कोरोना की दूसरी लहर ने कई ज़िंदगियां बर्बाद कर दी हैं और कुछ अब भी ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। वहीं इस बार मरीज़ों को सबसे ज़्यादा ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ा है। कई ऐसे लोग हैं जिन्हें सही समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल पाने पर दम तोड़ दिया। ऑक्सीजन की बढ़ती डिमांड को देखते हुए लोगों ने इसे लेकर कालाबाज़ारी भी शुरू कर दी है। बहुत से लोग मौक़े का फ़ायदा उठाते हुए इंसानियत को ताक पर रखकर ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी से मोटी कमाई कर रहे हैं।

हालांकि इस मुश्किल वक़्त में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो कोरोना के मरीज़ों के लिए फ़रिश्ता बनकर आए हैं। इस कड़ी में मुंबई के पास्कल साल्धाना का भी नाम जुड़ गया है। पास्कल साल्धाना मुंबई में मंडप डेकोरेटर का काम करते हैं और इस वक़्त कोरोना के मरीज़ों को फ़्री में ऑक्सीजन बांट रहे हैं। इस नेक काम को करने की वजह से वह सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं।

बीमार पत्नी ने पास्कल को दी प्रेरणा

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कोरोना के दूसरी लहर आने पर कई लोगों को समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह से लगातार लोगों की जान जा रही है। इस बीमारी की वजह से आई बदहाली का ठीकरा हर कोई एक-दूसरे पर थोप रहा है, लेकिन इस मुश्किल वक़्त में पास्कल साल्धाना अपना सबकुछ दांव पर लगाकर लोगों की सेवा कर कर रहे हैं। वो कोरोना के मरीज़ों को फ़्री में ऑक्सीजन बांट रहे हैं, हालांकि इस काम की प्रेरणा उनकी पत्नी ने उन्हें दी, जो ख़ुद इस वक़्त बीमार हैं। पास्कल ने एएनआई को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह 18 अप्रैल से कोरोना के मरीज़ों को फ़्री में ऑक्सीजन बांट रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी पत्नी के गहने बेच दिए, जिससे वह 80 हजार रुपये इकट्ठा कर पाए। इस पैसे से वह ऑक्सीजन खरीदते हैं और कोरोना के मरीज़ों को फ़्री में दे देते हैं।

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पत्नी की फेल हो चुकी हैं दोनों किडनियां

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पास्कल ने बताया कि उनकी पत्नी की दोनों किडनियां डैमेज हैं और वह डायलिसिस और ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। इसलिए उनके पास स्पेयर में हमेशा सिलेंडर रहते हैं। एक दिन प्रिंसिपल ने मुझे बुलाया और अपने पति के लिए ऑक्सीजन मांगी। मैंने अपनी पत्नी के कहने पर उन्हें ऑक्सीजन दे दी। पास्कल बताते हैं कि उनकी पत्नी पिछले पांच साल से डायलिसिस पर है इसलिए मैं लोगों के दर्द को समझ सकता हूं। यही वजह है कि मेरी पत्नी ने मुझे अपनी ज्वैलरी बेचने के लिए कहा, ताक़ि लोगों की मदद कर सकूं। 

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लोगों ने डोनेट किए लाखों रुपये

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पास्कल साल्धाना के सच्चे सेवा भाव को देखने के बाद ketto ने उन्हें अप्रोच किया और पैसे जुटाने में उनकी मदद की है। केटो ने 31 दिनों में 31.3 लाख रुपये से अधिक पैसे जुटाएं हैं। पास्कल ने योजना बनाई है कि वह ना सिर्फ़ कोरोना के मरीज़ों की मदद करेंगे बल्कि इस महामारी के उपचार के दौरान अस्पतालों के ओवरचार्ज से बैंकक्रप्ट हो गए लोगों की भी मदद करेंगे। उन्होंने ज़रूरतमंदों को दान में देने के लिए 30 ऑक्सीजन कनस्तरों और इसकी किट ख़रीदने की भी योजना बनाई है।

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