आयुर्वेद और नैचरोपैथी में मिट्टी को बहुत ही शुद्ध और औषधिक गुणों से भरपूर माना गया है। मिट्टी में कई सारी बीमारियों का इलाज छुपा हुआ है। विदेशों में भी यह मड थेरिपी के नाम से प्रचलित है वहीं भारत में इसे ‘मिट्टी की पट्टी’ कहा जाता है। इस बारे में नैचरोपैथ डॉक्टर गणेशलाल मूंधड़ा की किताब ‘बातें प्राकृतिक चिकित्सा की’ के चैप्टर ‘मिट्टी की पट्टी’ में लिखा है कि, ‘मिट्टी और जल का सम्मिश्रण शीतलता भी प्रदान करता है। अत: मिट्टी की पट्टी के जिस भाग पर भी लगाई जाती है, उस स्थान से विकारों का शोषण कर लेती है तथा जलयुक्त होने के कारण उस अंग से ताप का भी हरण हो जाता है।’ इसका आशय है कि मिट्टी ठंडी होती है और शरीर के जिस भाग पर भी लगाई जाती है, वहां की हर बीमारी दूर हो जाती है और टैम्प्रेचर भी कम हो जाता है। मगर इसे तैयार करने की एक विशेष विधि होती है। इस किताब में यह विधि भी बताई गई है। 

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सामग्री 

  • 1-2 दिन की भिगोई गई मिट्टी 
  • पट्टी के उपर लपेटने के लिए उनी कपड़े की पट्टी 
  • मिट्टी को लगाने के लिए लकड़ी का करछुल, गर्म पानी की थैली। 

विधि 

  • सबसे पहले आपको किसी खेत या तालाब की साफ मिट्टी को कूटना है और फिर छानकर मिट्टी को भिगो देना है। 
  • इसके बाद आपको एक बारीक कपड़े को लकड़ी के करछुल में बांध कर मिट्टी निकालनी है और बिना हाथ लगाए कपड़े से ही थपथपा कर पट्टी बनानी है। 
  • यह पट्टी इतनी चौड़ी होनी चाहिए कि पेट पर नाभी से लेकर पेडू तक पहुंच सके। यानि पट्टी की लंबाई पूरे पेट को ढांकने जितनी होनी चाहिए। अगर आपको पेट के स्थान पर किसी और जगह इसका इस्तेमाल करना है तो इसके लिए आपको उसके साइज की पट्टी लेनी चाहिए। 
  • आपको पट्टी लगाने से पहले पेट की या उस स्थान की जहां आप पट्टी लगाने जा रही हैं, उसकी गर्म पानी की थैली से सिकाई करनी चाहिए। इसके बाद आपको मिट्टी की पट्टी को ऐसे लगाना है कि वह सीधे त्वचा के संपर्क में आए। 
  • इसके बाद पट्टी पर उनी कपड़े की पट्टी लगा दें। इससे पट्टी शरीर के ताप के बराबर गरम हो जाएगी। इस पट्टी को 45 मिनट के लिए वहां लगा रहने दें। इसके बाद आपको पट्टी हटाकर उस स्थान को गीले कपड़े से पोछना होगा। इससे आपको बहुत फायदे होंगे। 
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मिट्टी की पट्टी के लाभ 

  • आप मिट्टी की पट्टी को सिर पर तथा फोड़ो-फुंसियों पर लगा सकती हैं। इससे आपकी यह समस्या दूर हो जाएगी साथ ही आपकी त्व्चा पर फोड़ो फुंसियों के दाग को भी मिट जाएंगे। 
  • अगर आपके घर में किसी को बुखार है तो आपको उसे मिट्टी की पट्टी का ट्रीटमेंट देना चाहिए। मगर, ध्यान रखें कि जब रोगी को शुरुआत में बुखार आए तो उसे मिट्टी की पट्टी का ट्रीटमेंट न दें। 
  • अगर आपको चोट लग गई है और लगातार वहां से खून बह रहा है तो आपको वहां पर मिट्टी की पट्टी लगा देनी चाहिए खुन का बहाव रुक जाएगा। पुराने जख्म को ठीक करने के लिए मिट्टी की पट्टी बहुत ही असरदार होती है। 
  • गर्मियों के मौसम में अगर आपको या बच्चों को घमौरियां हो गई हैं तो आपको अपनी बॉडी में मिट्टी की पट्टी लगा कर कुछ देर के लिए धूप में बैठ जाना चाहिए और जब मिट्टी सूख जाए तो नहा लेना चाहिए। ऐसा करने से केवल 3 दिन में घमौरिया दूर हो जाएंगी। 
  • जिन लोंगों के सिर में रूसी हो जाती है, वह लोग सप्ताह में कम से कम 3 बार मिट्टी से सिर को धोएं। इससे सिर से रूसी पूरी तरह से साफ हो जाती है।