आमतौर पर रिलेशनशिप की शुरुआत रोमांस से भरपूर होती है, लेकिन जीवन में आने वाले उतार-चढ़ावों का असर रिलेशनशिप पर भी पड़ता है। जॉब, घर के खर्च और जिम्मेदारियां संभालना, बच्चों की देखभाल आदि में कई बार पुरुष और महिलाएं तनाव और डिप्रेशन से गुजरते हैं। इसका असर जीवनसाथी पर भी पड़ता है। अगर आपके पति पिछले कुछ वक्त से ज्यादा शांत रहने लगे हैं और आपसे शेयरिंग भी कम हो गई है तो मुमकिन है कि वे जीवन में कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हों और इस बारे में आपसे अपनी परेशानी साझा करके आपको तकलीफ नहीं देना चाहते हों। अगर पार्टनर ड्रिपेशन में चला जाए तो रिलेशनशिप निभाना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि इसे निभाने का दारोमदार दूसरे पार्टनर पर होता है। अगर आप भी ऐसी स्थिति से गुजर रही हैं और पति के स्ट्रेस और चिड़चिड़ेपन से परेशान हो गई हैं तो खुद को रिलैक्स करें। मुमकिन है कि आपके पार्टनर को आपका सपोर्ट चाहिए हो और वह यह बात आपसे कह ना पा रहे हों। ऐसी स्थितियों में पति का साथ दें ताकि मुश्किल स्थितियों को संभाला जा सके। अगर आप इस दौरान इन बातों का ध्यान रखेंगी तो निश्चित रूप से पति के साथ आपकी रिलेशनशिप और मजबतू होगी-

ड्रिपेशन में आ जाती है नेगेटिविटी

husband suffering from depression inside

आमतौर पर डिप्रेशन से प्रभावित होने पर लोगों का रवैया नेगेटिव हो जाता है। अगर आपके पति उदासीन हो गए हैं या नेगेटिव तरीके से रिएक्ट कर रहे हैं तो उससे खुद को प्रभावित ना होने दें बल्कि अपना धैर्य बनाए रखें। 

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आत्मविश्वास में आ जाती है कमी

मुमकिन है कि स्ट्रेस में होने की वजह से आपके पति यह सोचने लगें कि वे आपके और आपके प्यार के योग्य नहीं हैं। मुमकिन है कि वे ये भी सोचने लगें कि वे लाइफ में कुछ भी बेहतर हासिल करने के हकदार नहीं हैं। 

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पर्सनेलिटी में दिखाई दे सकते हैं बदलाव

अगर पहले आपके पति बहुत खुशमिजाज और जिंदादिल तरीके से रहते थे, लेकिन पिछले कुछ वक्त से वे बहुत ज्यादा खुश नहीं नजर आते तो भी आप इस बदलाव को समझ सकती हैं। ऐसी स्थितियों में पति का मनोबल बनाए रखने के लिए उन्हें सपोर्ट करें, उनकी हौसला-अफजाही करें और उनका साथ दें। 

दूर-दूर बने रहें

मुमकिन है कि आपके पति आपसे अपनी प्रॉब्लम्स शेयर नहीं करना चाहते हों। इसीलिए वे आपसे दूरी बनाए रखना चाहते हों। उनके ऐसे व्यवहार से दुखी होने के बजाय शांत भाव से स्थितियों को समझें। पति को किसी भी तरह की जरूरत में उनके साथ खड़ी दिखाई दें। इससे आपके पति धीरे-धीरे रिलैक्स हो जाएंगे और आपके साथ उनकी अंडरस्टैंडिंग भी अच्छी बनी रहेगी। 

आपके जज्बात उनके लिए मायने रखते हैं

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भले ही आपके पति आपसे सारी बातें शेयर ना करें, लेकिन आप उनके हाव-भाव से यह समझ सकती हैं कि वे आपके लिए कितने संजीदा हैं और आपकी छोटी-छोटी बातें भी उनके लिए कितनी ज्यादा मायने रखती हैं। 

वक्त देना जरूरी है

डिप्रेशन जैसी अवस्था होने पर उससे बाहर निकलने में भी वक्त लगता है। अगर आपके पति ऐसी स्थितियों से गुजर रहे हैं और सामान्य तौर पर बिहेव करने लगें तो भी स्थितियों को बहुत हल्के में ना लें। मानसिक स्थितियां बेहतर होने और नॉर्मल लाइफ की तरफ लौटने में थोड़ा वक्त लगता है, इसीलिए इस स्थिति से बाहर आने के लिए पति को थोड़ा समय दें।  

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