शुगर, कॉर्न सिरप और फ्रुक्टोज जैसी चीजों का इस्तेमाल प्राकृतिक मिठास के रूप में किया जाता हैं, लेकिन इसके इस्तेमाल से हेल्थ को नुकसान होता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह कैलोरी से भरपूर होते है और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर से परेशान लोगों की हेल्‍थ पर बुरा असर डालते है। इसलिए कई लोग अपने आहार में स्टीविया के पत्ते शामिल करते हैं। क्योंकि स्टीविया में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट गुण होने के साथ-साथ कैल्शियम, जिंक, आयरन, फास्फोरस, कॉपर, मैगनीज आदि जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। 

साथ ही, यह प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी एक अहम भूमिका अदा करता है। इसके अलावा, घर में स्टीविया पौधे की प्लांटिंग करने के लिए बहुत अधिक पैसे भी खर्च नहीं होते हैं, इसलिए स्टीविया प्लांट को हर वर्गीय परिवार आसानी से लगा सकते हैं। अगर आप भी स्टीविया का पौधा लगाना चाहती हैं, तो आज इस आर्टिकल में हम आपको कंटेनर की मदद से स्टीविया का पौधा लगाने के बारे में बताने जा रहे हैं। इन टिप्स को अपनाकर आप भी आसानी से कंटेनर में घर पर स्टीविया का पौधा उगा सकती हैं, तो आइए जानते हैं

पौधा लगाने के लिए सामग्री 

stevia plant in hindi

कंटेनर में स्टीविया का पौधा लगाने के लिए आपको कुछ चीजों की ज़रूरत पड़ेगी। अगर आपके पास यह कुछ चीजें नहीं हैं, तो आप यह बाज़ार से भी खरीद सकती हैं। तो आइए जान लेते हैं वह क्या है... 

  • कंटेनर
  • मिट्टी
  • पौधे की कटिंग या बीज
  • खाद
  • पानी

जानें विधि 

how to grow stevia plants

  • स्टीविया की कटिंग या बीज को कंटेनर में लगाने के लिए सबसे पहले आप मध्यम या बड़ा आकार का अपनी इच्छानुसार कंटेनर लें। (किचन के नॉर्मल कंटेनर को बनाएं एयरटाइट)
  • इस कंटेनर को अच्छी तरह से धो लें और सुखाने के लिए रख दें। अब दूसरी तरफ आप 50% कोको-पीट और 50% वर्मीकम्पोस्ट (केंचुआ खाद या गोबर) लें और दोनों को अच्छी तरह से मिला लें। 
  • आप गमले की मिट्टी का ध्यान रखें और अब इसे कंटेनर में डाल दें। जब मिट्टी को आप कंटेनर में डाल दें, तो आप इसे अच्छी तरह से मिक्स कर लें।
  • पॉटिंग अच्छी तरह से मिक्स हो जाने के बाद इसमें बीज या कटिंग (स्टीविया की)को लगा दें। कटिंग लेते समय आप टहनी को तिरछा काटें या अगर आपके पास बीज हैं, तो उसे कंटेनर में लगा दें।
  • कटिंग या बीज को लगाने के बाद आप पौधे में पानी डाल दें। आप उचित मात्रा में पौधे में अच्छी तरह से पानी डालें। क्योंकि शुरुआत में मिट्टी पूरी तरह से सूखी होती है। 

अब आपका स्टीविया का पौधा पूरी तरह से तैयार है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि कल ही यह पौधा बड़ा हो जाएगा। पौधे की ग्रोथ होने में काफी टाइम लगता है, तो आप थोड़ा सब्र करें। अगर आपको स्टीविया पौधे की कटिंग नहीं मिल रही है, तो आप नर्सरी से भी पौधा खरीदकर ला सकती हैं।

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स्टीविया के फायदे 

वेट लॉस में मददगार

अगर आप अपने वजन को तेजी से कम करना चाहती हैं, तो चीनी की जगह डाइट में स्‍टीविया शामिल करें। चूंकि स्टीविया एक जीरो-कैलोरी स्वीटनर है, यह चीनी से मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी को काटता है और कैलोरी कम होने से वजन कम करने में आसानी होती है।

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर 

benefits of stevia plant

क्‍या आप जानती हैं कि स्टीविया में ग्रीन टी से ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। यह आपकी बॉडी केे सेल्स को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है, जो आमतौर पर धूम्रपान, प्रदूषण, रेडिएशन आदि के संपर्क में आने से होते हैं।

डायबिटीज रोगियों के लिए अच्छा

स्टीविया डायबिटीज रोगियों के लिए चीनी और आर्टिफिशियल स्वीटनर का एक बढ़िया विकल्प है। आर्टिफिशियल स्वीटनर किसी की भी हेल्‍थ के लिए बेहद हानिकारक होता हैं, क्योंकि इससे जुड़े कई साइड इफेक्ट हैं। लेकिन जब इसे सीमित मात्रा में स्टीविया से बदल दिया जाता है, तो यह ब्लड शुगर को रेगुलेट करने में मदद करता है।

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