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कोर्ट मैरिज का है प्लान तो जरूर जान लीजिए ये सभी नियम

अगर आप कोर्ट मैरिज करना चाहते हैं तो इस लेख में हम आपको कोर्ट मैरिज के नियमों के बारे में बताएंगे। 
Updated:- 2022-09-20, 12:55 IST
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अगर आप अपने पार्टनर के साथ कोर्ट मैरिज करने की सोच रहें हैं तो आपको बता दें कि इसके लिए भी भारत में कई सारे नियम और कानून हैं। कोर्ट मैरिज किसी भी धर्म या जाति के बालिग हो चुके लड़का और लड़की के बीच हो सकती है।

आपको इस लेख में हम बताएंगे कि कोर्ट मैरिज क्या होती है और इसके लिए भारत में कौन से नियम हैं। 

 

क्या होती है कोर्ट मैरिज? 

 Court marriage in India

कोर्ट मैरिज किसी भी धर्म के दो लोग कर सकते हैं। आपको बता दें कि कोर्ट मैरिज करने के लिए स्पेशल मैरिज एक्ट-1954 बनाया गया है जिसके अनुसार कोर्ट में मैरिज ऑफिसर के सामने पूरे डॉक्यूमेंट्स को सबमिट करने के बाद लड़का और लड़की की शादी करवाई जाती है लेकिन इस शादी में किसी भी तरह के धार्मिक रिवाज नहीं होते हैं। कोर्ट मैरिज से लड़का और लड़की कानूनी रूप से पति-पत्नी बन जाते हैं। 

आपको बता दें कि कोर्ट मैरिज के लिए सबसे पहले सारी जानकारी के साथ आवेदन पत्र भरना होगा और जो शुल्क बताया जाएगा वह देना होता है। इस फॉर्म को भरने के लिए कुछ डॉक्यूमेंट्स जो कोर्ट मैरिज के लिए आवेदन करने वाले लड़का- लड़की को देने होंगे।

ये डॉक्यूमेंट्स हैं- दोनों लोगों का आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र ,पैन कार्ड, दसवीं और बारहवीं की मार्कशीट, तलाकशुदा के मामले में प्रमाण पत्र और विधवा के मामले में मृत्यु प्रमाण पत्र सबमिट करना होता है। 

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क्या हैं कोर्ट मैरिज के नियम?

सबसे पहले आपको बता दें कि कोर्ट मैरिज के लिए लड़का और लड़की दोनों ही मानसिक रूप से स्वस्थ होने चाहिए और बालिग होने चाहिए। आपको बता दें कि लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की उम्र  21 साल होनी चाहिए। यह भारत में विवाह की कानूनी उम्र तय करी गई है।

आपको बता दें कि लड़का और लड़की को मैरिज रजिस्ट्रार के सामने अपनी शादी का आवेदन देना होता है और उन दोनों में से किसी को भी शादीशुदा नहीं होने चाहिए।( ये 3 गलतियां ब्रेकअप के बाद करने से बिखर जाती है जिंदगी)

इसके साथ- साथ शादी करने के लिए दोनों की आपसी सहमति भी जरूरी होती है। अगर आप अपने पार्टनर के साथ कोर्ट मैरिज करना चाहते हैं तो आपको एक फॉर्म ऑनलाइन डाउनलोड करना होगा और फिर कोर्ट मैरिज का नोटिस डिक्लेरेशन भी आपको देना होगा।

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यह तो आप जानते ही होंगे की कोर्ट मैरिज में किसी भी तरह का रीति-रिवाज नहीं होता है इसलिए अगर आप कोर्ट मैरिज करने की सोच रही हैं तो यह एक अच्छा विकल्प होगा। 

 

तो यह थी जानकारी कोर्ट मैरिज के जुड़ी हुई। 

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Image Credit-Freepik

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