• ENG
  • Login
  • Search
  • Close
    चाहिए कुछ ख़ास?
    Search

जानिए क्या होते हैं आर्टिफिशियल स्वीटनर और सेहत के लिए किस तरह हैं नुकसानदायक

अगर आप अपनी रेग्युलर शुगर को आर्टिफिशियल स्वीटनर से स्विच करना चाहती हैं तो आपको पहले इसके बारे में जान लेना चाहिए। 
author-profile
  • Mitali Jain
  • Editorial
Published -01 Jul 2022, 15:41 ISTUpdated -01 Jul 2022, 17:24 IST
Next
Article
artificial sweetness is unhealthy

आज के समय में अधिकतर अपने वजन को लेकर काफी कॉन्शियस होते जा रहे हैं और इसलिए वह अपनी डाइट से चीनी को पूरी तरह से बाहर कर देना चाहते हैं। लेकिन जिन लोगों को मीठा खाना काफी पसंद होता है, उनके लिए यह एक बेहद ही मुश्किल टास्क हो सकता है। दरअसल, ऐसे लोगों को बार-बार मीठा खाने की क्रेविंग होती हैं। इस स्थिति में वह चीनी के सब्सिट्यूट पर विचार करते हैं और ऐसे में सबसे पहले उनका ध्यान आर्टिफिशियल स्वीटनर पर जाता है।

ritu puri quote on artificial sweetner

आजकल मार्केट में आर्टिफिशियल स्वीटनर को कुछ इस तरह जीरो कैलोरी प्रोडक्ट के रूप में प्रमोट किया जा रहा है और इसलिए लोग आंख मूंदकर इसे खरीदना पसंद कर रहे हैं ताकि वह अपने स्वाद को कायम रखते हुए वजन को भी मेंटेन कर सकें। यकीनन इसमें कैलोरी काउंट काफी कम होता है, लेकिन फिर भी आपको इसके बारे में पूरी तरह से जान लेना चाहिए। तो चलिए आज इस लेख में सेंट्रल गवर्नमेंट हॉस्पिटल के ईएसआईसी अस्पताल की डायटीशियन रितु पुरी आपको बता रही हैं कि वास्तव में आर्टिफिशियल स्वीटनर क्या होते हैं और इनके सेवन से आपको क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं-

क्या होते हैं आर्टिफिशियल स्वीटनर

आर्टिफिशियल स्वीटनर से होने वाले नुकसान के बारे में जानने से पहले आपको यह भी समझना चाहिए कि वास्तव में आर्टिफिशियल स्वीटनर क्या होते हैं। दरअसल, यह आर्टिफिशियल स्वीटनर चीनी का एक सिंथेटिक शुगर सब्सिट्यूट होते हैं। इन्हें केमिकली प्रोड्यूस किया जाता है। इनमें कैलोरी होती है, लेकिन यह सामान्य चीनी की अपेक्षा कई गुना अधिक मीठे होते हैं, इसलिए इन्हें बेहद ही कम मात्रा में लिया जाता है, जिसके कारण इनके कारण आप ना के बराबर कैलोरी का सेवन करते हैं। इसलिए, इन्हें नो कैलोरी फूड भी कहा जाता है। 

कुछ समय पहले तक इन्हें आर्टिफिशियल तरीके से केमिकल की मदद से तैयार किया जाता था। लेकिन आज के समय में नेचुरल प्रोडक्ट्स की मदद से आर्टिफिशियल स्वीटनर को बनाया जा रहा है, जिनमें केमिकल्स व प्रिजर्वेटिव्स का कम इस्तेमाल किया जा रहा है। अमूमन कोल्ड ड्रिंक्स, कैंडी, पुडिंग, कैन फूड, बेकिंग, जैम और जेली आदि बनाने में आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल किया जाता है।

इसे जरूर पढ़ें- एक्सपर्ट टिप्स: कहीं आप भी तो नहीं करती हैं इन फूड्स और ड्रिंक्स का सेवन? सेहत के लिए हैं नुकसानदेह

पेट की समस्या

stomach pain by eating artificial sweetner

अगर आप आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल गलत तरीके से करती हैं या फिर आवश्यकता से अधिक करती हैं, तो इससे आपको पाचन तंत्र की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यह देखने में आता है कि ऐसे लोगों को ब्लोटिंग, डायरिया, कब्ज या पेट की समस्याएं होती है। (कब्ज से कैसे पाएं छुटकारा)

सिरदर्द

headache problem

आर्टिफिशियल स्वीटनर कभी-कभी सिरदर्द का कारण भी बन सकते हैं। खासतौर से, एस्पार्टेम कुछ लोगों में सिरदर्द पैदा कर सकता है। खासतौर से, अगर आप पहले से ही माइग्रेन से पीड़ित हैं तो ऐसे में सिरदर्द होने की संभावना अधिक रहती है। 

किडनी प्रॉब्लम्स 

kidney problem

कभी-कभी आर्टिफिशियल स्वीटनर आपकी किडनी पर भी विपरीत प्रभाव डाल सकते हैं। दरअसल, जब इनका अधिक सेवन किया जाता है, तो इसमें मौजूद केमिकल्स के कारण किडनी का काम अधिक कठिन हो जाता है। बॉडी को फिल्टर करने के दौरान किडनी पर अधिक जोर पड़ता है और इससे उसे नुकसान पहुंच सकता है।

 

Recommended Video

चक्कर आना

आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन करने से चक्कर आने की समस्या भी हो सकती है। जब कुछ लोग इसका गलत तरीके से सेवन करते हैं तो उन्हें घबराहट व चक्कर आना जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

कैंसर 

problem of cancer

कुछ मामलों में आर्टिफिशियल स्वीटनर के सेवन से कैंसर जैसी बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है। हालांकि, इसका कोई ठोस सबूत नहीं है। परन्तु इस विषय पर कई अध्ययन किए गए है। उन अध्ययनों के कारण, सैकरीन ने एक बार एक लेबल चेतावनी दी थी कि यह आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। लेकिन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, इस बात का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। कई अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि आर्टिफिशियल स्वीटनर आमतौर पर सीमित मात्रा में सुरक्षित होते हैं। नतीजतन, सैकरीन के लिए चेतावनी लेबल भी हटा दिया गया था।

नोट- आर्टिफिशियल स्वीटनर सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। लेकिन ऐसा तभी होता है, जब इसे सीमित मात्रा से अधिक और गलत तरीके से लिया जाए। हर स्वीटनर के पैकेट पर उसे लेने का तरीका और उसकी मात्रा के बारे में लिखा होता है। उसे पढ़कर ही सही तरह से इसका सेवन करें।

इसे जरूर पढ़ें- शुरू हो रही है किडनी की बीमारी तो आपका शरीर आपको देता है ये संकेत

तो अब आप भी आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन करते समय उसे सही तरह से व सीमित मात्रा में ही लें, ताकि आप उससे होने वाले नुकसानों से बच सकें। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।  

Image Credit- freepik, pexels

Disclaimer

आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।