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स्टीमर या प्रेस, जानिए किस फैब्रिक के लिए किसका करें इस्तेमाल

स्टीमर या प्रेस में से किसी एक का चयन करने से पहले आपको इनके बीच के अंतर के बारे में भी जान लेना चाहिए।
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  • Mitali Jain
  • Editorial
Published -23 Jun 2022, 13:36 ISTUpdated -26 Jun 2022, 10:27 IST
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iron cloth

कपड़ों से व्यक्ति की पर्सनैलिटी का अंदाजा लगाया जाता है। आमतौर पर, व्यक्ति को केवल साफ-सुथरे कपड़ों को ही नहीं पहनना चाहिए, बल्कि उसका रिंकल फ्री होना भी उतना आवश्यक है। अमूमन कपड़ों पर मौजूद रिंकल्स को दूर करने के लिए घरों में प्रेस या आयरन का इस्तेमाल किया जाता है। इसे ही सबसे बेस्ट तरीका माना जाता है कपड़ों को रिंकल फ्री बनाने का। हालांकि, हर फैब्रिक के लिए आयरन का इस्तेमाल करना उचित नहीं होता, क्योंकि हाई हीट डेलीकेट कपड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है।

ऐसे में काम आता है स्टीमर। स्टीमर भी कपड़ों को रिंकल फ्री बनाने में मदद करते हैं। हालांकि, स्टीमर भी केवल कुछ खास तरह के फैब्रिक पर प्रभावी होते हैं। इसलिए इन दोनों से किसी को भी चुनने से पहले आपको इनके बारे में पर्याप्त व सही जानकारी होनी आवश्यक है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको स्टीमर व आयरन के बीच के अंतर के बारे में बता रहे हैं-

स्टीमर के फायदे व नुकसान

steamer

स्टीमर का इस्तेमाल करने के अपने कई फायदे व नुकसान हैं। जो कुछ इस प्रकार हैं-

  • स्टीमर का इस्तेमाल करते समय स्टीम की मदद से कपड़ों को रिंकल फ्री बनाया जाता है। यह इस्तेमाल करने में आसान होते हैं और इसके लिए आपको आयरन बोर्ड की आवश्यकता नहीं होती है। 
  • स्टीमर का एक लाभ यह है कि इसमें आयरन की अपेक्षा कपड़ों को नुकसान होने की संभावना काफी कम होती है। हालांकि, स्टीमर क्रिस्प प्लीट्स, कफ्स, क्रीज़ और हेम्स बनाने में उतने प्रभावी नहीं हो सकते हैं।
  • यूं तो यह अधिक फैब्रिक को आयरन कर सकते हैं, लेकिन कॉटन जैसे फैब्रिक से रिंकल्स निकालने में अधिक समय लगता है। 
  • अगर आप डेलीकेट फैब्रिक जैसे सिल्क, साटन, कश्मीरी आदि को घर पर ही रिंकल फ्री बनाना चाहती हैं तो ऐसे में स्टीमर काफी अच्छी तरह काम करते हैं, क्योंकि इससे कपड़ो के जलने का डर नहीं रहता है। साथ ही, यह फैब्रिक के सीधे संपर्क में भी नहीं आते हैं। 
  • स्टीमर आमतौर पर लगभग 200 से 400 डिग्री तक भाप उत्पन्न करने के लिए पानी को गर्म करते हैं। हाई सेटिंग्स वूलन और कॉटन फैब्रिक के लिए अच्छी मानी जाती है। जबकि कूलर सेटिंग्स का उपयोग अधिक नाजुक कपड़ों पर किया जाता है।

आयरन के फायदे व नुकसान

ironing

  • आयरन भी कपड़ों को रिंकल फ्री बनाने में मदद करते हैं। लेकिन इसमें प्रेस कपड़ों के सीधे संपर्क में आती है। आज के समय में अधिकतर आयरन में इनबिल्ड स्टीम फीचर्स भी आता है, जो कपड़ों पर अधिक बेहतर तरीके से काम करते हैं। 
  • अगर आप वूलन या डेनिम जैसे फैब्रिक से रिंकल्स को हटाना चाहती हैं तो ऐसे में आयरन का इस्तेमाल करना अच्छा विचार हो सकता है। स्टीम आयरन का उपयोग करने से आप प्लीट्स व क्रीज को तैयार किया जा सकता है। 
  • वहीं, कॉटन कपड़ों के लिए भी आयरन का इस्तेमाल करना अच्छा माना जाता है। हालांकि, डेलीकेट कपड़ों को आयरन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे इनके जलने का डर काफी बढ़ जाता है। 
  • यूं तो आयरन काफी हैंडी होते हैं और इन्हें अलमारी में आसानी से रखा जा सकता है। लेकिन आयरन करते हुए आपको एक इस्त्री बोर्ड की आवश्यकता होगी। 
  • पॉलिएस्टर, विस्कोस या रेयान जैसे सिंथेटिक सामग्री से बने कपड़ों पर आयरन का उपयोग करते समय हीटिंग के निर्देशों का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
 

तो अब आपको भी इन दोनों के बीच का अंतर समझ आ गया होगा और अब आप अपने कपड़ों के फैब्रिक के अनुसार सही टूल का चयन कर पाएंगी। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकीअपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।  

Image Credit- freepik, pexels

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