सोशल डिस्टेंसिंग एवं घर पर रहने के दौरान मां व शिशुओं की स्वच्छता बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। नवजात शिशुओं में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है क्योंकि उनकी रोगों से लड़ने की क्षमता का विकास अभी हो रहा होता है। इसलिए उन्हें जर्म्स और बैक्टीरिया से बचाए रखना बहुत जरूरी होता है।

डॉक्टर प्रतिभा, आयुर्वेद विशेषज्ञ, द हिमालया ड्रग कंपनी का कहना है कि ''आपके शिशु को सेहतमंद रखने में स्वच्छता मुख्य भूमिका निभाती है। इससे जर्म्स और वायरस की वजह से आपके शिशु के बीमार पड़ने की संभावना कम हो जाती है। इसलिए शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए माता-पिता, खासकर मां को अच्छी स्वच्छता बनाकर रखना जरूरी होता है क्योंकि शिशु अपना ज्यादातर समय उसी के साथ गुजारता है।'' डॉक्टर प्रतिभा ने नई माताओं के लिए कुछ सुझाव दिए हैं, जिनसे माता व शिशु की हाइज़ीन बनाए रखने में मदद मिलती है।

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अपने हाथ धोएं

washing hands INSIDE

आपके हाथों में जर्म्स और बैक्टीरिया होते हैं, जिनसे जुकाम, फ्लू एवं अन्य संक्रमण हो सकते हैं। अपने हाथों को साबुन व पानी से कम से कम 20 सेकंड तक नियमित तौर पर धोने से नुकसानदायक बैक्टीरिया एवं जर्म्स को दूर रखने में मदद मिलती है। अपने शिशु को खाना खिलाने, नैपी बदलने, पालतू पशु या किसी अन्य सतह को छूने के बाद अपने हाथों को धोएं। अपने शिशु को भी हाथ धोने के लिए प्रोत्साहित करें। यदि आप हाथ धोने में असमर्थ हैं, तो हर वक्त अपने साथ सैनिटाइज़र रखें।

नहलाना

bathing INSIDE

क्रॉल करते, खेलते या खाते वक्त आपके शिशु का गंदा हो जाना स्वाभाविक है। इसलिए अपने शिशु को साफ सुथरा रखने के लिए उसे अच्छी तरह से नहलाएं। हर 3 से 4 माह में अपने शिशु के तौलिये को बदल दें। मां को भी हाइज़ीन बनाए रखना उतना ही जरूरी है, जिससे जर्म्‍स शिशु तक न पहुंच पाएं।

नाखूनों को छोटा व साफ रखें

nails cutting INSIDE

नाखूनों को लंबा रखने से बैक्टीरियल संक्रमण हो सकता है, क्योंकि आपके नाखूनों में गंदगी इकट्ठी हो जाती है। मां एवं शिशु को अपने नाखून छोटे व साफ रखने चाहिए। आप अपने शिशु के नाखून उस समय काट सकती हैं, जब वह सो रहा हो। याद रखें कि यह शिशु की हाइज़ीन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

क्लीनिंग

floor cleaning INSIDE

जब आपका शिशु खेल रहा हो, क्रॉल कर रहा हो या फिर दौड़ रहा होता है, तो वह घर में जमीन से लेकर अनेक बैक्टीरिया के संपर्क में आता है। इससे हर तरह के बैक्टीरिया उसके शरीर पर चिपक सकते हैं। इसलिए हर बैक्टीरिया को कीटाणुनाशक से साफ करते रहें।

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शिशु के कपड़े एवं डायपर

baby clothes INSIDE

शिशु के कपड़े एवं डायपर हर घंटे गंदे हो जाते हैं। इसलिए आप हर 2 से 3 घंटे में डायपर बदलें और अपने शिशु को साफ भी करें। अपने शिशु के कपड़ों को नियमित तौर पर धोएं और उन्हें सैनिटाइज़ करके रखें। शिशु के कपड़ों को अन्य व्यस्क लोगों के कपड़ों में न मिलाएं क्योंकि उनसे जर्म्स शिशु के कपड़ों में जा सकते हैं। आप शिशुओं के लिए बनाया गया लान्ड्री डिटरजेंट इस्तेमाल कर सकते हैं, जो शिशुओं के कपड़ों को ज्यादा साफ करता है और यह प्राकृतिक रूप से प्राप्त किए गए क्लीनसिंग एजेंट्स एवं एंटीबैक्टीरियल गुणों वाली हर्ब्स बनाया गया है। इस डिटरजेंट में फॉस्फोरस, पैराबंस, SLS/SLES/ ALS, सिंथेटिक कलर, अतिरिक्त ब्लीच एवं सिलिकेट्स नहीं होते।

आपकी दैनिक दिनचर्या में इन चीजों को शामिल करने से आपका शिशु एक स्वच्छ व जर्म-फ्री वातावरण में रहेगा। यह शिशु के स्वास्थ्य के लिए आपके द्वारा किया जाने वाला सबसे अच्छा काम होगा। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हर जिंदगी से जुड़े रहें। 

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