कई सारे नाटक आए और गए लेकिन कुछ नाटक ऐसे थे जो खत्म होने के बाद भी हमारे दिल में एक अलग जगह बना गए। आज हम इस लेख में ऐसे ही कुछ टीवी सीरियल्स के बारे में बताने वाले हैं या यूँ कहें की आपकी पुरानी यादों को ताजा करने वाले हैं। आपने इन्हें जरूर देखा होगा और शायद इनके टाइटल सांग भी आपको याद होंगे। तो आइए ताजा करते हैं अपनी पुरानी यादों को और जानते है इन पुराने नाटकों के बारे में।
कसम से
16 जनवरी 2006 में शुरू हुआ यह नाटक 3 साल तक चला था और 12 मार्च 2009 को खत्म हो गया, लेकिन इसकी लोकप्रियता खत्म नहीं हुई और इसे मलयालम में दोबारा बनाया गया जिसका नाम था वृन्दावनं। यह नाटक तीन बहनों पर आधारित था और इसका गाना 'कसम से' बहुत ही लोकप्रिय था। आज भी कुछ लोगो को इसके बोल याद होंगे- आशा की किरण कहती हमसे, कसम से कसम से कसम से।
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पवित्र रिश्ता
भारत के ज्यादातर नाटकों का श्रेय एकता कपूर को जाता है और यह नाटक भी उन्ही के द्वारा बनाया गया है। 2009 में ज़ी पर आया यह नाटक बहुत ही लम्बा चला था और 2014 में खत्म हुआ था। 5 साल तक चले इस नाटक में शुशांत सिंह राजपूत और अंकिता लोखंडे थे।
इस नाटक का टाइटल सांग आज भी लोगो को बहुत पसंद था और शायद आज भी याद होगा। इसके बोल थे- पवित्र रिश्ता, तेरे मेरे मन का। पूरा गाना तो पता नहीं लेकिन ये लाइन सभी को याद होंगी।
करिश्मा का करिश्मा
90s के बच्चों का पसंदीदा नाटक था करिश्मा का करिश्मा। यह 1980 में आई एक अमेरिकन सीरीज का स्माल वंडर का रीमेक था। इस नाटक में झनक शुक्लने करिश्मा का किरदार झनक शुक्ल ने निभाया था, जोकी एक रोबोट थी। इस नाटक का गाना बच्चो की जुबान पर रटा हुआ था। 24 जनवरी 2003 में इस सीरियल को स्टार प्लस पर शुरू किया गया था।
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Image credit- wikipedia
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