कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन ज्यादातर 50 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं ही इसकी शिकार होती है। लेकिन महिलाएं अपनी हेल्‍थ के प्रति बहुत लापरवाह होती है। हेल्‍थ के प्रति लापरवाही के कारण 60 प्रतिशत महिलाओं को इस बीमारी की जानकारी बहुत देर से होती है। अगर इस बीमारी को गंभीरता से ना लिया जाए तो इससे कई महिलाओं की जान का खतरा हो सकता है। अगर महिलाएं समय-समय पर अपना चेकअप करवाती रहें तो सही समय पर इस गंभीर बीमारी का इलाज शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा अगर आप कुछ हर्ब्‍स को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लेगी तो कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के चंगुल में कभी फंस ही नहीं पायेगी।

जी हां हर साल कैंसर दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है। यद्यपि घातक बीमारी का कोई मूल कारण नहीं हैं, लेकिन खराब डाइट, पोषण की कमी और टॉक्सिन से भरपूर फूड्स के इंजेक्शन जैसे विभिन्न कारण इसमें योगदान दे सकते हैं। 4 जुलाई को बॉलीवुड अभिनेता सोनाली बेंद्रे ने खुलासा किया कि उन्हें कैंसर का निदान किया गया है। 'सरफरोश' और 'हम साथ-साथ हैं' जैसी फिल्मों में अपनी भूमिका से प्रशंसा बटोरने वाली यह एक्‍ट्रेस आजकल न्यूयॉर्क में इलाज के लिए गई हैं।

हम उनके जल्‍दी ठीक होने के लिए प्रार्थना करते हैं, तो खुद का ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है क्योंकि हम कभी नहीं जानते कि लाइफ हमें कैसे इस वक्रबॉल में फेंक दें। हालांकि कुछ लोग इस बात पर तर्क दे सकते हैं कि कैंसर को रोकने के लिए आप कुछ भी नहीं कर सकती हैं, लेकिन हम मानते हैं कि आपको हमेशा अपना काम करते रहना चाहिए। जी हां कुछ हर्ब्‍स को अपनी डाइट में शामिल कर आप कैंसर को खुद से कोसों दूर रख सकती हैं।

आइएएनएस हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉक्‍टर के. के. अग्रवाल ने कहा, सोनाली बेंद्रे को कैंसर होने की खबर केवल एक तथ्य की ओर इशारा करती है कि समय पर निदान और कार्रवाई का बड़ा महत्व है। डॉक्‍टर अग्रवाल ने कुछ सुझाव दिए हैं जिन्हें अपनाकर कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हेल्‍दी डाइट लें और रेगुलर एक्‍सरसाइज करने की आदत डालें। फल, सब्जियां और हर्ब्‍स एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध होते हैं, जो बीमारियों से बचाने में मदद कर सकते हैं।

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हल्‍दी
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हर सब्‍जी को रंग देने वाला यह मसाला आपको हर किसी की किचन में आसानी से देखने को मिल जाएगा। लेकिन यह कई तरह की बीमारियों को दूर करने में भी आपकी हेल्‍प करती है। हल्दी का उपयोग विभिन्न रोगों के उपचार में प्राचीन काल से ही किया जाता रहा है। हल्दी को बहुत अच्छा एंटी-बैक्‍टीरियल माना जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि रोजाना हल्दी का सेवन करने से कैंसर जैसे असाध्य रोगों को भी दूर भगाया जा सकता है। हल्दी में कैंसररोधी गुण होते हैं और यह बॉडी को कैंसर से बचाती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन नामक तत्‍व कैंसर को समाप्त करने में हेल्‍प करता है। इसके अलावा हल्‍दी एक ताकतवर एंटीऑक्‍सीडेंट है जो कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं से लड़ती है।

गिलोय

गिलोय एक बहुत ही उपयोगी आयुर्वेदिक हर्ब है। इसकी पत्तियों में कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस और तने में स्टार्च पाया जाता है। वायरस की दुश्मन गिलोय रोग इंफेक्‍शन रोकने में सक्षम होती है। यह एक श्रेष्ठ एंटीबयोटिक है। गिलोय की जड़ों में  मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट कैंसर की रोकथाम और उपचार में प्रयोग किया जाता है।
स्‍वामी परमानंद प्राकृतिक चिकित्‍सालय (एसपीपीसी) के नेचुरोपैथी एक्‍सपर्ट प्रमोद ने कैंसर से बचने के लिए सबसे अच्‍छी आयुर्वेदिक औषधि गिलोय बताई हैं। उनके अनुसार गिलोय की पत्तियों में कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्‍फोरस और तने में स्‍टार्च मौजूद होता है। इसके सेवन से आपकी इम्‍यूनिटी स्‍ट्रॉग होती है और स्‍ट्रॉग इम्‍यूनिटी रोगों से लड़ने में मदद करती है। साथ ही वायरस का सबसे बड़ा दुश्‍मन गिलोय इंफेक्‍शन को रोकने में मददगार होता है। यह सबसे अच्‍छा एंटीबायोटिक और इसकी जड़ों में मौजूद शक्तिशाली एंटी-ऑक्‍सीडेंट कैंसर की रोकथाम में मदद करता है। गिलोय वटी आपको आसानी से बाजार में मिल जाएगी। इसकी एक गोली रोजाना सेवन करे।

गौमूत्र
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शरीर में करक्यूमिन नामक तत्व की कमी से कैंसर रोग होता है। इसी कमी की स्थिति में शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित होकर ट्यूमर का रूप ले लेती है और बाद में यही ट्यूमर कैंसर में तब्दील हो जाता है। गौमूत्र में यहीं करक्यूमिन नामक तत्‍व भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
हमारे देश में गौमूत्र का इस्तेमाल पूजा-पाठ के लिए किया जाता हैं लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि यह कई तरह की बीमारियां से लड़ने की क्षमता पाई जाती है। गौमूत्र कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को जड़ से खत्म करता है। जी हां, गौमूत्र कैंसर के रोगियों के लिए संजीवनी बूटी की तरह काम करता है। गौमूत्र का सेवन करने से कैंसर का प्रभाव कम होने लगता है और धीरे-धीरे खत्म हो जाता है। इससे दवाईयों का प्रभाव बढ़ता है और कैंसर से लड़ने की शारीरिक क्षमता बढ़ती है। सुबह खाली पेट गौमूत्र का सेवन करने से कैंसर सेल को बढ़ने से रोका जा सकता है। इसका सेवन करने से शरीर स्वास्थ्य और रोगमुक्त रहता है।

लहसुन

कैंसर को एक लाइलाज बीमारी माना जाता है। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार रोजाना थोड़ी मात्रा में लहसुन का सेवन करने से कैंसर होने की संभावना लगभग 80 प्रतिशत कम हो जाती है। क्‍योंकि इसके सेवन से कैंसर के प्रति बॉडी की इम्‍यूनिटी बढ़ती है। लहसुन में मौजूद कैंसर विरोधी तत्व शरीर में कैंसर बढऩे से रोकते है। इसके अलावा लहसुन में मौजूद एलिसिन नामक केमिकल फेफड़ों के कैंसर से बचाव में मददगार है।

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व्हीटग्रास
cancer cure wheatgrass inside

गेहूं के ज्वारे में सुपाच्य, पौष्टिक और संपूर्ण आहार है। इसमें भरपूर क्लोरोफिल, एंजाइम, अमिनो एसिड, विटामिन और मिनरल होते हैं। कैंसर जैसे घातक रोगों पर विजय पाने में गेहूं के ज्‍वारे का रस बहुत फायदेमंद होता है। यह कैंसर युक्त सेल्‍स को कम करने में भी हेल्‍प करता हैं। साथ ही यह बॉडी की इम्‍यूनिटी बढ़ाकर आपको मजबूत बनाता है। और बॉडी को अच्‍छे से डिटॉक्‍स करने में हेल्‍प करता है। इसके अलावा यह एक ब्‍लड प्‍यूरीफायर और लिवर तथा किडनी को साफ करता है। आपको रोजाना वीट ग्रास पीना जूस चाहिये जिससे कैंसर का रिस्‍क कम हो सके।
तो देर किस बात की कैंसर से बचना हैं तो इन हर्ब्‍स को आज से ही अपने रूटीन में शामिल करें।

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