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वेट ट्रेनिंग को लेकर महिलाओं के मन में होते हैं यह मिथ, जानिए इनकी सच्चाई

वेट ट्रेनिंग को लेकर महिलाओं के मन में कई तरह की भ्रांतियां होती हैं, जिनकी सच्चाई हम आज आपको इस लेख में बता रहे हैं। 
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  • Mitali Jain
  • Editorial
Published -21 Jan 2022, 11:30 ISTUpdated -21 Jan 2022, 11:26 IST
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 myths about weight training

चुस्त और तंदरूस्त रहने के लिए खान-पान के साथ-साथ एक्सरसाइज पर भी पूरा ध्यान देना बेहद आवश्यक है। व्यायाम ना केवल आपकी बॉडी को अधिक एक्टिव बनाता है, बल्कि इससे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स को भी आसानी से मैनेज किया जा सकता है। शायद यही कारण है कि आज के समय में पुरूष ही नहीं, महिलाएं भी खुद को फिट रखने के लिए पूरे उत्साह से एक्सरसाइज करती हैं। 

हालांकि, यह देखने में आता है कि एक्सरसाइज करते हुए महिलाएं कुछ तरह के व्यायाम जैसे वेट ट्रेनिंग आदि करने से बचती हैं। उन्हें लगता है कि वेट ट्रेनिंग सिर्फ पुरूषों के लिए होती है और इसलिए अगर वह इस तरह की एक्सरसाइज करेंगी तो इससे उन्हें फायदा कम और नुकसान अधिक होगा। 

इतना ही नहीं, वेट ट्रेनिंग को लेकर उनके मन में तरह-तरह के मिथ्स भी होते हैं, जिसके कारण वह इससे दूरी बनाना पसंद करती हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको वेट ट्रेनिंग से जुड़े कुछ मिथ्स और उनकी सच्चाई के बारे में बता रहे हैं-

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मिथ 1- वेट ट्रेनिंग से पुरूषों की तरह दिखता है महिला का शरीर

सच्चाई- ऐसा कई महिलाओं का मानना है कि वेट ट्रेनिंग करने से महिलाओं का फेमिनिन बॉडी लुक पुरूषों की तरह मस्कुलर दिखने लगता है। जबकि ऐसा नहीं है। पुरूषों व महिलाओं में हार्मोन्स अलग होते हैं और उसी के आधार पर उनके शरीर की बनावट होती है। दरअसल, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन मौजूद होता है, जो बहुत तेजी से बनता है। जबकि महिलाओं का शरीर पुरुषों के शरीर की अपेक्षा टेस्टोस्टेरोन की मात्रा का लगभग 1/10वां से 1/20वां हिस्सा बनाता है। इसलिए, महिलाएं केवल तभी पुरूषों की तरह मस्कुलर दिख सकती हैं जब उनकी बॉडी में टेस्टोरस्टेरोन की मात्रा बढ़ाने के लिए उन्हें सिंथेटिक टेस्टोस्टेरोन दिया जाए।

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मिथ 2- वेट लॉस में मददगार नहीं है वेट ट्रेनिंग 

सच्चाई- यह भी एक मिथ है, जिस पर महिलाएं भरोसा करती हैं। दरअसल, आज के समय में अधिकतर महिलाएं या तो अपना वजन कम करने के लिए या फिर अपनी बॉडी को शेप में रखने के लिए एक्सरसाइज करती हैं।  लेकिन उनका मानना होता है कि वेट ट्रेनिंग वेट लॉस में उतनी इफेक्टिव नहीं है। इतना ही नहीं, अगर वह एक बार वेट ट्रेनिंग शुरू करती हैं और फिर उसे छोड़ती हैं तो इससे उनका वजन फिर से बढ़ जाएगा। जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। सबसे पहले तो जब आप कोई एक्सरसाइज करती हैं और पसीना बहाती है तो इससे शरीर की अतिरिक्त चर्बी जलने लगती है। वहीं, जहां तक वजन दोबारा बढ़ने का सवाल है तो यह मुख्य रूप से आपके लाइफस्टाइल और खान-पान पर निर्भर है। वेट ट्रेनिंग छोड़ने से वजन बढ़ने का कोई संबंध नहीं है।

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मिथक 3- महिलाओं को भारी वजन नहीं उठाना चाहिए क्योंकि यह खतरनाक है 

सच्चाई- यह भी पूरी तरह से मिथ है। दुनियाभर में महिलाओं ने वेट ट्रेनिंग में अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया है और आज भी कर रही हैं। आमतौर पर, वेट ट्रेनिंग को पुरूषों की एक्सरसाइज के रूप में देखा जाता है, इसलिए यह माना जाता है कि महिलाओं को भारी वजन नहीं उठाना चाहिए क्योंकि यह उनके लिए खतरनाक हो सकता है। जबकि ऐसा नहीं है।  

ध्यान रखें कि कोई भी चीज केवल तभी खतरनाक हो सकती है, अगर आप इसे गलत तरीके से कर रही हैं। इसलिए, बेहतर होगा कि आप एक्सपर्ट की देख-रेख में ही वेट ट्रेनिंग करें ताकि चोटिल होने की संभावना ना के बराबर हो। 

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Image Credit- freepik

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