हमारे किचन में कई ऐसी चीज़ें होती हैं जिन्हें रोज़ाना इस्तेमाल करने की आदत हमें हो गई है। उदाहरण के तौर पर रोज़ाना प्लास्टिक की बोतल में पानी पीना, एल्युमिनियम की कढ़ाई में खाना बनाना, रिफाइंड तेल में तली हुई चीज़ें खाना आदि हमें सामान्य बात लगती है, लेकिन अगर ध्यान दिया जाए तो ये आदतें स्वास्थ से जुड़ी कई समस्याओं का कारण बन सकती हैं। आपको शायद इसका अंदाज़ा भी नहीं होगा कि रोज़ाना इस्तेमाल करने वाली चीज़ें आपकी सेहत पर कितना खराब असर कर रही हैं। 

पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशनिस्ट और डायबिटीज एजुकेटर स्वाति बथवाल से हरजिंदगी ने इस बारे में बात की। स्वाति जी का कहना है कि किचन की ऐसा 5 खास चीज़ें होती हैं जिन्हें हमें अपने किचन से निकाल देना चाहिए या अगर निकाल न पाएं तो भी उनका इस्तेमाल काफी कम कर देना चाहिए। 

1. किचन से कम करें प्लास्टिक-

स्वाति जी का कहना है कि आपको सबसे पहले प्लास्टिक का इस्तेमाल अपने किचन से कम कर देना चाहिए। प्लास्टिक की पानी की बोतल और कंटेनर आदि सेहत को जरूरत से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं। किचन प्लास्टिक में BPA होता है जिसे एक खतरनाक केमिकल माना जाता है। पानी और खाने में प्लास्टिक के टॉक्सिन्स आ जाते हैं जिससे धीरे-धीरे सेहत पर असर होने लगता है। 

  • प्लास्टिक में मौजूद BPA से दिल और दिमाग की परेशानी के साथ हार्मोनल समस्याओं की परेशानी बढ़ती है। 
  • किसी भी तरह के खाने को प्लास्टिक में स्टोर करने से उसकी खुशबू में बदलाव आता है। 
  • प्लास्टिक में ज्यादा खाना स्टोर करने से लोअर बेली फैट बढ़ता है।
  • बच्चों में ये केमिकल ज्यादा जाता है तो चाइल्डहुड ओबेसिटी होती है। 
  • पुरुषों में ये फर्टिलिटी की समस्या पैदा कर सकता है। 
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2. एल्युमिनियम का इस्तेमाल करें बहुत कम-

इस चीज़ के बारे में सुनकर शायद आपको थोड़ा सा अजीब लगे क्योंकि कढ़ाई से लेकर भगोने तक एल्युमीनियम का इस्तेमाल किचन में किया जाता है। ये सस्ता होता है इसलिए इसे चर्चित माना जाता है और अधिकतर घरों में ये होता है पर इसका होना शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। 

  • एल्युमीनियम में खाना पकाने पर एल्युमीनियम ऑक्साइड बनता है जिससे पेट की समस्याएं होती हैं। 
  • एल्युमीनियम कुछ एसिडिक फूड्स के साथ रिएक्ट करता है जो एसिडिटी पैदा कर सकते हैं। 
  • कई तरह के खाने के साथ इसका रिएक्शन टॉक्सिक होता है। 
  • एल्युमीनियम की जगह कुकर, कढ़ाई, भगोनी आप स्टील या लोहे के इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  • आप किचन टॉवल, किचन टिशू आदि का इस्तेमाल करें। एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा खराब हो सकता है।  
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3. खुले हुए पिसे मसालों से करें तौबा- 

अगर आप चाहते हैं कि आपके शरीर में न्यूट्रिएंट्स ज्यादा जाएं और शरीर में बीमारी खत्म हो तो मसालों को ताज़ा ही रखें। ज्यादा दिनों तक खुले हुए मसाले फेंक दें।  

  • 1 महीने से ऊपर खुले मसाले खराब होने लगते हैं। 
  • आप छोटे-छोटे पैकेट्स में मसाले लाएं। 
  • अगर आप घर में मसाले (खासतौर पर गरम मसाला) भूनकर उनका इस्तेमाल कर सकती हैं तो ये सबसे अच्छा होगा।
  • मसालों के खुले पैकेट बिल्कुल इस्तेमाल न करें। 
  • घर में जीरा, धनिया, हल्दी आदि खुद भूनना काफी अच्छा साबित हो सकता है। 
  • मसाले या तो स्टील या फिर बोन चाइना (सिरेमिक या चीनी मिट्टी) के बर्तनों में रखें। 
  • कांच के बर्तनों को भी स्टोरेज के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।  
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4. माइक्रोवेव का इस्तेमाल कम से कम करें- 

खाना गर्म करने के लिए भी आजकल हम माइक्रोवेव का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा कर रहे हैं। इसे जितना हो सके उतना कम कर दें क्योंकि इसे उतना साफ नहीं किया जा सकता है और साथ ही साथ इसमें जरूरत से ज्यादा हीट पैदा होती है जो अलग-अलग तरह के केमिकल्स पेट में जाने का कारण बन सकती है।  

  • 180 डिग्री से ऊपर फैटी चीज़ें एक तरह का कार्बन बनाती हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। 
  • माइक्रोवेव में खाना गर्म करना सेहत के लिए उतना अच्छा नहीं होता। 
  • माइक्रोवेव में प्लास्टिक तो बिल्कुल इस्तेमाल न करें। 
  • माइक्रोवेव में बार-बार एनिमल फैट का इस्तेमाल न करें। यानी चिकन, अंडे, मीट आदि को अगर आप जरूरत से ज्यादा माइक्रोवेव में बनाएंगे तो ये ज्यादा फैट पैदा करेगा और ये लोअर बेली के लिए अच्छा नहीं है।  

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5. रिफाइंड ऑयल को कहें ना- 

रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल आजकल जितना बढ़ गया है ये उतना ही खराब है हमारे शरीर के लिए। अगर आपको कोलेस्ट्रॉल आदि की समस्या है तो आप रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल न करें। रिफाइंड ऑयल में सिंगल बॉन्ड होता है जो हीट करने पर टूट जाता है और ये न्यूट्रिशन नहीं देता बल्कि शरीर को फैट देता है और कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का कारण हो सकता है।  

  • रिफाइंड ऑयल की जगह सरसों का तेल, मूंगफली का तेल या घी ज्यादा बेहतर होगा। 
  • डालडा को भी इस्तेमाल करना बंद करें। 
  • अगर कोलेस्ट्रॉल आदि की दिक्कत है तो हेल्दी तेल बदल-बदल कर खाएं।  

ये सारी चीज़ें आप अगर रोज़ाना में इस्तेमाल करती हैं तो इन्हें थोड़ा-थोड़ा कर कम करने की कोशिश करें। ऐसा करने से आपकी सेहत पर धीरे-धीरे सुधार आने लगेगा। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।