पिछले एक दशक में भारतीय महिलाओं ने कई बड़े कीर्तिमान अपने नाम किए हैं। इनमें साक्षी मलिक का नाम विशेष रूप से लिया जा सकता है। साक्षी मलिक ने अपनी लगन और कड़ी मेहनत से भारतीय महिला कुश्ती को पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई। भारत के लिए साल 2016 ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर साक्षी मलिक ने देश का नाम रोशन कर दिया था। आज साक्षी अपना 27वां बर्थडे मना रहीं हैं। देश के लिए ओलंपिक में महिला कुश्ती में पहला मेडल जीतकर लाने वाली साक्षी 3 सितंबर 1992 को हरियाणा के रोहतक में पैदा हुई थीं। महिला पहलवानी में शानदार खेल दिखाते हुए साक्षी मलिक ने ऐसी कामयाबी हासिल की जिसे इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। आइए उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्यों के बारे में जानें-

रियो डि जेनेरियो ओलंपिक की शानदार जीत

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साल 2016 में ब्राजील के रियो डि जेनेरियो में आयोजित हुए ओलंपिक खेलों में साक्षी ने अपनी क्षमता और शानदार खेल का परिचय दिया। साक्षी ने महिलाओं की फ्रीस्टाइल कुश्ती के 58 किग्रा भार वर्ग में भारत के लिए कांस्य पदक हासिल किया।

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कांस्य पदक के लिए साक्षी ने की थी कड़ी मेहनत

साक्षी के लिए ओलंपिक कांस्य पदक हासिल करना आसान नहीं था। इस दौरान उन्हें 6 घंटे के भीतर चार बार कुश्ती के लिए रिंग में उतरना पड़ा था। क्वार्टर फाइनल में साक्षी रूसी पहलवान से हार गई  थीं, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी। कुश्ती के नियमों के मुताबिक साक्षी को रेपचेज में उतरने का मौका मिला।

9 सकेंड में हार को जीत में बदला

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साक्षी मलिक के लिए मुकाबला कतई आसान नहीं था। मुकाबला खत्म होने से कुछ मिनट पहले वह कजाकिस्तान की पहलवान एमसी इसानु से काफी पीछे चल रही थी। पहले राउंड के बाद साक्षी का स्कोर 0-5 था यानी वह अपना खाता भी नहीं खोल पाईं थी। इस स्थिति को देखते हुए उनकी जीत संभावना कुछ कम नजर आ रही थी। 

इस तरह साक्षी ने जीता था कांस्य पदक

साक्षी ने अपनी प्रतिद्वंद्वी के बढ़त बना लेने ने बावजूद फोकस बनाए रखा और मैच खत्म होने से कुछ मिनट पहले दमदार प्रदर्शन करते हुए स्कोर को 5-5 से बराबरी पर ला खड़ा किया। इसके बाद आखिर के 9 सेकेंड्स में साक्षी ने अपनी प्रतिद्वंदी के सामने ऐसा दांव खेला कि वह चित हो गईं और उन्होंने दो अहम अंक हासिल कर लिए और इस तरह साक्षी ने कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। 

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हासिल की कई उपलब्धियां

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2016 में रियो डि जेनेरियो ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल के साथ-साथ साक्षी ने कई और अचीवमेंट भी हासिल किए हैं। साल 2014 ग्लास्गो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसी तरह 2018 में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था।

बेहतरीन खेल का प्रदर्शन

एशियन चैंपियनशिप में भी साक्षी ने अपनी परफॉर्मेंस से खेल प्रेमियों को इंप्रेस किया है। उन्होंने 2015 में दोहा में 60 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक हासिल किया और इसके बाद दिल्ली में साल 2017 में सिल्वर मेडल जीता था। साक्षी की कड़ी मेहनत का नतीजा था कि उन्हें साल 2017 में ओलंपिक में हासिल की कामयाबी के लिए पद्म श्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। इससे पहले साल 2016 में साक्षी को खेल के सबसे बड़े सम्मान खेल रत्न से भी सम्मानित किया गया था।

Image Courtesy: Twitter (@SakshiMalik)