और भी ज्‍यादा जवां और खूबसूरत दिखाई देती हैं। इन एक्‍ट्रेसेस में मलाइका अरोड़ा से लेकर शिल्‍पा शेट्टी और काजोल तक के नाम शामिल हैं। इन एक्‍ट्रेसेस को देखकर कोई भी इनकी असली उम्र का अंदाजा नहीं लगा सकता है। इनकी खूबसूरती को देखकर हर महिला इनकी तरह जवां त्‍वचा पाना चाहती है। अगर आप भी ऐसी ही महिलाओं में से एक हैं तो इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें। इस आर्टिकल के माध्‍यम से आयुर्वेदिक एक्‍सपर्ट अबरार मुल्‍तानी जी हमें कुछ जड़ी-बूटियों के बारे में बता रहे हैं जो बढ़ती उम्र को थामने में आपकी मदद कर सकती हैं।  

बढ़ती उम्र के साथ ही किसी के भी शरीर में कई तरह के बदलाव दिखाई देने लगते हैं। त्‍वचा पर झुर्रियां और सफेद बाल उम्र बढ़ने के कुछ लक्षण हैं। हालांकि कोई भी इन परिवर्तनों से बच नहीं सकता है, लेकिन सही खान-पान, एक्‍सरसाइज के साथ ही किचन में मौजूद चीजों और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के माध्यम से निश्चित रूप से इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। आयुर्वेद को प्रकृति के नियमों में जीने की कला के रूप में जाना जाता है। यह हेल्‍थ और हीलिंग का एक प्राचीन प्राकृतिक ज्ञान है। किसी बीमारी के लिए आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट व्यक्ति के तीन दोषों यानि वात, कफ और पित्त दोष पर केंद्रित होता है और यह इन तीनों दोषों के बीच एक सही बैलेंस बनाए रखने में विश्वास करता है। यह हेल्‍दी और जवां रहने का सीक्रेट है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे कोशिकाओं के पतन की प्रक्रिया को उम्र बढ़ने के रूप में जाना जाता है।

आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियों है जो शरीर की कोशिकाओं को पुनर्जीवित करके उम्र बढ़ने के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती हैं। अधिकांश जड़ी-बूटियों में विभिन्न एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर में फ्री रेडिकल्‍स को नुकसान पहुंचाने वाले सेल के विकास को रोकते हैं। आइए ऐसी ही कुछ खास जड़ी-बूटियों के बारे में जानते हैं।

एक्‍सपर्ट की राय

आयुर्वेदिक एक्‍सपर्ट अबरार मुल्‍तानी जी का कहना है कि ''हाल के दिनों में आयुर्वेद के एंटी-एजिंग सिद्धांत कॉस्‍मेटिक-इंडस्ट्री में महत्व प्राप्त कर रहे हैं। दोष संतुलन त्वचा की हेल्थ में एक केंद्रीय स्थान रखता है- कफ संतुलन द्वारा इष्टतम नमी संतुलन, पित्त संतुलन द्वारा त्वचा की हार्मोनल प्रतिक्रियाओं की रोकथाम और वात संतुलन त्वचा में ब्‍लड और पोषक तत्वों के कुशल संचलन को सुनिश्चित करता है। आयुर्वेद उम्र बढ़ने के संकेतों को उलटने और हेल्‍दी और जवां त्वचा को बढ़ावा देने में मदद करता है।''

इसे जरूर पढ़ें: ब्रेस्ट कैंसर का जल्द पता कैसे लगाएं? एक्‍सपर्ट से जानें

आंवला

amla for young skin inside

आंवला विटामिन सी का एक उत्कृष्ट स्रोत है और इसमें अद्भुत एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं। यह हमारी हेल्‍थ के लिए कितना अच्‍छा होता है यह बात हमें आपको बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि इसके सेवन से आप अपनी बढ़ती उम्र को भी रोक सकती हैं। यह फ्री रेडिकल्‍स से होने वाले नुकसान को रोकने और त्वचा की बनावट और ग्‍लो में सुधार करके त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को रोकने में मदद करता है।

कैसे करें उपयोग

आंवला के भरपूर फायदे पाने के लिए इसे अपनी डाइट में शामिल करें। जी हां ग्लोइंग और हेल्‍दी त्वचा और बालों के लिए रोज सुबह एक कप आंवला जूस पिएं।

मोरिंगा

moringa for young skin inside

मोरिंगा में मौजूद डिटॉक्सिफाइंग गुणों के कारण यह एंटी-एजिंग के रूप में काम करता है। साथ ही मोरिंगा मुंहासों को नियंत्रित करने और ब्लेमिश और हाइपरपिगमेंटेशन से लड़ने में मदद करता है। अगर आप त्‍वचा से जुड़ी इन सभी समस्‍याओं को दूर भगाना चाहती हैं तो इसे अपनी डाइट में शामिल करें। इसके अलावा इसका इस्‍तेमाल आप फेस पैक के रूप में भी कर सकती हैं।

कैसे करें इस्तेमाल

सूखे मोरिंगा पाउडर से बने फेस पैक को लगाने से झुर्रियों, झाइयों और मुंहासों का इलाज किया जा सकता है।

अश्वगंधा

ashwagandha for glowing skin inside

अश्वगंधा एक सुपरफूड है जो तेजी से कोशिका पुनर्जनन और कायाकल्प में मदद करता है। यह त्वचा की दृढ़ता और कोमलता को बढ़ावा देकर त्वचा के भीतर कोलेजन को बढ़ाने में भी मदद करता है।

कैसे करें इस्तेमाल

रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध को अश्वगंधा, सूखे मेवे और नट्स के साथ पिएं।

Recommended Video

नीम

neem for young glowing skin inside

नीम में उत्कृष्ट एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं और यह त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार के लिए सबसे अच्छी जड़ी बूटियों में से एक है। नीम कोलेजन को नेचुरली बढ़ाने में मदद करता है, झुर्रियों का इलाज करता है और ट्रांस-एपिडर्मल वाटर लॉस को भी रोक सकता है।

इसे जरूर पढ़ें: ये 4 आयुर्वेदिक हर्ब्‍स त्‍वचा पर लगाएंगी तो ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट्स को भूल जाएंगी

   

कैसे करें इस्तेमाल

नारियल के तेल जैसे कैरियर ऑयल को नीम के तेल में मिक्‍स करके त्‍वचा की मालिश करें। आप नीलगिरी के तेल के साथ नीम के पत्तों का पेस्ट मिलाकर भी लगा सकती हैं।

इन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों को अपनी डाइट में शामिल करके आप भी बढ़ती उम्र को थाम सकती हैं। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

Image Credit: Freepik.com