आज ज्‍यादातर लोगों की बॉडी में विटामिन डी की कमी पाई जाती है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि कोई भी धूप में बैठना पसंद नहीं करता है। किसी को काले होने से डर लगता है तो किसी के पास धूप में बैठने का समय नहीं है। लेकिन सूरज की रोशनी से आपको विटामिन डी मिलता है और आप कई तरह की बीमारियों से बची रह सकती हैं। जी हां यह बात तो आपने भी सुनी होगी जिस घर सूरज की रोशनी नहीं आती है, उस घर में डॉक्टर आता है। सूरज की रोशनी के अभाव में घर में बैक्‍टीरिया पनपने लगते हैं जो आपको बीमार करते हैं। इसलिए धूप में बैठना बेहद जरूरी होती है। खासतौर में सर्दियों की धूप लेना तो बेहद जरूरी होता है।   

मेरे भी जोड़ों में बहुत दर्द रहता है। सर्दियों में तो यह दर्द इतना बढ़ जाता है कि मैं बेहद बेचैन रहती थीं। लेकिन इस दर्द से मुझे धूप में बैठने से काफी आराम मिलता है। इसलिए मैं सर्दियों के दिनों में रोजाना आधे घंटे की धूप जरूर लेती हूं। और छुट्टी वाले दिन यानि संडे को तो मैं लगभग 2 से 3 घंटे तक धूप में जरूर बैठती हूं। इससे न केवल मुझे जोड़ों के दर्द से आराम मिलता है बल्कि एक अजीब सी एनर्जी भी महसूस होती है। 

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एक्‍सपर्ट की राय

जी हां हेल्‍दी लाइफ के लिए हड्डियों को मजबूत बनाए रखना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। सर्द मौसम में दिल्ली जैसे महानगर में प्रदूषण के कारण लोगों तक सूर्य की किरणों से मिलने वाले नेचुरल विटामिन-डी कम ही पहुंच पाता है। ऐसे में लोगों की बॉडी में विटामिन-डी की कमी होना लाजमी है। इस बारे में फोर्टिस राजन ढल हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के ऑर्थोस्कॉपी एंड स्पॉर्ट्स इंजुरी के वरिष्ठ सलाहकार डॉक्‍टर विश्वदीप शर्मा ने कुछ प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला है।

15 मिनट की धूप है काफी

दिन में धूप सेंकने के उचित समय और विटामिन-डी के पर्याप्त लेवल को बनाए रखने को लेकर कई शोध किए गए हैं। आमतौर पर कहा जाता है कि बॉडी का 20 प्रतिशत हिस्सा यानि बिना ढका हाथ और पैरों से प्रतिदिन 15 मिनट धूप का सेवन करने से विटामिन-डी अच्छी मात्रा में लिया जा सकता है। 

साथ ही लोगों के मन में यह सवाल भी आता है कि दिन का कौन सा समय सूर्य की रोशनी के संपर्क में आने का सबसे उपयुक्त होता है। आम धारणा के अनुसार, सुबह का धूप और देर शाम का धूप सेवन के लिए उपयुक्त होता है, लेकिन सच्चाई यह है कि सुबह 10 से दोपहर 3 बजे के बीच के दौरान धूप लेने से आपकी बॉडी को विटामिन-डी मिलता है। हालांकि धूप लेते समय त्वचा पर सन-ब्लॉक क्रीम या लोशन नहीं लगी होनी चाहिए। 

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दिल्ली जैसे शहर, जहां प्रदूषण के कारण लोगों तक धूप नहीं पहुंच पाती है, वहां लोग डेयरी प्रोडक्‍ट व डाइट के जरिए विटामिन डी का सेवन कर सकते हैं। महिलाओं में विशेष रूप से प्री-मेनोपॉजल और पोस्ट-मेनोपॉजल की श्रेणी की महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोमलेशिया होने की संभावना होती है। वहीं खुद को पूरी तरह से ढकने वाली महिलाओं व सनस्‍क्रीन लगाने वाली महिलाओं में भी विटामिन-डी की मात्रा काफी कम होती है, क्योंकि उनकी त्वचा के अंदर धूप प्रवेश नहीं कर पाता है। वहीं बच्चों में विटामिन डी की कमी से रिकेट्स की समस्या होने लगती है।

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बच्‍चों के लिए भी जरूरी है धूप

बच्चों के लिए शुरुआत से ही पर्याप्त डाइट के साथ-साथ अच्छी धूप लेना बेहद जरूरी होता है। बच्चों को खासतौर पर उन बच्चों को जिन्होंने मां का दूध पीना छोड़ दिया है, उन्हें विटामिन डी से भरपूर फूड्स का सेवन कराना जरूरी है। 

वहीं सर्दियों में हड्डियों को हेल्‍दी रखने में अच्छी मात्रा में एक्‍सरसाइज करने से भी फायदा मिलता है। एक्‍सरसाइज से हड्डियों का घनत्व बना रहता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। 

Source: IANS