डिलीवरी के कुछ हफ्तों बाद जब मां ये फैसला करती है कि उसे वापस अपने ऑफिस जाना है या फिर बच्चे को कुछ घंटों के लिए घर पर छोड़ना है ताकि वो अपने कुछ काम निपटा सके तब उसके सामने ये मुश्किल होती है कि वो अपना दूध बच्चे को कैसे पिलाए। मां के लिए ये अच्छा है कि वो अपना ब्रेस्ट मिल्क पंप करके स्टोर कर लें ताकि उनके पार्टनर्स या फिर बच्चे के केयरटेकर बच्चे को मां की अनुपस्थिति में भी समय पर ब्रेस्ट मिल्क पिला सकें। 

ब्रेस्ट मिल्क पंपिंग: जानें कैसे?

पंपिंग की वजह से ब्रेस्ट मिल्क पूरी तरह से खाली हो जाता है जिससे दूध की सप्लाई भी बढ़ती है। पंपिंग करने से पहले आपको ये ध्यान रखना होगा कि आपके हाथ साफ हों और अपने हाथों को साबुन और पानी से धोएं या फिर किसी एल्कोहॉल बेस्ड सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें। यहां ये बात भी ध्यान रखने वाली है कि आपको अपने ब्रेस्ट्स साफ रखने हैं। जिस एरिया से पंपिंग की जा रही है वो भी साफ होना चाहिए और पंपिंग के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला उपकरण और दूध को स्टोर करने वाली बॉटल भी साफ और सेनेटाइज्ड होनी चाहिए। अगर आपको पंपिंग में समस्या महसूस हो रही है तो निम्नलिखित स्टेप्स का पालन करें ताकि दूध का फ्लो आराम से हो-

- अपने बच्चे के बारे में सोचिए कि आप उसे कितना प्यार करती हैं।

- बच्चे का कोई कपड़ा या फिर उसका कंबल अपने साथ लेकर चलें जिससे उसकी खुशबू आ रही हो।

- अपने ब्रेस्ट्स पर नम और गुनगुना कपड़ा रखें।

- अपने ब्रेस्ट्स पर हल्के हाथ से मसाज करें ताकि मिल्क फ्लो हो।

- अपने निप्पल्स को हल्के से रब करें।

- एक आरामदायक परिदृश्य के बारे में सोचें और बहते दूध की कल्पना करें।

process of breast pumping

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कैसे पंप करेंगे ब्रेस्ट मिल्क?

आप अपने हाथ का या फिर किसी डिवाइस का इस्तेमाल कर सकती हैं ताकि ब्रेस्ट्स से मिल्क निकाल कर स्टोर किया जाए। ब्रेस्ट्स मिल्क को पंप करने के कुछ तरीके ये हैं-

हाथ का इस्तेमाल- 

इसमें अंगूठे और उंगली की मदद से ब्रेस्ट्स को दबाकर या प्रेशर डालकर दूध निकाला जाता है जिसे किसी बॉटल या जार में रखें। इस मेथर्ड में कौशल और समन्वय की जरूरत होती है। अभ्यास से यह आसान हो जाता है। 

मैनुअल पंप- 

ये एक हाथ से पकड़ने वाला डिवाइस होता है जिसे निप्पल से जोड़ा जाता है। इससे आप अपने हाथ की मदद से ब्रेस्ट मिल्क निकाल सकती हैं। 

इलेक्ट्रिक पंप- 

जहां तक काम का सवाल है ये डिवाइस मैनुअल पंप से काफी मिलता जुलता होता है। इसमें अंतर ये है कि ये बैटरीज या फिर किसी इलेक्ट्रिक पावर सॉकेट से जुड़कर काम करता है। इसमें यूजर को अपने हाथों का इस्तेमाल नहीं करना होता है।  

पंपिंग के बाद कैसे स्टोर करें ब्रेस्ट मिल्क? 

एक बार अगर आपने ब्रेस्ट मिल्क पंप कर लिया तो उसे स्टोर करने के कई तरीके हो सकते हैं, ये इसपर निर्भर करता है कि आप उसे कैसे इस्तेमाल करना चाहती हैं। 

रोम टेम्प्रेचर पर- 

अगर रूम टेम्प्रेचर पर स्टोर किया जाए तो ब्रेस्ट मिल्क को अगले 4 घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकता है।  

रेफ्रिजरेशन- 

अगर ब्रेस्ट मिल्क को 4 डिग्री सेल्सियस के टेम्प्रेचर पर रेफ्रिजरेट किया जाता है तो वो अगले 4 दिनों तक सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। 

ब्रेस्ट मिल्क को फ्रीज़ करना- 

अगर आपको ब्रेस्ट मिल्क अगले चार दिनों में इस्तेमाल नहीं करना है तो इसे पंप करने के तुरंत बाद फ्रीज़ करना बेहतर होगा।  

अगर आप बाहर जा रही हैं तो आप पंप किया हुआ ब्रेस्ट मिल्क आइस कूलर में आइस पैक्स की मदद से 24 घंटे तक स्टोर कर सकती हैं। 24 घंटे के बाद अगर इसे इस्तेमाल नहीं किया गया है तो ब्रेस्ट मिल्क को रेफ्रिजरेट या फ्रीज़ किया जाए ये आपकी जरूरत पर निर्भर करेगा। 

breast pumping

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ब्रेस्ट मिल्क को स्टोर करना: जानें कैसे? 

ब्रेस्ट मिल्क को स्टोर करने के लिए खास स्टोरेज बैग्स उपलब्ध हैं। आप ग्लास बॉटल्स का इस्तेमाल भी कर सकती हैं जिसमें टाइट ढक्कन लगा हो। आप ब्रेस्ट मिल्क स्टोर करने के लिए डिस्पोजिबल प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल न करें। आप बीपीए फ्री कंटेनर्स का ही इस्तेमाल करें। ब्रेस्ट मिल्क को फ्रिज के डोर में न स्टोर करें ताकि  बार-बार डोर खोलने और बंद करते समय होने वाले टेम्प्रेचर में बदलाव को रोका जा सके।  

आपको हर पैकेट को लेबल कर उसमें तारीक और समय लिखना होगा जिस समय आपने ब्रेस्ट मिल्क को पंप किया था। हर बैग में कम मात्रा में दूध को स्टोर करें ताकि जल्दी-जल्दी बच्चे को फीड करवाया जा सके और ये खराब भी न हो। कंटेनर/बैग को पूरा न भरें क्योंकि फ्रोजन दूध साइज में बढ़ता है और उसे ज्यादा जगह की जरूरत होती है। हर बैग में ब्रेस्ट मिल्क को 2 से 4 आउंट की कम मात्रा में इक्ट्ठा और फ्रीज़ करें ताकि इसे बर्बाद होने से बचाया जा सके। 

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सबसे पहले स्टोर किए गए ब्रेस्ट मिल्क के सबसे पुराने जत्थे को इस्तेमाल करें। पहले निकाले गए दूध को पहले इस्तेमाल करें। यहां भी पहले आओ-पहले जाओ वाला नियम मानना है।  

बच्चे को फीड करवाने से पहले ब्रेस्ट मिल्क को गर्म करने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, कुछ महिलाएं इसे बच्चों को रूम टेम्प्रेचर पर फीड करवाना पसंद करती हैं और कुछ इसे ठंडा ही देना पसंद करती हैं।  

ब्रेस्ट मिल्क को कभी भी माइक्रोवेव न करें। या तो इसे गर्म पानी के कंटेनर में रखें या फिर गर्म पानी के नल के नीचे इसे कुछ देर रखें।  

दूध को फीड करवाने से पहले थोड़ा सा हिला लें ताकि अगर रेफ्रिजरेशन के समय कोई फैट अलग हो गया हो तो वो अच्छे से मिल जाए। एक बार ब्रेस्ट मिल्क को डी-फ्रीज/डी-रेफ्रिजरेट कर दिया गया तो उसे दो घंटे के अंदर ही इस्तेमाल करना होगा। उसे दोबारा फ्रीज कर इस्तेमाल करने की कोशिश न करें।  

ब्रेस्ट मिल्क को पंप और स्टोर करने से ये मुमकिन होता है कि बच्चे को मां का दूध पिलाया जा सके तब भी जब वो शारीरिक तौर पर वहां मौजूद न हो। यह सुनिश्चित करता है कि बच्चा बड़े होने के इस आवश्यक पहलू से वंचित नहीं है। 

डॉ. प्रदन्या चंगेड़े  [एमएस (ऑब्स एंड गायनी),  एफआईसीओजी, एफसीपीएस, डीजीओ, आईबीसीएलसी,एमबीबीएस] को उनकी एक्सपर्ट सलाह के लिए धन्यवाद। 

Reference:

https://www.womenshealth.gov/breastfeeding/pumping-and-storing-breastmilk

https://www.medela.com/breastfeeding/mums-journey/storing-and-thawing-breast-milk

https://www.whattoexpect.com/first-year/breastfeeding/storing-breast-milk/

https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/infant-and-toddler-health/in-depth/breast-milk-storage/art-20046350