खुद का एक घर ख़रीदना या फिर बनवाना कई लोगों का एक सपना होता है। बढ़ती महंगाई के बीच लोगों का यह सपना काफ़ी मुश्किल से पूरा हो पाता है। हालांकि होम लेना एक लॉन्ग कमिटमेंट है जो काफ़ी महंगी भी है। इन दिनों होम लोन की ब्याज दर 6.65% से शुरू होती है, लेकिन यह बैंक या फिर लोन संस्थान और लोन योजनाओं के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। कई बार हमें होम लोन का ब्याज कम लगता है, लेकिन चुकाते वक़्त यह हमारे लिए कई मुश्किलें भी पैदा करता है। 

इसलिए होम लोन लेते समय कई बातों का ख़ास ध्यान रखना चाहिए। लोन का सिर्फ़ इंट्रेस्ट रेट कम है, इसका मतलब यह नहीं आप तुरंत होम लोन के लिए अप्लाई कर दें, बल्कि आपको प्रॉपर रिसर्च करने की आवश्यकता है। सबसे ज़रूरी बात, आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि आप अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को नुकसान पहुंचाए बिना समय पर लोन चुकाने में सक्षम है या नहीं। कुछ लोग होम लोन लेते वक़्त कुछ गलतियां कर बैठते हैं, जो नहीं करनी चाहिए। इस आर्टिकल में बताएंगे उन गलतियों के बारे में जिसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

कमिटमेंट से पहले फ़ाइनेंस

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सबसे ज़रूरी और महत्वपूर्ण है कि आप होम लोन अप्लाई करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपको कितने अमाउंट की ज़रूरत है। यह आप तब ही डिसाइड कर पाएंगी जब आपको अपनी प्रॉपर्टी के बारे में पूरी जानकारी होगी। क़ीमत से लेकर लागत तक सब कुछ पहले से तय कर लें, इसके बाद उतनी ही राशि के लिए होम लोन अप्लाई करें। बिना पूरी जानकारी के अगर आप अधिक राशि का होम लोन लेती हैं तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आप चाहें तो बैंक कर्मचारी से इस बारे में सलाह ले सकती हैं। इसके साथ ही सही लेंडर चुनें और सुनिश्चित करें कि आपका क्रेडिट स्कोर हाई और लोन के योग्य हो।

स्टेबल जॉब होनी है बहुत ज़रूरी

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लोन की राशि चुकाना हर किसी के बस की बात नहीं होती, इसलिए आपके पास एक स्टेबल जॉब होनी बहुत ज़रूरी है। होम लोन लॉन्ग टर्म फ़ाइनेंस कमिटमेंट होता है, जिसे लोग 10-15 साल के अंदर चुकाते हैं। इसलिए आपके पास निश्चित अमाउंट होना चाहिए ताकि आप समय पर लोन चुका सकें। कई लोग समय पर लोन की राशि चुका नहीं पाते हैं, जिसकी वजह से ब्याज बढ़ता चला जाता है। इसके अलावा कुछ एक्सट्रा अमाउंट होनी चाहिए, ताकि आप समय पर भुगतान कर सकें।

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ईएमआई डिफॉल्टर होने पर ना करें ये गलती

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अगर आपने किसी कारण वश पर्सनल लोन, कार लोन या फिर अन्य किसी लोन को समय पर नहीं चुकाया है और उसके बाद आप होम लोन लेने की प्लानिंग कर रही हैं तो यह गलत निर्णय हो सकता है। बता दें कि इन दिनों कोरोना महामारी की वजह से ज़्यादातर लोग नौकरी गंवा चुके हैं। वहीं कई लोगों की सैलरी कट की जा रही है, ऐसे में एक और लोन का बोझ लेना सही डिसीजन नहीं है। अगर आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है तो सही समय का इंतज़ार करें, लोन का बोझ अपने सिर पर ना लें।

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कंटीजेंसी फंड का सहारा

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अगर आप होम लोन लेने की प्लानिंग कर रही है तो उससे पहले कंटीजेंसी फंड बहुत ज़रूरी है। यह एक तरह का इमरजेंसी फंड होता है जो आपको आने वाले फ़ाइनेंशियल रिस्क से बचाएगा। कई बार होम लोन लेने पर आपको पूरी सैलरी कटवाने की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में अगर आपके पास कंटीजेंसी फंड है तो लाइफ़ आसान हो जाएगी। अगर आपका कंटीजेंसी फंड अधिक है तो लोन लेने की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। आप उसी अमाउंट में घर ख़रीद सकती हैं। (Recession की सिचुएशन)

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ज्वाइंट ओनरशिप से बचत

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अगर आप वर्किंग है और अपने नाम पर होम लोन लेना चाहती हैं तो ले सकती हैं। वहीं पत्नी प्राइमरी लोन एप्लीकेंट बन सकती है, जिससे उन्हें पुरुष की तुलना में कम इंटरेस्ट रेट मिलेगा।महिलाओं को भी पुरुषों की तुलना में कम स्टैंप ड्यूटी लाभ मिलता है। इसके ज़रिए ज़्यादा से ज़्यादा इनकम टैक्स बचाया जा सकता है।

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