दिल की धड़कन में परेशानी तब होती है। जब आपका दिल तेज चल रहा हो या आपको महसूस हो कि हरेक धड़कन समान नहीं है या आपको लगे कि आपकी गर्दन या सीने में तेजी से ब्लड चल रहा है। स्ट्रेस ज्यादा हो या वर्कआउट ज्यादा हो जाए, पलपिटेशन शुरू हो जाता है। इसे लेकर बहुत चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि हृदय के पलपिटेशन को ठीक करने के कई तरीके हैं। दिल की तेज धड़कन लंबे समय तक नहीं रहती है इसलिए आपको इसका सामना ज्यादा देर नहीं करना होगा। मतलब इस बात का है कि आपका दिल तेज धड़क रहा हो तो आप अपना ख्याल कैसे रखते हैं। इस बारे में बता रहे हैं। क्लिनिकऐप्प के सीईओ, श्री सतकाम दिव्य।

तुरंत उपचार

बीमारी में तुरंत उपचार करना हमेशा समझदारी होती  है ताकि कोई घटना न हो। कुछ स्थितियों में यह किसी गंभीर संबंधित बीमारी का कारण हो सकता है। जैसे एरीथिमिया। इसमें तुरंत डॉक्टरी सहायता की आवश्यकता होती है। उपचार के लिए किसी डॉक्टर से भी संपर्क किया जा सकता है। घरेलू उपाय आपको आसानी से तेज चलती धड़कन को ठीक करने में सहायता कर सकते हैं। दूसरी ओर, कई ऐसे कारण हैं जिससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है। इसमें चिंता या घबराहट में होने वाला अटैक शामिल है। इसमें बुखार, एसिड फ्लक्स या गैस, हारमोन में बदलाव, डिप्रेशन, स्ट्रेस या वर्कआउट का स्तर बढ़ जाना या बढ़ा लेना शामिल है।

सामान्य और आसान घरेलू उपाय

आराम करने की तकनीक से दिल की धड़कन ठीक हो जाती है। सबसे पहले, जैसे ही आपको अहसास हो कि दिल की धड़कन अनियमित है, तुरंत सीधे बैठिए और अपने पैरों को ऊपर उठा लीजिए और धीरे-धीरे, छोटी गहरी सांस लेने की कोशिश कीजिए। इस तरह बैठने से हर बार सांस लेने पर आपका पेट फूलेगा। आप अपना ध्यान सिर्फ धीरे-धीरे सांस लेने पर रखिए। आखिरकार इससे आपके दिल की धड़कन शांत हो जाएगी और आप सामान्य ढंग से सांस लेने लगेंगे। अगर आप तेज चल रही अपने दिल की धड़कन को ठीक नहीं कर पा रहे हैं तो वलसलवा मैनुवर तकनीक आजमाइए।  इसमें आपको अपनी नाक को दबाकर रखना है और मुंह बंद रखे हुए मुंह से हवा निकलने दीजिए। पर आपने अपनी नाक और मुंह बंद कर रखी है इसलिए आप सांस नहीं छोड़ पाएंगे। इसलिए आपके शरीर में कुछ-कुछ होगा। परिणामस्वरूप आपका ब्लड प्रेशर कुछ सेकेंड बढ़ जाएगा। इससे आपके दिल की धड़कन कम होकर सामान्य हो जाएगी।

ऐसी ही अन्य तकनीक में जबरदस्ती खांसना भी है। जोर लगाकर खांसने से सीने में दबाव बढ़ेगा। यह ट्रिक ज्यादातर मामलों में आपके दिल की धड़कन कम कर देगा।आप अपने घुटनों को मोड़कर सीने से सटाकर भी बैठ सकते हैं। इससे दबाव बनेगा और आपको धीरे-धीरे सांस लेने में सहायता मिलेगी। आप धीरे-धीरे सांस ले सकेंगे। दिल की धड़कन नियंत्रित करने के लिए थोड़ा पानी पीजिए खूब ठंडे पानी की कुछ घूंट पीना भी आपको हृदय की धड़कन ठीक करने में सहायता करता है। कुछ लोगों के मामले में पानी पीने से तेज चलती दिल की धड़कन तुरंत रुक जाती है। अलग-अलग व्यक्तियों में प्रतिक्रिया अलग होती है। कुछ लोगों में थोड़ा समय लग सकता है। पानी पीने से आपको खुद को हाइड्रेटेड रखने में सहायता मिलेगी। कई बार वर्कआउट के बाद आपके शरीर में पानी कम हो जाता है और इससे अचानक दिल की धड़कन तेज चलने लगती है। पानी की थोड़ी मात्रा आपके मनोवैज्ञानिक स्ट्रेस को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी और सांस लेने की आपकी गति को सामान्य बना देगी।

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इलेक्ट्रोलाइट पेय लेना

इलेक्ट्रोलाइट पेय जैसे नारियल का पानी, ओआरएस, स्पोर्ट्स पेय आदि के सेवन से आप सामान्य ढंग से सांस लेने लगेंगे। इलेक्ट्रोलाइट पेय में आवश्यक खनिज होते हैं जैसे सोडियम और पोटाशियम जिसकी आवश्यकता आपके शरीर को होती है। इसलिए अगली बार जब आपको लगे कि दिल की धड़कन तेज है, इलेक्ट्रोलाइट लिक्विड पीजिए। आपके शरीर में यह जादू की तरह काम करता है। इसलिए हमेशा अपने साथ एक इलेक्ट्रोलाइट पेय रखिए ताकि इमरजेंसी में काम आए।

स्टिमुलैन्ट का सेवन कम करना

कई ऐसे स्टिमुलैन्ट हैं जो दिल की तेज धड़कन में आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। अगर आपको अचानक लगे कि हृदय की धड़कन तेज हो गई है तो उससे बचना किसी के लिए भी अच्छा होगा। स्टिमुलैन्ट पदार्थों की सूची में शामिल हैं तंबाकू उत्पाद, कैफिनेटेड पेय, शराब का अत्यधिक सेवन,भूख रोकने वाली चीजें, उच्च रक्तचाप वाली दवाइयां मानसिक बीमारी ठीक करने वाली दवाइयां, कोकीन, मेटैमफेटेमाइन्स  जैसी दवाइयां

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नियमित व्यायाम के साथ स्वस्थ आहार लीजिए 

इस बात की आशंका कम होती है कि स्वस्थ व्यक्ति के दिल की धड़कन अचानक तेज और गड़बड़ हो जाए।  खुद को फिट रखने के लिए हर किसी को नियमित व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। चिन्ता और तनाव मुक्त रहने का सबसे अच्छा तरीका है, रोज 30 से 60 मिनट व्यायाम करना। व्यायाम से आपको हमेशा सक्रिय और स्वस्थ रहने में सहायता मिलती है।

बैलेंस डाइट

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संतुलित आहार आपको हमेशा ढेर सारी बीमारियों से दूर रखता है जबकि ताजे और मौसमी फल तथा सब्जियों जैसे स्वस्थ आहार आपके हृदय को स्वस्थ रखेंगे। ऐसे खादय पदार्थों को आजमाइए जो आपके हृदय की धड़कन को तेज करें। खाने-पीने की जिन चीजों में सोडियम ज्यादा होता है जैसे डिब्बाबंद या प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, खाने की मसालेदार चीजें, चॉकलेट, तली हुई चीजों से बचना चाहिए।

डॉक्टरी उपचार      

अगर आप चाहते हैं कि आपको कोई डॉक्टर देखे तो इन बातों को जानने से आपको मदद मिलेगी। अगर डॉक्टर को लगेगा कि इसका कोई गंभीर कारण है तो आपको कुछ चेकअप कराने की सलाह दी जाएगी।

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चेकअप कैसा हो

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इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) से आपके डॉक्टर को आपके दिल से संबंधित किसी भी अनियमितता का पता लगाने में सहायता मिलेगी। यह जांच किसी व्यायाम के जरिए की जाती है या फिर जब आप आराम कर रहे हों। 

होलटर मोनिटरिंग

ये मशीन जो ईसीजी की स्थिति का निगरानी करता है। आमतौर पर यह 24 से 72 घंटे के बीच की अवधि में धड़कन गिनता है। इससे उस अनियमित धड़कन का भी पता चल जाता है जो ईसीजी में रह जाता है।

ईवेंट रिकॉर्डिंग

इस को पूरे दिन पहना जाता है। इसलिए, इसे पहनने के बाद जब कभी लगे कि धड़कन तेज हो गई है, आपको उपकरण का एक रिकॉर्डिंग बटन दबाना होता है। इसके नतीजे से आपके डॉक्टर आपके हृदय में होने वाले परिवर्तन की निगरानी कर सकते हैं। कुछ मामले में आपको डॉक्टर की सलाह पर इसे कई हफ्ते तक पहने रहने की आवश्यकता हो सकती है। इको कार्डियोग्राम एक ऐसा तरीका है जो अल्ट्रासाउंड के जरिए आपके सीने की जांच करता है। विस्तृत चित्रों से आपके डॉक्टर आपके हृदय के काम काज और संरचना का रोगनिदान कर सकते हैं। चेकअप के नतीजे के आधार पर अगर आवश्यक हुआ तो आपके डॉक्टर उपचार सुझाएंगे।