भारत में अक्सर तीखा और चटपटा खाया जाता है, लेकिन अगर देखा जाए तो तीखा खाना बनाना थोड़ा मुश्किल होता है। इसमें मसाले सही मात्रा में होने चाहिए। अगर जरा भी मसालों की मात्रा ऊपर या नीचे हुई तो खाना बेस्वाद और बहुत ज्यादा तीखा होने लगता है। ऐसा ही नमक के साथ भी है। नमक की मात्रा खाने में सही होनी चाहिए अगर जरा भी ज्यादा या कम हुई तो खाना स्वादिष्ट नहीं बनता, लेकिन ऐसा कितनी बार हुआ होगा कि आपके खाने में नमक और मसालों की मात्रा ज्यादा हो गई हो। 

खाने में मसालों का ज्यादा हो जाना आम बात है, लेकिन हमें कुछ ट्रिक्स के बारे में पता होना चाहिए जिनसे हम मसालों की ज्यादा हुई मात्रा को कम कर सकें। हम आपको पांच ऐसी चीज़ों के बारे में बताने जा रहे हैं जो खाने में मसालों की मात्रा को बिलकुल सही कर सकती हैं। 

1. दूध या दही

कब मिलाएं- अगर खाने में लाल मिर्च ज्यादा हो जाए

दूध या दही हम किसी भी ग्रेवी वाली सब्जी में तब मिलाते हैं जब इसमें बहुत ज्यादा लाला मिर्च डल जाए। ध्यान ये रखना होगा कि दूध या दही मिलाते समय उसमें जरा सी भी चीनी न हो। सबसे बेहतर है कि आप गाढ़ा दही मिला दें। गाढ़ा दही मिलाने से ग्रेवी का टेक्सचर भी बहुत अच्छा हो जाएगा और साथ ही साथ ये तीखेपन को भी कम कर देगा। चिकन की ग्रेवी में ये बहुत ही अच्छा टेक्सचर लाता है। 

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2. मिठास

कब मिलाएं- जब पूरा खाना बहुत मसालेदार लग रहा हो

अगर आपको ये समझ में नहीं आ रहा है कि खाने में कौन सा मसाला ज्यादा हुआ है और खाने का स्वाद कड़वा सा होने लगे तब मिठास काम आती है। आप थोड़ा सा शहद या फिर शक्कर डाल सकते हैं। लेकिन यहां ध्यान इस बात का रखना है कि आपको ये बहुत थोड़ी मात्रा में मिलाना है। आप किसी स्पाइसी डिश को मिठाई में कनवर्ट न कर दें। इसे बहुत ध्यान से डालना होगा और शक्कर की जगह थोड़ा सा शहद खाने का स्वाद ज्यादा बढ़ाएगा। 

3.  नट पेस्ट

कब मिलाएं- जब नमक मिर्च दोनों ज्यादा हो जाएं

नट पेस्ट यानि मूंगफली या किसी अन्य नट का क्रश किया हुआ पेस्ट। आप किसी नट बटर को भी एड कर सकते हैं। सबसे अच्छी बात ये है कि अगर आप इस तरह के पेस्ट को खाने में मिलाएंगी तो स्वाद को ठीक करने के साथ-साथ ये आपकी डिश को और ज्यादा बेहतर टेक्सचर के साथ क्रंची बना देगा। हालांकि, आपको इस बात का ध्यान रखना है कि नट पेस्ट ऐसी ही सब्जियों में मिलाएं जिसके साथ मूंगफली अच्छी लगे।

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4. नींबू का रस 

कब मिलाएं- नमक बहुत ज्यादा होने पर 

अगर आप अपनी डिश को जल्दी से ठीक करना चाहती हैं और बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करना चाहती हैं तो आप नींबू का रस भी अपनी डिश में एड कर सकती हैं। दरअसल, नमक ज्यादा होने पर ये आपकी डिश में थोड़ा सा खट्टापन लेकर आएगा। नींबू का खट्टापन एक्स्ट्रा स्पाइस को भी कम कर सकता है। हालांकि, इसे बहुत ज्यादा न मिलाएं वर्ना डिश खट्टी हो सकती है।  

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5. अंडे की जर्दी 

कब मिलाएं- नमक, मसाला, मिर्च कुछ भी ज्यादा होने पर 

अगर आप अंडा खाते हैं और आपके खाने में मिर्च मसाला ज्यादा हो गया है तो इस तरीके को अपना सकती हैं। ये ग्रेवी को भी थिक करेगा और साथ ही साथ ये आपके खाने में एक्स्ट्रा स्पाइस भी कम कर देगा। ध्यान रहे कि अंडा फोड़कर सीधे न डालें बल्कि आपको अंडा उबाल कर उसका योक ही ग्रेवी में डालना है। सीधे अंडा डालने की गलती न करें वर्ना स्वाद खराब हो जाएगा।  

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