क्‍या आपको ठीक से नींद नहीं आती?
क्‍या आपको हड्डियों और मसल्‍स में कमजोरी महसूस होती है?
तो हो सकता है कि आपकी बॉडी में मैग्‍नीशियम की कमी है? 
मैग्‍नीशियम एक ऐसा मिनरल है जो बॉडी के लिए बहुत जरूरी है। हमारी बॉडी के लिए 6 तरह के मिनरल जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, क्लोराइड, फास्फोरस, पोटेशियम और सोडियम बहुत जरूरी होते है। यह बॉडी को हेल्‍दी तरीके से काम करने में अपने-अपने तरीके से हेल्‍प करते है। बॉडी में मौजूद मैग्नीशियम का अधिकतर हिस्सा हड्डी, मसल्‍स और टिश्‍युओं में होता है। ब्‍लड में यह बहुत कम पाया जाता है। इसलिए इसकी कमी होने पर भी इलाज की जरुरत महसूस नही हो पाती और मैग्नीशियम की कमी से परेशानी बढ़ती चली जाती है। मैग्नीशियम एनर्जी बढ़ाने में मददगार होता है जो हड्डियों को हेल्‍दी रखने में मदद करता है। इसके साथ ही हार्ट रेट सामान्य रखने में मदद करता है।

अगर बॉडी में मैग्नीशियम की कमी हो जाए तो आपको कई तरह की हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स हो सकती है। लेकिन परेशान ना हो क्‍योंकि बॉडी में मैग्नीशियम की कमी को कुछ लक्षणों की मदद से पहचाना जा सकता है।
तो आइए मैग्नीशियम की कमी से होने वाले लक्षणों के बारे में जानें। 

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मसल्‍स में खिंचाव
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मैग्नीशियम की कमी होने पर धमनियों के साथ मसल्‍स टिश्‍युओं में कठोरता आने लगती है जिसकी वजह से मसल्‍स में खिंचाव आने लगता है। अगर प्रेग्नेंसी में पैरो में दर्द हो रहा है तो इसके पीछे के कारण बॉडी में मैग्नीशियम की कमी होती है। जिसे मैग्नीशियम युक्त फूड का सेवन करके ठीक किया जा सकता है।

एनर्जी की कमी

सेल्‍स में एटीपी एनर्जी का उत्पादन करने के लिए मैग्नीशियम की जरुरत होती है। एडीनोसिन ट्राइफॉस्फेट (एटीपी) सेल्‍स में एनर्जी का उत्पादन करने का मुख्य स्रोत होता है। इसके लिए मैग्नीशियम की जरुरत होती है जो इन्हें एक्टिव करते हैं। मैग्नीशियम का लेवल कम होने पर सेल्‍स से एनर्जी का उत्पादन नहीं होता है। जिसकी वजह से थकावट, एनर्जी की कमी जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं।

हड्डियां का कमजोर होना
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हड्डियों के हेल्‍दी रहने के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी होता है यह बात तो हम सभी जानती हैं लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि हड्डियों की सेहत के लिए मैग्‍नीशियम भी उतना ही जरूरी होता है। कैल्शियम अवशोषण को सही रखने के लिए विटामिन डी के लिए मैग्नीशियम जरुरी होता है। जिसकी मात्रा सही ना होने की वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।

हार्मोनल प्रॉब्‍लम

बॉडी में मैग्नीशियम की कमी होने पर हार्मोन के लेवल पर प्रभाव पड़ने लगता है। महिलाओं की बॉडी में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल जितना ज्यादा होता है मैग्नीशियम का लेवल उतना ही कम होता है। इसकी कमी की वजह से ही महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पैरों में दर्द होता है।

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नींद में खलल

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शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर इसका सबसे ज्यादा प्रभाव नींद पर पड़ता है। इसके प्रभाव को आसानी से पता किया जा सकता है। मैग्नीशियम बॉडी को आराम पहुंचाने में मदद करता है जिससे अच्छी नींद आती है। दिमाग में जीएबीए के उचित कार्य के लिए मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है। जीएबीए एक न्यूरोट्रॉसमीटर होता है जो ब्रेन को आराम करने के लिए अनुमति देता है।
इन सारे संकेतों के दिखने पर समझ जाना चाहिए कि आपकी बॉडी में कम हो रहा है मैग्‍नीशियम।

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