आपको भी कभी न कभी हिचकियां जरूर लगी होंगी। ऐसे में किसी न ही बात कर पाते हैं और न ही खा-पी पाते हैं। ये हिचकियां कभी भी और कहीं भी लग जाती हैं। लेकिन यह हिचकियां क्यों होती है क्या आप को मालूम है? वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. नंद लाल अमोली से पूछने पर उन्होंने बताया, 'हिचकी डायाफ्राम का कॉन्ट्रैक्शन होता है। आपकी छाती से पेट को अलग करने वाली मसल सांस लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वोकल कॉर्ड्स के अचानक बंद होने के कारण यह कॉन्ट्रैक्शन होते हैं।'

डॉ. अमोली ने आगे बताया, 'यह किसी भी कारण हो सकता है। मान लीजिए, आपने जल्दी-जल्दी कुछ खा लिया हो। कोई कार्बोनेटेड ड्रिंक पी हो या फिर पानी का बड़ा घूंट पी लिया हो। हालांकि अगर यह अक्सर हो रहा है, तो फिर आपको डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है, क्योंकि ऐसे मामलों में हिचकियों का मतलब कोई मेडिकल कंडीशन भी हो सकती है।' 

वहीं, आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. जैना पटवा कहती हैं, ' हिकप, आयुर्वेद में हिक्का रोग से कंपेयर किया गया है। यह डायाफ्राम और रेस्पिरेटरी ऑर्गन के स्पाज्म से होता है। इसमें वायु लिवर, स्प्लीन और आंतों को हिलाते हुए ऊपर जाती है, जिसके बाद तेज-तेज आवाजें आती हैं।' 

वैसे तो यह हिचकियां कुछ सेकेंड्स में खुद ही ठीक हो जाती हैं, लेकिन अगर काफी देर तक बंद न हो तो आप कुछ तरीके आजमा सकती हैं।

ब्रीथिंग टेकनीक से ठीक करें हिचकी

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सांस रोकें :  मुंह से लंबी सांस भरते हुए रुक जाएं और करीब 10-15 सेकेंड तक ऐसे ही सांस रोककर रखें। इसके बाद धीरे-धीरे अपनी सांस को छोड़े। कुछ 2-3 मिनट यही टेकनीक अपनाएं, इससे हिचकी बंद हो सकती है।

घुटने मोड़कर बैठें : हिचकी लगने पर नीचे जमीन पर बैठ जाएं और फिर अपने घुटनों को मोड़ कर छाती के पास ले आएं। कुछ देर ऐसे रुकने के बाद आपकी हिचकी (छोटे बच्चे की हिचकी दूर करने के उपाय) रुक जाएगी।

पेपर बैग में सांस भरें : एक पेपर बैग को मुंह पर रखें और धीरे-धीरे सांस लेते और छोड़ते हुए उस बैग में हवा भरें। कुछ 2 मिनट ऐसे करने से आपको हिचकी में आराम मिलेगा।

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हर्बल रेमेडीज कर सकती है मदद

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हींग की मदद लें :  अगर हिचकियां ब्लोटिंग के कारण है, तो 3 चुटकी हींग लें और उसमें छोटा चम्मच घी डालें। इसे मध्यम आंच पर 10-15 सेकेंड भूनें और इसे छाछ में नमक डालकर पी जाएं। हींग ब्लोटिंग में आराम देकर हिचकी रोकने में मदद करेगी।

हर्बल धुएं की मदद लें : एक पैन में थोड़ा सा घी, हल्दी पाउडर, दालचीनी के पत्ते गर्म करें और इसे 2-3 मिनट सूंघे। खाली पेट इसे करने से बार-बार हिचकी आने में आराम मिलता है।

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प्रेशर पॉइंट्स की मदद से करें हिचकी ठीक

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हथेलियों को दबाएं : हिचकी आने पर अपने अंगूठे से हथेलियों पर प्रेशर बनाएं। हल्के-हल्के दबाव से दोनों हाथों पर ऐसा करने हिचकी (हिचकी रोकने के घरेलू उपाय) में आराम मिल सकता है।

नाक को स्क्वीज करें : हिचकी आने पर धीरे-धीरे पानी पीते हुए अपनी नाक को स्क्वीज करें। इससे भी हिचकी मिलने में आराम मिल सकता है।

गर्दन के पीछे रब करें : हिचकी आने पर अपने पीछे गर्दन पर हल्के-हल्के से मसाज करें। इससे आपके नर्व स्टीमुलेट होती हैं और हिचकी बंद हो सकती है।

 

नोट: अगर आपको बार-बार  हिचकियां आ रही है, तो आप किसी डॉक्टर से सलाह लें। खुद ही अपना इलाज करने से आपको अन्य समस्याएं हो सकती हैं। ये तरीके भी सभी पर काम करें ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए इन्हें करने से पहले किसी एक्सपर्ट से परामर्श जरूर लें।


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