पीरियड्स का दर्द बहुत ही ज्यादा होता है और कई महिलाओं को तो इसके दौरान इतनी परेशानी होती है कि वो बिस्तर से उठ भी नहीं पाती हैं। उन्हें न सिर्फ पेट और कमर में बल्कि पैरों में भी काफी दर्द होता है और इस तरह की समस्या से उन्हें गुजरना पड़ता है। इसी के साथ, मूड स्विंग्स और गुस्सा, दुख आदि की भावनाएं भी बहुत ज्यादा आ जाती हैं। ऐसे में कई महिलाएं दर्द की दवा आदि लेती हैं, लेकिन मेंस्ट्रुअल पेन को कम करने के लिए दवाएं लेना भी उतना अच्छा नहीं हो सकता है। 

ऐसे में क्यों न अपनी डाइट को लेकर ही ऐसा बदलाव किया जाए जिससे हमें पीरियड्स के पेन से समस्या कम हो जाए। सेलेब न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटीशियन पूजा मखीजा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो ऐसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के बारे में जानकारी दी है जो हमें पीरियड्स के पेन को कम करने में मदद कर सकते हैं। ये दो माइक्रोन्यूट्रिएंट्स हमारे लिए डाइट से ही पूरे हो सकते हैं। ये सब कितनी मात्रा में लेना है इसके बारे में भी आपको बताया गया है। 

इस स्टोरी में हम इन टॉपिक्स पर बात करेंगे-

  1. कौन से न्यूट्रिएंट्स करते हैं पीरियड्स में मदद?
  2. किस तरह से उन्हें अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है?
  3. न्यूट्रिएंट्स से भरपूर डाइट लेने के पहले किन चीज़ों को ध्यान रखना जरूरी है?
  4. पीरियड्स के दौरान क्या न खाएं?
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कौन से न्यूट्रिएंट्स करते हैं पीरियड्स में मदद?

न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा ने दो न्यूट्रिएंट्स की बात की जिन्हें अपनी डाइट में शामिल करना बहुत जरूरी है और इनसे ही पीरियड्स में होने वाली समस्या में आराम मिलता है। 

1. मैग्नीशियम

मैग्नीशियम मेंस्ट्रुअल क्रैम्प्स को कम करने में काफी मदद कर सकता है। मैग्नीशियम से मसल्स का रिलैक्सेशन बहुत अच्छी तरह से होता है और इससे आपके क्रैम्प्स कम होते हैं। अगर आपको बहुत ज्यादा पेन होता है तो अपनी डाइट में मैग्नीशियम का इस्तेमाल पहले से ही शुरू कर दें। 

किस तरह से मैग्नीशियम को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है?

हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम, मूंगफली, सीड्स, दाल, होल ग्रेन्स। अपनी पीरियड साइकल के दौरान 300-400 मि.ग्रा. मैग्नीशियम का सेवन जरूर करें।  

ये सभी फूड्स आपको मेंस्ट्रुअल क्रैम्प्स को कम करने में बहुत ज्यादा मदद करेंगे। 

2. पायरिडॉक्सिन ( Pyridoxine (B6)) 

इस तरह के खाने से पीरियड्स के दौरान वाटर रिटेंशन, सीने की जकड़न, मूड स्विंग्स, दर्द आदि में राहत मिलती है। ये पीरियडस् के दौरान लिया जाने वाला बहुत ही आवश्यक न्यूट्रिएंट साबित हो सकता है।  

किस तरह से पायरिडॉक्सिन को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है? 

ओट्स, केला, मछली, चिकन, सोयाबीन, मूंगफली आदि को अपनी डाइट में शामिल करें जो पायरिडॉक्सिन के बहुत ही अच्छे सोर्स साबित हो सकते हैं।  

अगर आप इसे अपनी डाइट में ले रहे हैं तो पीरियड्स से 7 दिन पहले से लेकर पीरियड साइकल के बीच तक कोशिश करें कि 100 मि.ग्रा पायरिडॉक्सिन आपके शरीर में पहुंच जाए।  

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न्यूट्रिएंट्स से भरपूर डाइट लेने के पहले किन चीज़ों को ध्यान रखना जरूरी है? 

  • पीरियड साइकल शुरू होने के 7 दिन पहले से इसे लेना शुरू कर दें।
  • एक ही दिन में सारा न्यूट्रिएंट लेने की कोशिश न करें।
  • सप्लिमेंट्स तभी लें जब डॉक्टर ने बोला हो, लेकिन कोशिश करें कि डाइट से ही ये पूरा हो जाए। 
  • अगर आपको किसी चीज़ से एलर्जी है तो उसे न खाएं। 
  • पीरियड पेन अगर जरूरत से ज्यादा है तो आप एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।  
 
 
 
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पीरियड्स के दौरान क्या न खाएं? 

पीरियड्स के दौरान आपको वो चीज़ें नहीं खानी चाहिए जो आपको ज्यादा दर्द दे सकती हैं वो हैं- 

  • ज्यादा नमक वाला खाना
  • अलकोहल
  • कार्बोनेटेड ड्रिंक्स 
  • मीट और ऐसे फूड्स जिन्हें पचाने में ज्यादा मुश्किल होती है
  • बहुत ज्यादा शक्कर वाला खाना 

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ये सभी चीज़ें आपको पीरियड्स और मूडस्विंग्स में मदद कर सकती है। हर किसी का शरीर अलग होता है और उसमें खाने का असर भी अलग होता है। ऐसे में आप अपने डॉक्टर से बात करके अपने पीरियड्स को कंट्रोल कर सकते हैं। अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें।  

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