अनियमित जीवन शैली का नेतृत्व करने का खतरा, जिसमें अनियमित नींद, जागना और खाने के घंटे शामिल हैं, यह आपके स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा करता है। शरीर अपने आसपास के वातावरण के साथ-साथ कुछ खाद्य पदार्थों, दवाओं, अल्‍कोहल आदि के सेवन से विषाक्त पदार्थों को जमा करता है। 

किडनी सिस्‍टम को शुद्ध करती हैं और शरीर को रनिंग कंडीशन में रखती हैं। हालांकि, जब हम शरीर के कामकाज में समर्थन नहीं करते हैं, तो हम अच्छी तरह से काम करने की क्षमता में बाधा डालते हैं। 

ग्रैंडमास्टर अक्षर जी ने हरजिंदगी को बताया कि "किडनी की बीमारी एक गैर-संचारी रोग (एनसीडी) है और वर्तमान में दुनिया भर में लगभग 850 मिलियन लोग किडनी की बीमारी से प्रभावित हैं। हर दस वयस्कों में से 1 को क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी) है।"

किडनी की समस्या से पीड़ित लोगों को अपने वजन को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि मोटापा और किडनी की समस्याएं आपस में जुड़ी हुई हैं। जबकि डॉक्टर आमतौर पर क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) वाले लोगों को उनकी दैनिक कैलोरी बढ़ाने के लिए लिखते हैं, खासकर जब वे डायलिसिस से गुजरते हैं, लेकिन यह उन लोगों के लिए सही नहीं है, जो ज्‍यादा वजन वाले हैं।

शरीर के कार्य करने के तरीके को समझने के लिए, हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन से कैलोरी प्राप्त होती है और यह हमारे दैनिक कार्यों को पूरा करने के लिए ऊर्जा उत्पादन के लिए आवश्यक है। मुख्य उद्देश्य सीमित और स्वस्थ मात्रा में कैलोरी का सेवन करना होना चाहिए। क्रोनिक किडनी रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए अतिरिक्त और अपर्याप्त कैलोरी दोनों का सेवन हानिकारक हो सकता है। स्वस्थ शरीर के वजन को बनाए रखने और खुद को ऊर्जा से भरपूर रखने के लिए कम मात्रा में कैलोरी का सेवन करना अच्छा है।

वेट लॉस और किडनी की समस्‍याएं

मोटापा (या अधिक वजन) का सीधा संबंध किडनी की समस्याओं से है। इसलिए, अपने स्वास्थ्य की खातिर उन अतिरिक्त किलो को कम करना बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आप अपना वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो आपको कम कैलोरी का सेवन करने की आवश्यकता है। ग्रैंडमास्टर अक्षर द्वारा सुझाए गए कुछ तरीके यहां दिए गए हैं जो किडनी की समस्या से जूझ रहे लोगों को वजन कम करने में मदद करेंगे।

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स्वास्थ्य के लिए योग

योग एक अभ्यास है जिसे नियमित रूप से किया जाना चाहिए क्योंकि यह आपको अनुशासित जीवन अपनाने के लिए मार्गदर्शन करता है। यह केवल आपके अपने स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को बढ़ाता है। कोमल और दृढ योग मुद्राओं के माध्यम से आप अपने शरीर को स्वस्थ और वजन को संतुलित रख सकते हैं।

सांसों से जुड़ें

जब आप सांसों के साथ आसन का अभ्यास करते हैं, तो यह मानव शरीर और दिमाग पर चमत्कार करने के लिए जाना जाता है। योग प्रणाली को संतुलित करता है यह सुनिश्चित करता है कि सभी आंतरिक अंग सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं।

वजन घटाने के लिए योग आसन

जब आप कुछ योग मुद्राएं करते हैं, तो आपके अंग उत्तेजित हो जाते हैं। वे स्वाभाविक रूप से मालिश करते हैं और इससे शरीर को इष्टतम स्वास्थ्य मिलता है। इन सरल योग मुद्राओं का अभ्यास प्रत्येक मुद्रा को 10 सेकेंड तक पकड़कर करें।

नौकासन (बोट पोज)

Naukasana

नाव की मुद्रा पेट के अंगों को मजबूत और उत्तेजित करने में मदद करती है। यह आपको पेट के आस-पास से अतिरिक्त फैट को कम करने की अनुमति देता है।

योग करने का तरीका

  • इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं।
  • पीठ पर संतुलन बनाने के लिए शरीर के ऊपरी और निचले हिस्‍से को ऊपर उठाएं।
  • इसे करते हुए घुटनों और पीठ को सीधा रखें।
  • बाजुओं को जमीन के समानांतर और आगे की ओर इशारा करते हुए रखें।
  • पेट की मसल्‍स को टाइट करें और पीठ को सीधा करें।
  • सामान्य रूप से श्वास लें और छोड़ें।
  • फिर पहली मुद्रा में वापस आ जाएं।

अर्ध मत्स्येन्द्रासन (रीढ़ की हड्डी को आधा मोड़कर बैठना)

Ardha Matsyendrasana

बैठने का आधा स्पाइनल ट्विस्ट किडनी को उत्तेजित करता है और प्रतिरक्षा स्तर में भी सुधार करता है।

योग करने का तरीका

  • पैरों को सामने फैलाकर बैठें। दोनों 
  • पैरों को साथ में रखें, मेरूदंड सीधा रखें।
  • दाएं पैर को मोड़ें और बाएं घुटने के बाहर रखें। 
  • बाएं पैर को मोड़ें और एड़ी को कूल्हे के बगल में रखें।
  • कमर, कंधों और गर्दन के साथ शरीर को मोड़ें, ताकि दाहिनी जांघ पेट के खिलाफ दबाव डाले।
  • हाथ को दाहिने घुटने के पार करते हुए दाहिने पैर को पकड़ने की कोशिश करें।
  • कुछ देर के लिए इसी अवस्था में रहें।
  • दूसरी तरफ से प्रक्रिया को दोहराएं।

मार्जरी आसन  (कैट काऊ पोज)

Adhomukhi Marjariasana

यह आसन रीढ़ की हड्डी को कोमल मालिश प्रदान करता है।

योग करने का तरीका

  • घुटनों के बल नीचे आ जाएं, हथेलियों को कंधों के नीचे और घुटनों को कूल्हों के नीचे रखें।
  • श्वास अंदर लें, ऊपर देखने के लिए रीढ़ को मोड़ें।
  • सांस छोड़ें, अपनी रीढ़ को मोड़कर पीठ का एक आर्च बनाएं। 
  • गर्दन को नीचे आने दें।
  • टकटकी को अपनी चेस्‍ट की ओर केंद्रित करें।

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सेतुबंधासन (ब्रिज पोज)

Setubandhasana

ब्रिज पोज़ पेट के अंगों को सक्रिय करता है और शरीर को तनाव से मुक्त करता है।

योग करने का तरीका

  • पीठ के बल लेटकर दोनों हाथों को बगल की तरफ से पैरों के पास लाएं और हथेलियां नीचे की ओर हों।
  • घुटनों को मोड़ें और हिप्‍स के बीच एक विस्तृत दूरी रखें।
  • एड़ी को, जितना संभव हो सके, हिप्‍स के करीब रखने की कोशिश करें।
  • फर्श पर एड़ी को दबाएं, ताकि पीठ के पिछले हिस्से को उठा सकें।
  • कुछ देर इसी मुद्रा में रहें और फिर हिप्‍स को फर्श की ओर लाएं।
 

अगर कपालभाति, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, भस्त्रिका और उज्जयी प्राणायाम तकनीक को नियमित रूप से किया जाए, तो यह भी शरीर से विषाक्त पदार्थों को खत्म करने में मदद करती है। किडनी के स्वास्थ्य के लिए योग का अभ्यास करें और अच्छी तरह से संतुलित और स्वस्थ भोजन करें। 

जरूरत पड़ने पर शरीर को अच्छा आराम दें क्योंकि यह महत्वपूर्ण है। जब आप तनाव मुक्त होते हैं, तो शरीर और दिमाग दोनों ही उपचार के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं।

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