Ramen, Laphing या Golgappe: जब जुबान पर चढ़ता है तेज मिर्च-मसाला, तब शरीर में क्या होता है? जानें इसके पीछे का साइंस

स्पाइसी फूड्स देख लेने भर से बहुतों के मुंह में पानी आ जाता है। कभी गरमागरम रामेन का कटोरा, कभी ठंडी-ठंडी लाफिंग की प्लेट, तो कभी दिल्ली के गोलगप्पे, मिर्च-मसाले का तड़का जैसे सीधा दिल में उतर जाता है। कुछ लोगों के लिए ये स्वाद सिर्फ खाना नहीं, बल्कि एक एहसास होता है, जो मूड को तुरंत बदल देता है। आंखों में आंसू, जीभ पर जलन और पसीना आने के बाद भी हम बार-बार वही तीखा स्वाद ढूंढते हैं।
यही तो है इसकी खासियत, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम इतना मिर्च-मसाला खाते हैं, तब हमारे शरीर के अंदर क्या होता है? ये स्वाद जो हमें बाहर से जला देता है, अंदर क्या असर छोड़ता है? आज हम आपको इस लेख में बताएंगे कि तीखा खाने के बाद क्या होता है-
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मिर्च लगती है, पर मजा भी क्यों आता है?
जब आप तीखा खाना खाते हैं, तो उसमें मौजूद एक खास कंपाउंड कैप्सेसिन (Capsaicin) आपके मुंह और गले के पेन रिसेप्टर्स से चिपक जाता है। दिमाग को लगता है जैसे आपके मुंह में आग लग गई हो। तब दिमाग तुरंत एंडोर्फिन्स (खुशी देने वाले हार्मोन) छोड़ता है, जिससे आपको एक तरह की खुशी महसूस होती है। यही वजह है कि बहुत से लोग बार-बार स्पाइसी खाना खाने से खुद को रोक नहीं पाते हैं।
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दिल के लिए फायदेमंद या नुकसानदायक?
2018 की European Journal of Nutrition में छपी एक स्टडी के मुताबिक, जो लोग नियमित रूप से तीखा खाना खाते हैं, उनमें हाई ब्लड प्रेशर का खतरा 26% तक कम होता है। कैप्सेसिन ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाता है, लेकिन बहुत ज्यादा मिर्च खाने से हार्ट रेट बढ़ सकता है, इसलिए दिल के मरीजों को संतुलन बनाकर खाना चाहिए।
पेट के अंदर क्या होता है?
स्पाइसी फू्ड्स पेट में पहुंचते ही वहां एसिड का लेवल थोड़ा बढ़ा देते हैं। अगर आपकी डाइजेशन पहले से कमजोर है या आपको गैस्ट्रिक की समस्या है, तो ज्यादा मिर्च खाने से एसिडिटी या हार्टबर्न हो सकता है, लेकिन अगर आप सीमित मात्रा में खाते हैं, तो ये डाइजेशन को तेज भी कर सकता है, क्योंकि मसाले पेट को एक्टिव कर देते हैं।
मेटाबॉलिज्म पर असर
मिर्च सिर्फ स्वाद नहीं बढ़ाती, बल्कि ये शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी थोड़ा तेज करती है। इस प्रोसेस को थर्मोजेनेसिस कहा जाता है, जिसमें शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ता है और कैलोरी बर्न होती है। इसी वजह से कुछ लोग वजन घटाने वाले डाइट में हल्की मिर्च शामिल करते हैं।
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मूड और दिमाग पर असर
कभी ध्यान दिया है, तीखा खाना खाने के बाद मूड अचानक अच्छा क्यों हो जाता है? क्योंकि आपका शरीर समझता है कि उसे खतरा है और उसी डर से वो डोपामिन और एंडोर्फिन रिलीज करता है, यानी एक नेचुरल हाई फीलिंग। हालांकि, अगर आपको एंग्जायटी या पेट की दिक्कतें हैं, तो बहुत तीखा खाना बेचैनी बढ़ा सकता है।
कब करता है नुकसान?
अगर आप बहुत ज्यादा मिर्च या चिली ऑयल वाले फूड खाते हैं, तो इससे पेट की झिल्ली को नुकसान होता है। अल्सर या डायरिया तक का खतरा बढ़ जाता है। एसिड रिफ्लक्स वाले लोगों को ज्यादा मसाला खाने से बचना चाहिए।
तीखा खाने के बाद क्या करें
- तीखा खाने के बाद दूध या दही लें, ये जलन कम करता है।
- खाली पेट मिर्च-मसालेदार खाना न खाएं।
- खीरा, सलाद या नींबू पानी साथ में लें, ये पेट को ठंडक देते हैं।
- धीरे-धीरे चबाकर खाएं और ज्यादा लाल मिर्च या चिली ऑयल न डालें।
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थोड़ी मिर्च खाने से शरीर एक्टिव होता है, मूड अच्छा होता है और दिल भी हेल्दी रह सकता है, लेकिन इसका सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। साथ ही अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।
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