चिंता आपके शरीर की तनाव के प्रति स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है। यह आने वाले समय के बारे में भय या आशंका की भावना है। नौकरी के लिए इंटरव्यू देने, स्कूल के पहले दिन, एग्जाम से पहले अधिकांश लोगों को डर और घबराहट महसूस होने लगती है। कभी-कभी चिंता या एंग्जायटी होना आम बात है, लेकिन अगर आप अक्सर इससे पीड़ित रहती हैं, तो आप एंग्जायटी डिसऑर्डर का शिकार हैं।

जानी-मानी क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, डॉ. भावना बर्मी के मुताबिक, ‘तनाव आज के समय में पैनिक अटैक क्रीएट कर सकता है, लेकिन हमें यह याद रखना है कि यह समय में भी गुजर जाएगा। समसामयिक चिंता जीवन का एक अपेक्षित हिस्सा है। काम पर, परीक्षा देने से पहले, या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले किसी समस्या का सामना करने पर आप चिंतित महसूस कर सकते हैं। लेकिन चिंता विकारों में अस्थायी चिंता या भय से अधिक शामिल है। एक चिंता विकार वाले व्यक्ति के लिए, चिंता दूर नहीं होती है और समय के साथ खराब हो सकती है।’ आइए विस्तार से जानें एंग्जायटी, एंग्जायटी डिसऑर्डर और इसे कंट्रोल कम करने के तरीके के बारे में।

क्या है एंग्जायटी?

what is anxiety

एंग्जायटी चिंता, भय और बेचैनी की भावना है। इसके कारण आपको पसीना आने लग सकता है, बेचैनी और तनाव महसूस हो सकता है और दिल की धड़कन तेज हो सकती है। यह तनाव की सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है। उदाहरण के लिए, जब कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने लगते हैं, तो उससे पहले आप चिंतित महसूस कर सकते हैं। थोड़ी बहुत चिंता आपके एनर्जी लेवल को बढ़ावा दे सकती है या आपको ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकती है। लेकिन एंग्जायटी डिसऑर्डर वाले लोगों के लिए,  यह डर अस्थायी नहीं है और यह भारी हो सकता है।

क्या है एंग्जायटी डिसऑर्डर?

एंग्जायटी डिसऑर्डर की स्थिति में डर की भावना हर समय आपके साथ रह सकती है। यह तीव्र और कभी-कभी आपको एकदम कमजोर करने वाला होता है। इस प्रकार की चिंता आपको उन चीजों को करने से रोक सकती है जो आपको पसंद हैं। गंभीर मामलों में, यह आपको लिफ्ट में प्रवेश करने, सड़क पार करने या यहां तक कि अपना घर छोड़ने से भी रोक सकता है। अगर आप इसका समय से इलाज न करवाएं, तो स्थिति और भी खराब हो सकती है।

एंग्जायटी डिसऑर्डर भावनात्मक डिसऑर्डर का सबसे आम रूप है और यह किसी भी उम्र में किसी को भी प्रभावित कर सकता है। अमेरिकन साइकियाट्रिक एसोसिएशन के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में एंग्जायटी डिसऑर्डर होने की संभावना अधिक होती है।

एंग्जायटी डिसऑर्डर के प्रकार

types of anxiety disorder

एंग्जायटी डिसऑर्डर बहुत अलग-अलग तरीके के होते हैं। मगर आज हम आपको पांच मुख्य एंग्जायटी डिसऑर्डर के बारे में बताने जा रहे हैं।

जेनरलाइज्ड एंग्जायटी डिसॉर्डर (GAD)

जेनरलाइज्ड एंग्जायटी डिसॉर्डर (GAD) वाले लोग व्यक्तिगत स्वास्थ्य, काम, सामाजिक काम, कॉन्टैक्ट्स और रोजमर्रा की नियमित सिचुएशन में भी बहुत ज्यादा परेशान और चिंता करने लगता है। ये विषय बाकी लोगों के लिए चिंता के नहीं हो सकते हैं, लेकिन इससे जूझ रहे वाले व्यक्ति के जीवन में यह समस्या खड़ी पैदा कर सकते हैं। इसके लक्षण हैं-

  • इसमें बहुत ज्यादा बेचैनी रहती है।
  • बहुत जल्दी थकान लगने लगती है।
  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होना, या ब्लैंक होना
  • चिड़चिड़े होना
  • मांसपेशियों में तनाव होना
  • चिंता की भावनाओं को नियंत्रित करने में कठिनाई
  • नींद की समस्या होना, या बहुत देर जागने में भी कठिनाई होना या असंतोषजनक नींद।

ऑब्सेसिव-कंपलसिव डिसऑर्डर (OCD)

एक मानसिक बीमारी है जो बार-बार अनवॉन्टेड विचारों या संवेदनाओं या फिर बार-बार कुछ करने की इच्छा का कारण बनती है। कुछ लोगों में ऑब्सेशन और कंपलशन दोनों हो सकते हैं। ओसीडी आपके नाखून काटने या नकारात्मक विचार सोचने जैसी आदतों के बारे में नहीं है। यह इससे ज्यादा हो सकता है, जैसे मान लीजिए- आप किसी चीज को छुएं और उसके बाद बार-बार हाथ धोने की आदत हो जाए। इसके लक्षण हैं-

  • बार-बार लॉक चेक करना, अलार्म सिस्टम को चेक करना,घर की लाइट्स बंद होने के बाद भी डाउट में रहना।
  • चीजों को बार-बार साफ करना या फिर अपने हाथों को हर मिनट धोना।
  • घर के सामान या अपनी चीजों को किसी खास तरीके से ही लगाना। उसके इधर-उधर होने पर चिड़ जाना।

पैनिक डिसऑर्डर

anxiety disorder types

पैनिक डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों को बार-बार अप्रत्याशित पैनिक अटैक आते हैं। पैनिक अटैक अचानक तीव्र भय की अवधि है जो जल्दी से आती है और मिनटों में अपने चरम पर पहुंच जाती है। अटैक आपको कभी भी हो सकते हैं एक ट्रिगर द्वारा लाया जा सकता है। पैनिक अटैक के दौरान, यह लक्षण अनुभव कर सकते हैं:

  • दिल की धड़कन तेज हो जाना
  • हार्ट पेन होना
  • पसीना आना
  • कांपना या हिलना
  • सांस लेने में तकलीफ, दम घुटने या घुटन की अनुभूति
  • नियंत्रण से बाहर होने की भावना

पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD)

यह एक मानसिक विकार है जो उन लोगों में हो सकता है जिन्होंने प्राकृतिक आपदा, गंभीर दुर्घटना, आतंकवादी कृत्य, लड़ाई, या रेप जैसी दर्दनाक और ट्रॉमेटिक घटना का अनुभव किया है या देखा है। PTSD वाले लोगों के अनुभव से संबंधित तीव्र, परेशान करने वाले विचार और भावनाएं होती हैं जो दर्दनाक घटना समाप्त होने के बाद लंबे समय तक चलती हैं। इसके लक्षण हैं-

  • बार-बार ऐसी घटना के फ्लैशबैक होना
  • लोगों, स्थानों, गतिविधियों, वस्तुओं और स्थितियों से बचना
  • मूड में बदलाव होना
सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर
सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर को सोशल फोबिया के नाम से भी जाना जाता है। इसमें व्यक्ति सोशल सेटिंग्स में जाने से डरता है और उसके मन में इसका भय बैठ जाता है। इस विकार वाले लोगों को लोगों से बात करने, नए लोगों से मिलने और सामाजिक समारोहों में भाग लेने में परेशानी होती है। वे लोगों के जजमेंट से डरते हैं और इसके लक्षण हैं-
  • नॉजिया
  • बहुत ज़्यादा पसीना आना
  • कांपना
  • बोलने में कठिनाई
  • चक्कर आना 
  • तीव्र हृदय गति

एंग्जायटी से निपटने के तरीके

how to deal with anxiety exercise

एक्सरसाइज

व्यायाम सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है जो आप तनाव से निपटने के लिए कर सकते हैं। यह विरोधाभासी लग सकता है, लेकिन व्यायाम के माध्यम से अपने शरीर पर शारीरिक तनाव डालने से मानसिक तनाव दूर हो सकता है। जब आप नियमित रूप से व्यायाम करते हैं तो लाभ सबसे मजबूत होते हैं। जो लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, उन्हें व्यायाम न करने वालों की तुलना में चिंता का अनुभव होने की संभावना कम होती है।

खानपान का ध्यान दें

एंग्जायटी को मैनेज करने के लिए अपने खानपान का ध्यान रखें। बैलेंस्ड आहार का सेवन करें और खाना बिल्कुल भी स्किप न करें। स्वास्थ्यवर्धक, एनर्जी-बूस्टिंग स्नैक्स का सेवन करें। अपने एल्कोहल और कैफीन के सेवन को जितना हो सके उतना कम करें, इससे स्थिति गंभीर हो सकती है। इसके साथ ही खुद को हाइड्रेट रखें।

पूरी नींद लें

तनावग्रस्त होने पर, आपके शरीर को अतिरिक्त नींद और आराम की आवश्यकता होती है, इसलिए जितना हो सके अपने शरीर को आराम दें। कम से कम 7 घंटे की नींद पूरी करें। क्या आप चाहते हैं कि आपका मन और शरीर जीवन के उतार-चढ़ाव को संभालने के लिए शांतिपूर्ण और मजबूत महसूस करें? अगर हां, तो पर्याप्त मात्रा में नींद लें।

क्रॉनिक एंग्जायटी एक अंतर्निहित मानसिक स्वास्थ्य समस्या की ओर भी इशारा कर सकती है। जब आपकी चिंता अत्यधिक संकट का कारण बनती है या दैनिक आधार पर कार्य करने की आपकी क्षमता को बाधित करती है, या जब घबराहट के दौरे बार-बार और कमजोर करने वाले होते हैं, तो मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से मदद लेना आवश्यक हो जाता है।

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