
हर साल World AIDS Day हमें जागरूकता, समझ और समय पर उठाए गए सही कदमों की अहमियत याद दिलाता है। HIV/AIDS के खिलाफ लड़ाई में यही बातें सबसे बड़ी ताकत हैं। महिलाओं के लिए HIV का खतरा केवल मेडिकल फैक्ट्स तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सामाजिक परिस्थितियों, रिश्तों में विश्वास और जानकारी की कमी से भी गहराई से जुड़ा होता है।
महिलाएं अक्सर परिवार और समाज की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं, जबकि HIV एक ऐसा इंफेक्शन है, जिसे समय रहते रोका और पहचाना जा सकता है। इसी वजह से वर्ल्ड एड्स डे के मौके पर हम इन कारणों पर प्रकाश डाल रहे हैं, जिनसे महिलाओं में HIV फैलता है, ताकि वे खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें। इस विषय पर आशा सेंटर, दिल्ली की डायरेक्टर और सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर चंचल शर्मा विस्तृत जानकारी शेयर कर रही हैं।
जब कोई HIV-नेगेटिव महिला किसी HIV-पॉजिटिव पुरुष के साथ बिना कंडोम के सेक्शुअल रिलेशन बनाती है, तब पुरुष के सीमेन के माध्यम से वायरस आसानी से वजाइना के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है।अगर उनके वजाइना मार्ग में किसी प्रकार का घाव का कट होता है, तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
सुरक्षा टिप: हमेशा कंडोम का इस्तेमाल करें और पार्टनर से सेहत के बारे में खुलकर बात करें।

भारतीय समाज में महिलाएं अक्सर अपने पति पर पूरा विश्वास करती हैं और बिना सुरक्षा के सेक्शुअल रिलेशन बनाती हैं, लेकिन अगर पति किसी और महिला के साथ रिश्ते में है और वह HIV पॉजिटिव है, तो अनजाने में ही वह वायरस अपनी पत्नी तक पहुंच जाता है और एचआईवी का कारण बनता है।
सुरक्षा टिप: रेगुलर हेल्थ चेकअप, HIV टेस्ट और पार्टनर के साथ पूरी ईमानदारी से बातचीत बेहद जरूरी है।
इसे जरूर पढ़ें: इन शारीरिक बदलावों को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं एड्स के शुरुआती लक्षण
अगर आप किसी एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए मेडिकल उपकरण जैसे सीरिंज या ब्लड का इस्तेमाल करती हैं, तो इससे भी आपको एचआईवी हो सकता है। यह इंफेक्शन सबसे तेज ब्लड के जरिए फैलता है।
सुरक्षा टिप: हमेशा डिस्पोजेबल इंजेक्शन का इस्तेमाल कराएं और ब्लड ट्रांसफ्यूजन सिर्फ प्रमाणित ब्लड बैंक से ही करवाएं।

अगर आप प्रेग्नेंट महिला हैं, तो अपना एचआईवी टेस्ट रेगुलर करवाती रहें। ब्रेस्टफीडिंग करवाने वाली महिलाओं से बच्चे में यह वायरस ट्रांसफर होने का खतरा ज्यादा होता है।
सुरक्षा टिप: प्रेग्नेंसी प्लान करते समय HIV टेस्ट जरूर कराएं। ब्रेस्टफीडिंग से पहले डॉक्टर की सलाह लें। साथ ही Antiretroviral Therapy (ART) समय पर लेने से मां से बच्चे में इंफेक्शन का खतरा 95% तक कम किया जा सकता है।
भारत में आज भी कई महिलाएं HIV के बारे में खुलकर बात नहीं कर पातीं। लक्षणों, टेस्ट और इलाज की जानकारी न होना भी इंफेक्शन को बढ़ाता है। इसलिए सही जानकारी रखें, मिथकों से बचें और जरूरी होने पर डॉक्टर से बिना झिझक सलाह लें।
इसे जरूर पढ़ें: एचआईवी एड्स से सुरक्षित रहने के लिए फॉलो करें ये 10 टिप्स
हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit: Shutterstock.com
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।