फालसा नाम का फल खाने में स्वाद से भरा होने के साथ कई आश्चर्य में डाल देने वाले लाभों से भरपूर होता है। फल्सा जहां एक ओर शरीर की सूजन कम करने के लिए लाभदायक है वहीं यह श्वसन, हृदय और हेमटोलोगिक भड़काऊ स्थितियों के साथ-साथ बुखार की स्थिति को भी सुधारने में मदद कर सकता है।

फालसा को अक्सर उन रोगियों को खाने की सलाह दी जाती है जो अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सर्दी, खांसी और गले में खराश से पीड़ित हैं। आइए नई दिल्ली की जानी मानी डॉक्टर आकांक्षा अग्रवाल (BHMS) से जानें फालसा के सेहत से जुड़े कुछ फायदों के बारे में।  

सोडियम का स्रोत

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फालसा फल को सोडियम का एक बड़ा स्रोत माना जाता है। यह एंजाइम के संचालन और मांसपेशियों को भी बढ़ावा देने के लिए एक इलेक्ट्रोलाइट और आवश्यक आयन के रूप में कार्य करता है। इसके अतिरिक्त, यह एक तंत्रिका तंत्र के प्रदर्शन को भी बढ़ाता है और रक्त विनियमन के लिए आवश्यक है। इसलिए यह एक सोडियम के प्रमुख स्रोतों में से एक होने के साथ सेहत के लिए बेहद फायदेमंद भी है। 

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गठिया रोग में राहत दिलाए 

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गठिया हड्डियों से सम्बंधित एक आम बीमारी है जो कई बार उम्र बढ़ने के कारण हड्डियां कमजोर होने पर हो जाती है। फालसा फल का सेवन इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम करने में मदद करता है। फालसा को डाइट में शामिल करके हड्डियों से संबंधित अन्य बीमारियों से भी बचाव किया जा सकता है। फालसा फल में कैल्शियम की मौजूदगी के कारण, यह स्वस्थ हड्डी के प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए काफी लाभदायक माना जाता है।  

मधुमेह का खतरा कम करे 

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एक शोध के अनुसार एसिटिक फल का इथेनॉलिक अर्क डॉयबटीज के खतरे को कम करने में मदद करता है। इस संयंत्र के अर्क में कई जैव सक्रिय यौगिकों की उपस्थिति, विशेष रूप से फ्लेवोनोइड और फेनोलिक एसिड, इन प्रभावों के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इसलिए, कम से कम दुष्प्रभावों के साथ मधुमेह के प्रबंधन के लिए एक नए पूरक के रूप में काम करता है। 

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श्वसन संबंधी समस्याओं का इलाज करे 

फालसा के फलों का रस पीने से दमा, ब्रोंकाइटिस, जुकाम और अन्य सहित श्वसन संबंधी समस्याओं से निजात मिलता है। खांसी की स्थिति में फालसा को अदरक या नींबू के रस के साथ मिलाएं और इसका सेवन करें। 

घाव जल्दी भरने में सहायक 

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यह भी ज्ञात है कि फालसा फल के पत्तों से घाव और एक्जिमा को ठीक करने में मदद मिलती है। पत्तियों को पीसकर त्वचा पर लगाएं, कुछ मिनट के लिए छोड़ दें ताकि वे काम कर सकें। इससे बड़े से बड़े घाव को भी जल्दी भरने में मदद मिलती है। 

मांसपेशियों को मजबूत बनाए 

नियमित रूप से फालसा फल का सेवन करके अच्छी मांसपेशियों का निर्माण किया जा सकता है। पोटेशियम और प्रोटीन की उपस्थिति के कारण, यह मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ ही मांसपेशियों के कार्य को प्रोत्साहित करने में भी मदद करता है। 

हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है

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ऐसा कहा जाता है कि फालसा फल सूजन से राहत देने में मदद करता है। यह स्वस्थ दिल के लिए फायदेमंद फल है। इसे डाइट में शामिल करके ह्रदय संबंधी रोगों को कम करने में मदद मिलती है। 

एनीमिया को ठीक करे 

फालसा फल में निहित आयरन तत्वों की उपस्थिति एनीमिया का इलाज करने में मदद करती है। आमतौर पर इस तरह के पोषक तत्वों की कमी से पुरानी थकान सहित कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए फालसा को अपनी डाइट में शामिल करके आयरन की कमी की आपूर्ति की जा सकती है। 

पेट दर्द से राहत दिलाए 

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फालसा फल में मौजूद फाइबर, पेट दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं। पेट दर्द, उल्टी, दस्त और अन्य पाचन तंत्र सम्बन्धी समस्याओं के दर्द को दूर करने के लिए फालसा के रस का सेवन लाभदायक होता है।  

विभिन्न पोषक तत्वों से भरपूर फालसा को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें, लेकिन स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई अन्य समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना न भूलें। 

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