कैसे करें कपड़े की पहचान? क्या आप जानते हैं इन 10 तरह के फैब्रिक के बारे में?

अगर आपको अलग-अलग तरह के फैब्रिक की पहचान करनी है तो ये स्टोरी आपके बहुत काम आ सकती है।
how to recognize fabric

एक बात जिसे हर किसी को समझना चाहिए वो ये है कि आपकी स्किन पर कौन सा कपड़ा सूट करता है और किस तरह के कपड़े को कैसी केयर चाहिए। अगर मैं अपनी बात करूं तो मुझे स्पैंडेक्स मिक्स (spandex) कपड़े से एलर्जी है और बहुत मुश्किल से इस कपड़े की पहचान मुझे हो पाई है। ये अधिकतर स्पोर्ट्स वियर में देखने को मिलता है और कई लोगों को इससे एलर्जी हो जाती है। अगर किसी को कपड़े खरीदने जाना है तो वो अधिकतर अपने हाथों से कपड़े की पहचान करता है, लेकिन अगर तब भी समझ न आए तो? आज हम आपको कुछ आम फैब्रिक और उन्हें पहचानने के तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं।

सबसे पहले तो आपको ये जान लेना चाहिए कि फैब्रिक मुख्यत: दो तरीके के होते हैं। नेचुरल और सिंथेटिक। नेचुरल फैब्रिक मतलब पौधों या जानवरों से आने वाला फैब्रिक जैसे कॉटन या सिल्क और सिंथेटिक मतलब पूरी तरह से कृत्रिम फैब्रिक जिसे इंसान ने बनाया है।

तो चलिए जानते हैं अलग-अलग फैब्रिक्स के बारे में-

 

1कॉटन-

cotton fabric

सबसे ज्यादा कॉमन फैब्रिक कॉटन होता है, लेकिन इसमें भी तरह तरह के फैब्रिक मिक्स कर इस्तेमाल किया जाता है। अगर देखा जाए तो प्योर कॉटन मैनेज करना मुश्किल होता है, लेकिन ये उन फैब्रिक्स में से एक है जो स्किन के लिए ज्यादा बेहतर होगा।

कैसे पहचानें?

-कॉटन सॉफ्ट नेचुरल फैब्रिक होता है और लाइट टेक्सचर वाला होता है।

-ये आसानी से सिकुड़ने वाला फैब्रिक होता है।

-कॉटन को आसानी से ड्रेप नहीं किया जा सकता है और अगर इसे डाई किया गया है तो इसका रंग बहुत बार छूटता है।

-प्योर कॉटन बहुत हेवी तापमान सह सकता है, लेकिन इसे प्रेस करने के लिए पानी की जरूरत हो सकती है।

-ये फैब्रिक फूला-फूला दिखता है इसलिए कॉटन साड़ियां आसानी से मैनेज नहीं हो पाती हैं।

2वूल-

wool fabric

ये काफी हेयरी फैब्रिक होता है और ये आपको गर्म भी रखता है। वूल में भी कई तरह के मिक्स फैब्रिक आने लगे हैं, लेकिन प्योर वूल हेयरी होता है और अगर इसे प्रोसेस न किया जाए तो ये स्किन के लिए थोड़ा अनकम्फर्टेबल होता है।

कैसे पहचानें?

-ये सबसे मोटा फैब्रिक होता है।

-ये आसानी से ड्रेप किया जा सकता है।

-ये फैब्रिक कॉटन के साथ मिक्स भी किया जाता है और इसे धोने के लिए आपको अलग से डिटर्जेंट आदि लगेंगे।

-वूल मिक्स फैब्रिक लेना ज्यादा बेहतर होता है क्योंकि प्योर वूल हेयरी होता है और स्किन पर रैशेज भी पैदा कर सकता है।

-प्योर वूल कई लोगों को चुभता भी है।

 

3लिनन-

linen fabric

शर्ट्स और बेडशीट्स के लिए लिनन का इस्तेमाल काफी किया जाता है और इसे अच्छी क्वालिटी का फैब्रिक माना जाता है।

कैसे पहचानें?

-ये काफी सॉफ्ट होता है।

-ये कॉटन के मुकाबले ज्यादा आसानी से ड्रेप किया जा सकता है।

-गर्मियों के लिए ये कम्फर्टेबल फैब्रिक हो सकता है।

-इसमें सिलवटें आसानी से पड़ जाती हैं इसलिए इसे प्रेस करना एक बड़ी समस्या है।

-छूने पर ये कॉटन के मुकाबले ज्यादा सॉफ्ट समझ आएगा।

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4सिल्क-

silk fabric

सिल्क वैसे तो नेचुरल फैब्रिक होता है, लेकिन इसे कई तरह के अलग फैब्रिक्स के साथ मिक्स किया जाता है। ये कुछ हद तक गर्म फैब्रिक होता है और इसमें अलग तरह की चमक होती है।

कैसे पहचाने?

-सिल्क में अलग तरह की चमक होती है। भले ही सिल्क को किसी अन्य फैब्रिक के साथ मिक्स किया जाए फिर भी ये शाइन करेगा।

-सिल्क को छूने पर ये एक बार में ठंडा लगेगा, लेकिन ये होता गर्म फैब्रिक है जिसे आप ज्यादा देर छुएंगे तो ये गर्मी का अहसास देगा।

-सिल्क को हाथ से धोने की जगह इसे ड्राई क्लीनिंग की जरूरत होती है।

-इसे खरीदने से पहले ध्यान रखें कि ये कई तरह की आती है और ये जर्सी, टसर, बनारसी, वेलवेट कई तरह की हो सकती है।

-सिल्क काफी डेलिकेट फैब्रिक होता है इसलिए इसे छूने पर आपको इसका एहसास होगा।

5पॉलिएस्टर-

polyester fabric

ये काफी रफ एंड टफ फैब्रिक होता है और इसे डाई किया जाए तो भी इसमें से रंग आसानी से नहीं निकलता। ये हाथ से धोया जा सकता है और ये सस्ता होता है।

कैसे पहचानें?

-पॉलिएस्टर से किसी भी तरह का गारमेंट बनाया जा सकता है।

-ये क्रीज रेजिस्टेंट फैब्रिक होता है।

-पॉलिएस्टर नेचुरल नहीं सिंथेटिक फैब्रिक होता है और इसे पहनने से पसीना आ सकता है।

-गर्म मौसम के लिए इसे अच्छा नहीं माना जाता है।

 

6विस्कोस-

viscose fabric

विस्कोस को रेयॉन भी कहा जाता है और ये नेचुरल और सिंथेटिक फैब्रिक का मिक्सचर होता है। ये फैब्रिक असल में लकड़ी और केमिकल प्रोसेस से बनता है।

कैसे पहचानें?

-विस्कोस मसमसा फैब्रिक होता है और ये आसानी से ड्रेप किया जा सकता है पर सिंथेटिक होने के कारण ये उतना कंफर्टेबल नहीं लगता है।

-कई बार ये बहुत मुश्किल होता है कि सॉफ्ट कॉटन या पॉलिएस्टर के बीच में से विस्कोस को पहचान पाएं।

-विस्कोस अगर गीला हो जाए तो ये सॉफ्ट नहीं लगता है और ये पॉलिएस्टर या कॉटन के मुकाबले गीला होने पर विस्कोस ज्यादा भारी हो जाता है।

-ड्रेप टॉप और ड्रेसेज के लिए ये काफी अच्छा साबित हो सकता है।

 

7 क्रेप-

crepe fabric

ये एक और तरह का बुना हुआ फैब्रिक है जिसमें पहले से ही खुरदरा सरफेस होता है। ये फैब्रिक थोड़ा मोटा और इसे बनाने के लिए धागे को बहुत मोड़ा जाता है तभी ये खुरदरा हो जाता है।

कैसे पहचानें?

-सबसे पहली पहचान तो यही है कि ये फैब्रिक काफी खुरदुरा है।

-ये कॉटन और सिल्क जैसे नेचुरल फैब्रिक्स के मुकाबले मोटा होता है।

-अगर इसमें से एक धागा भी निगल जाए तो इस फैब्रिक का शो खत्म हो जाता है क्योंकि इसे ट्विस्ट करके बनाया जाता है।

-इसे सिलने के लिए पतली और शार्प सुई का इस्तेमाल होता है और अगर आपने मोटी सुई का इस्तेमाल किया है तो इसमें निशान आसानी से दिखने लगते हैं।

8डेनिम-

denim fabric

डेनिम असल में कॉटन से बुनकर बनाया हुआ फैब्रिक है जो अपने टेक्सचर, ड्यूरेबिलिटी और कंफर्टेबिलिटी के लिए जाना जाता है। इसे जीन्स, ड्रेसेज, जैकेट, बेल्ट, बैग, जूते आदि के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

कैसे पहचानें?

-इसे ध्यान से देखेंगे तो धागों की बुनाई साफी नजर आएगी।

-ये सख्त फैब्रिक होता है।

-अधिकतर इसे नीले रंग में डाई किया जाता है।

-ये फैब्रिक जितना धुलता है ये उतना सॉफ्ट होता जाता है।

9शिफॉन-

chiffon fabric

ये बहुत ही लाइटवेट फैब्रिक होता है और इसके स्कार्फ, स्कर्ट, साड़ी, ड्रेस आदि बहुत सारे कपड़े बनाए जाते हैं। शिफॉन प्रिंटेड और प्लेन दोनों तरीके का आता है।

कैसे पहचानें?

-ये फैब्रिक काफी लाइटवेट होता है और इसमें अगर मोटी सुई का इस्तेमाल किया जाए तो गड्ढा पड़ जाता है।

-शिफॉन लाइट वेट तो होता है, लेकिन इसे संभालना थोड़ा मुश्किल होता है।

-शिफॉन को प्रेस करने की जरूरत कम होती है और ये बिल्कुल भी हाई तापमान बर्दाश्त नहीं कर पाता है।

 

10सैटिन-

satin fabric

कई लोगों को सैटिन और सिल्क में अंतर समझने में दिक्कत होती है, लेकिन सैटिन नेचुरल नहीं होता और पॉलिएस्टर मिक्स हो सकता है। ये बनता तो सिल्क, वूल, कॉटन से है, लेकिन इसमें मिक्स फैब्रिक का इस्तेमाल होता है।

कैसे पहचानें?

-प्योर सिल्क के मुकाबले इसमें बहुत ज्यादा चमक होती है।

-इसका सरफेस काफी स्मूथ होता है। सिल्क से भी ज्यादा स्मूथ सरफेस पाने के लिए सैटिन इस्तेमाल होता है।

-ये लग्जरी फैब्रिक अच्छा तो लगता है, लेकिन स्किन पर सिल्क की तरह ये सॉफ्ट नहीं लगता।

-इसकी शाइन और लाइट वेट होने के कारण इसे वेडिंग गाउन, लॉन्जरी, साड़ी, टॉप आदि के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

-सैटिन फैब्रिक बहुत आसानी से फिसल जाता है इसलिए सैटिन की साड़ियों के लिए सेफ्टी पिन्स की जरूरत होती है।

ये सारे फैब्रिक या तो रेडीमेड कपड़ों के तौर पर या फिर रॉ मटेरियल के तौर पर मिल जाएंगे। आपकी स्किन को जो भी फैब्रिक सूट करता हो उसे लें। हर फैब्रिक का रख-रखाव और उनपर होने वाला खर्च भी अलग होता है। उम्मीद है कि आपको अब इन फैब्रिक्स के बारे में थोड़ी जानकारी मिल गई होगी। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।