दालों को सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है और इसलिए हर किसी को इसे अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है। इसके सेवन से केवल आपको प्रोटीन ही नहीं मिलता, बल्कि इसमें कई तरह के विटामिन्स व मिनरल्स भी मौजूद होते हैं, जो आपके शरीर की पोषक तत्व संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं। हालांकि, हर घर में लोग इसे एक अलग तरीके से बनाते हैं। जहां कुछ महिलाएं दालों को सिर्फ धोकर उबालने रख देती हैं। वहीं कुछ महिलाओं की आदत होती है कि वह पहले इसे सोक करती हैं और तब इसे कुक करती हैं। हर किसी का दाल बनाने का अपना-अपना तरीका है। लेकिन क्या आपको पता है कि अगर आप दालों को कुक करने से पहले कुछ देर के लिए उसे पानी में भिगोकर रखती हैं तो इससे आपको कई बेहतरीन लाभ मिलते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में बता रहे हैं, जिसे जानने के बाद आप भी दाल को कुछ देर के लिए पानी में सोक करना पसंद करेंगी-

मिनरल्स का बेहतर अब्ज़ॉर्प्शन 

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अमूमन किसी भी आहार का सेवन इसलिए किया जाता है, ताकि वह सिर्फ हमारा पेट ही ना भरे, बल्कि उसमें मौजूद पोषक तत्व हमें हेल्दी बनाए रखने में मदद करे। इस लिहाज से दालों का कुक करने से पहले भिगोना अच्छा माना जाता है। दरअसल, जब आप दालों को भिगोती हैं तो इससे शरीर में मिनरल्स अब्ज़ॉर्प्शन रेट बढ़ जाता है। दाल को कुछ समय के लिए भिगोने से उसमें फाइटेज नामक एंजाइम सक्रिय हो जाता है। यह फाइटेस फाइटिक एसिड को तोड़ने में मदद करता है और कैल्शियम, आयरन और जिंक को बाइंड करने में मदद करता है। इससे मिनरल्स अब्ज़ॉर्प्शन प्रोसेस बहुत आसान हो जाता है।

पचाने में होती है आसानी

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खाना खाने के बाद अगर वह सही तरह से नहीं पचता तो इससे व्यक्ति को असहजता के साथ-साथ अन्य कई प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। इस लिहाज से भी दालों को भिगोना आवश्यक है। भिगोने से अमाइलेज नामक एक यौगिक भी सक्रिय हो जाता है जो दाल में जटिल स्टार्च को तोड़ देता है और उन्हें पचाने में आसान बनाता है।

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गैस की समस्या से मुक्ति

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अक्सर दाल खाने के बाद कुछ लोगों को गैस की शिकायत होती है। हो सकता है कि दाल को ना भिगोने के कारण आपको इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा हो। लेकिन जब आप दाल को भिगोती हैं तो इससे गैस पैदा करने वाले यौगिक भी काफी हद तक हट जाते हैं। अधिकांश दालों में ऑलिगोसैकराइड्स होते हैं, जो ब्लोटिंग और गैस के लिए जिम्मेदार एक प्रकार का कॉम्पलेक्स शुगर है। भिगोने के बाद इस कॉम्पलेक्स शुगर की मात्रा काफी कम हो जाती है जो आपको गैसीय परेशानियों से बचाती है। हालांकि, आपको यहां यह अवश्य समझना चाहिए कि यह जरूरी नहीं है कि दालों को भिगोने के बाद आपको गैस की समस्या होगी ही नहीं। यह अन्य कारणों से भी हो सकती हैं।

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कुकिंग समय कम लगना

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यह भी दालों को भिगोने से मिलने वाला एक जबरदस्त लाभ है। अमूमन देखने में आता है कि अगर दालों को कुक करने से पहले कुछ देर के लिए पानी में भिगोया जाए तो वह फूल जाती हैं और फिर वह अपेक्षाकृत जल्दी पक जाती हैं, जिससे वास्तव में आपका कुकिंग टाइम कम लगता है और ईंधन की भी बचत होती है।

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दालों का एकसमान पकना

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खाना खाते समय आप यही चाहेंगी कि दाल का हर दाना एक समान पका हुआ हो, लेकिन यह केवल तभी संभव है, जब आप दालों को पकाने से पहले कुछ देर के लिए भिगोएं। अगर आप सीधे ही दालों को वॉश करके पका देती हैं तो इससे दाल के कुछ दाने अधिक गल जाते हैं तो कुछ कच्चे रह जाते हैं। इससे दाल का स्वाद भी वैसा नहीं मिलता, जैसा आपको चाहिए होता है। इसलिए हमेशा दालों को कुछ देर के लिए अवश्य भिगोएं।

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