मुझे वेस्‍टर्न ड्रेसेस पहनना बहुत पसंद हैं, लेकिन ज्‍यादा वजन के चलते मैं इस तरह की ड्रेसेस पहन नहीं पाती हूं। इसलिए मैंने वेट लॉस के लिए डाइटिंग से लेकर एक्‍सरसाइज तक न जाने क्‍या-क्‍या नहीं किया, लेकिन मेरा वजन टस से मस नहीं हुआ। तब मेरी एक दोस्‍त ने बताया कि हो सकता है कि तेरा वजन हार्मोन असंतुलन के कारण बढ़ रहा हो। पहले तो मुझे उसकी बात पर विश्‍वास नहीं हुआ लेकिन जब मैंने इस बारे में डायटिशियन से बात की तब मुझे इस बात का पता चला।
क्या आपकी भी वेट लॉस करने की हर संभव कोशिश बेकार हो गई?
अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो परेशान न हो क्‍योंकि इसके लिए आपकी डाइट नहीं बल्कि हार्मोन्‍स जिम्‍मेदार हो सकते हैं। जी हां आप अपने वेट को कंट्रोल करने के लिए डाइट प्‍लान और रेगलुर एक्‍सरसाइज करती है। लेकिन फिर भी हार्मोन वजन को प्रभावित करता है।

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लड़कियों या महिलाओं को अपने जीवन की अनेक स्‍टेज में हार्मोनल असंतुलन का सामना करना पड़ता है। ऐसा पीएमएस, प्रेग्‍नेंसी, मेनोपॉज और स्‍ट्रेस के कारण होता हैं। कई रिसर्च इसे भूख, वजन घटाने, मेटाबॉलिज्म और महिला हार्मोन से जुड़ा हुआ पाते हैं। तो देर किस बात की आइए शालीमार स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल की डाइटिशियन सिमरन सैनी से जानते है कि किस तरह वजन बढ़ने के पीछे इस गुनाहगार का हाथ हैं।

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थायरॉयड हार्मोन

थायरॉयड की कमी महिलाओं के बीच खासतौर पर पाई जाती है। डॉक्‍टर सिमरन के अनुसार, हाइपोथायरायडिज्म महिलाओं में वजन बढ़ने के लिए जिम्मेदार होता है। वजन बढ़ना बॉडी मेटाबॉलिक रेट में कमी से होता है, क्‍योंकि जो भी आप खाती हैं, उसे बॉडी ठीक से बर्न नहीं कर पाती है। इससे आपको पेट की प्रॉब्‍लम होती है और आपका वजन बढ़ने लगता है। इसके आम लक्षणों में थकान, वजन बढ़ना, ड्राई स्किन और कब्ज शामिल हैं।

एस्ट्रोजन

एस्ट्रोजन महिला सेक्स हार्मोन है। मेनोपॉज के दौरान, एस्ट्रोजन का लेवल गिरने से आंतों के आसपास वजन बढ़ने लगता है। फैट सेल एस्ट्रोजन का एक और स्रोत है जो कैलोरी को फैट में बदल देता है। जिससे आप मोटी हो सकती है। डॉक्‍टर सिमरन के अनुसार ''एस्‍ट्रोजन लेवल के बढ़ने से बॉडी में वॉटर रिटेंशन बढ़ जाती है जिससे आपकी बॉडी फूली-फूली सी लगने लगती है।''

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कोर्टिसोल

वजन बढ़ने के लिए स्‍ट्रेस हार्मोंन यानि कोर्टिसोल भी अपराधी है। स्‍ट्रेस और नींद की कमी ब्‍लड में हाई कोर्टिसोल लेवल के बढ़ने के दो कारण है। डॉक्‍टर सिमरन के अनुसार, ''कोर्टिसोल के हाई लेवल के कारण भूख लगती है और वजन बढ़ने लगता है। दूसरा जो कुछ आप खाते हैं वह ठीक से डाइजेस्‍ट नहीं होता है जिससे आपको ब्‍लॉटिंग की समस्‍या होने लगती है और आपका वजन बढ़ जाता है।''

टेस्टोस्टेरोन

कुछ महिलाएं पीसीओएस नामक हार्मोनल समस्‍या से ग्रस्‍त होती हैं। यह टेस्टोस्टेरोन के लेवल को बढ़ाता है, जिससे वजन, पीरियड्स, चेहरे का बाल, पिंपल्‍स और infertility बढ़ जाती है। टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के कारण बॉडी के निचले हिस्‍से जैसे पेट, हिप्‍स और थाई के आस-पास का वजन बढ़ने लगता है। डॉक्‍टर सिमरन के अनुसार, ''टेस्टोस्टेरोन महिलाओं में मसल्‍स मास के लिए जिम्मेदार होता है। इस समस्‍या से बचने का इलाज भी वजन कम करना ही है।''

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प्रोजेस्टेरोन

मेनोपॉज के दौरान, शरीर में प्रोजेस्टेरोन के लेवल में कमी आती है। हालांकि इस हार्मोन के लेवल में गिरावट वास्तव में वजन बढ़ाने का कारण नहीं है। लेकिन वॉटर रिटेंशन और ब्‍लॉटिंग के कारण ऐसा होता है। जिससे आपका शरीर फूला हुआ और भारी लगता है।
अगर आपकी भी वेट लॉस की हर संभव कोशिश बेकार हो गई? तो अपने डॉक्‍टर से मिले।