कब्‍ज की समस्‍या आजकल ज्‍यादातर महिलाओं को परेशान करती है। ऐसा खराब लाइफस्टाइल, खान-पान की गलत आदतों, जंक फूड का सेवन, स्‍मोकिंग, लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठने और एक्‍सरसाइज न करने आदि के चलते डाइजेस्टिव सिस्‍टम पर नेगेटिव असर के कारण होता है। इससे खाना सही तरीके से नहीं पचता है और कब्‍ज की समस्‍या होती है। कब्ज से परेशान महिलाएं को असहज महसूस होता है जिसके कारण उनका किसी काम में मन नहीं लगता है। इसके अलावा खाने-पीने में भी दिक्कत होती है। ऐसे में वह इससे बचने के लिए दवाओं का सहारा लेती हैं लेकिन इनके इस्‍तेमाल से शरीर को कई तरह के साइड इफेक्‍ट्स झेलने पड़ते हैं।  

लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि योग की मदद से कब्‍ज से छुटकारा पाया जा सकता है। जी हां कब्ज की समस्या से बचने का एक और सुरक्षित और प्राकृतिक तरीका योग है। योग से न हमारे तन को सुंदर को बनाता है, बल्कि इससे सेहत को कई आश्चर्यजनक फायदे भी होते हैं। योग करने से हमारे पेट में घुमाव और झुकाव होता है। इससे हमारे पेट की मालिश होती है और मल को आसानी से पारित करने में मदद मिल सकती है। आप दूसरे शब्‍दों में कह सकती हैं कि योग से मालिश और बड़ी आंत की मसल्‍स को आराम देता है जिससे कोलोन के माध्‍यम से मल को निकलने में कम समय लगता है। यदि आपको अक्सर कब्ज महसूस होता है, तो बेहतर मल त्याग के लिए सुबह-सुबह योग करें। 

yoga for constipation inside

इसलिए आज हम आपको कब्‍ज से छुटकारा दिलाने वाले 3 योगासन के बारे में बता रहे हैं। इन योगासन की सबसे अच्‍छी बात यह है कि इसे आप आसानी से घर पर कर सकती हैं। यह बहुत ही असरदार है और आपको कुछ दिनों में ही समस्‍या से राहत मिल जाएगी। इन योगासन के बारे में हमें योग गुरू नेहा जी बता रही हैं। योगा गुरु नेहा, द योग गुरु तथा वुमेन हेल्‍थ रिसर्च फाउंडेशन (ट्रस्‍ट) की संस्‍थापक हैं।

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पवनमुक्तासन

wind pose inside

इस योगासन से पेट और पाचन अंगों की मालिश होती है इसलिए यह पेट की गैस और कब्ज जैसी समस्‍या से छुटकारा दिलाने में बहुत प्रभावी है।

आसन करने का तरीका

  • इसे करने के लिए अपनी पीठ के बल लेट जाएं। 
  • सांस छोड़ते हुए दोनों घुटनों को मोड़ें और जांघों को छाती की तरफ लाएं। 
  • घुटनों के ठीक नीचे दोनों हाथों की उंगलियों को एक दूसरे के साथ पकड़ लें।
  • गहरी सांस लें सांस को छोड़ते हुए सिर और कंधों को ऊपर उठाएं। 
  • फिर घुटनों के बीच के स्थान में नाक लगाने की कोशिश करें। 
  • कुछ सांसों के लिए इस मुद्रा में रहें। 
  • धीरे-धीरे सिर, कंधों और पैरों को वापस शुरुआती मुद्रा में लेकर जाएं।

बद्ध कोणासन

baddha konasana inside

कब्ज से बचने के लिए दवाओं का सहारा लेते हैं लेकिन इससे पेट तो तुरंत साफ हो जाता है लेकिन दवा बंद करते ही फिर कब्ज हो जाता है। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि रोजाना बद्ध कोणासन करने से पुराने से पुराने कब्ज की समस्‍या से छुटकारा पाया जा सकता है। इसे कुछ लोग तितली आसन के नाम से भी जानते हैं क्‍योंकि इस योग को करते हुए हमें ऐसे बैठना होता है जैसे तितली ने अपने पंख फैला रखे है।

आसन करने का तरीका

  • इस आसन को करने के लिए जमीन पर पीठ को सीधा करके बैठ जाएं। 
  • फिर अपने दोनों पैरों को घुटनों की तरफ से मोड़ें। 
  • अब अपने दोनों तलवों को आपस में मिला लें और पेल्विक एरिया के पास ले आएं। 
  • फिर अपने दोनों पैरों को तितली के पंखों की तरह ऊपर-नीचे हिलाना शुरू करें। 
  • इस आसन को कम से कम 100 बार करें।

हलासन

halasana for constipation inside

यह योगासन डाइजेस्टिव से जुड़ी समस्या को दूर करने के साथ-साथ गैस को भी दूर करता हैं। साथ ही यह मल त्याग की प्रक्रिया को आसान करता है, जिससे कब्ज से राहत मिलती है।

आसन करने का तरीका 

  • इसे करने के लिए हथेलियों को फर्श से सटाते हुए पीठ के बल लेट जाएं।
  • गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए हथेलियों को फर्श पर प्रेस करें और पैरों को ऊपर की ओर उठाएं।
  • सहारा लेने के लिए हाथों को पीठ के नीचे रखें। 
  • फिर बैलेंस बनाने के लिए घुटनों को मोड़ लें।
  • धीरे और आराम से पैरों से सिर के पीछे फर्श को छूने की कोशिश करें। 
  • धीरे-धीरे सांस लें और कुछ देर इस मुद्रा में रुकें। 
  • आसन से बाहर आने के लिए, धीरे-धीरे हाथों को पीठ से हटाएं और पैरों को फर्श पर रखें।

एक्‍सपर्ट के बताए इन तीन योगासन को करके आप भी कब्‍ज की समस्‍या से छुटकारा पा सकती हैं। फिटनेस से जुड़़े और आर्टिकल पढ़ने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

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