स्वित्जरलैंड में हुई BWF वर्ल्ड चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में सिर्फ पी वी सिंधु ने ही देश का नाम रौशन नहीं किया है। हमें सम्मान दिलाने वाली एक और वर्ल्ड चैम्पियन है जिन्होंने इसी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। ये पदक उन्होंने पैरा-बैडमिंटन कैटेगरी में जीता है। पी वी सिंधु की जीत के बाद लोगों ने मानसी जोशी के बारे में उतना उत्हास नहीं दिखाया, लेकिन ये उनकी जीत को कम नहीं करता है। उनकी जीत के मायने भारत के लिए बहुत ज्यादा हैं। भारतीय स्पोर्ट्स के लिए ये हफ्ता बहुत ही अच्छा बीता।  

30 साल की मानसी जोशी इलेक्ट्रिॉनिक इंजीनियर हैं। राजकोट की रहने वाली मानसी ने पारुल परमार को हराकर जीता है। परमार तीन बार वर्ल्ड चैम्पियन बन चुकी हैं। इसी के साथ मानसी पहले भी तीन बार परमार से कोर्ट में भिड़ चुकी हैं और तीनों बार हारी हैं। लेकिन इस बार उन्हें जीत मिली।  

manasi joshi accident

मानसी जोशी भी पुलेला गोपीचंद अकैडमी में ट्रेनिंग लेती हैं। पी वी सिंधु भी यहीं ट्रेनिंग लेती हैं और इसी चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले साई प्रनीत भी इसी अकैडमी में ट्रेनिंग लेते हैं।  

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जीत के बाद किए ट्वीट- 

मानसी ने अपनी जीत के बाद खुद ही ट्वीट कर इसके बारे में जानकारी दी। इतना ही नहीं बड़प्पन दिखाते हुए उन्होंने पी वी सिंधु को भी बधाई दी। यही होती है महान खिलाड़ी की पहचान। उन्होंने लिखा कि, 'BWF Para-badminton World Championships के दिन बहुत अच्छे रहे। पैरालम्पिक्स के ठीक 1 साल पहले गोल्ड जीतकर बहुत उत्साहित हूं।' साथ ही, पी वी सिंधु को बधाई भी दी है। 

 

जहां एक ओर पी वी सिंधु की कामियाबी को लेकर पूरे देश में उनका ढंका बज रहा है वहीं ये कामियाबी मानसी जोशी ने भी हासिल की है और उनके लिए भी उतनी ही बधाइयां आनी चाहिए। 

Para badminton

अपनी इसी ट्वीट के साथ उन्होंने एक और ट्वीट की और लिखा कि उन्होंने इस जीत के लिए कड़ी मेहनत की है। वाकई मानसी जोशी ने ये साबित कर दिया कि उनका जज्बा किसी से भी कम नहीं है। 

मानसी की इस जीत को बिलकुल इग्नोर नहीं किया गया है। इस भारतीय महिला खिलाड़ी को बधाई देने के लिए मानसी और उनकी पैरा-बैडमिनटन टीममेट्स को यूनियन मिनिस्टर किरन रिजिजू की तरफ से बधाई भी दी गई और कैश प्राइज भी मिला। पैरा-स्पोर्ट्समेन और दुनिया के नंबर 2 पैरा-शटलर सुकांत कदम ने खुद नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर कहा कि जो तारीफ और हौसला-अफज़ाई उन्होंने पी वी सिंधु के लिए की है वही मानसी जोशी और उनकी टीम को भी करे।  

इसे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानसी जोशी के लिए ट्वीट की।

 

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वो एक्सिडेंट जिसकी वजह से खो दिया था पैर- 

मानसी जोशी शुरू से ही फाइटर रही हैं और उन्होंने एक कार एक्सिडेंट में 2011 में अपना पैर खो दिया था। वो ऑफिस जाते समय हादसे का शिकार हो गई थीं और एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी थी। बहुत खतरनाक पैर की चोट के साथ उनके दोनों बाजू क्षतिग्रस्त हो गए थे और पूरे शरीर में कई चोट आई थी। उसके बाद उन्हें पास के अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर तक पहुंचने के लिए 10 घंटे से भी ज्यादा का समय लग गया। उसके बाद 12 घंटों तक ऑपरेशन चला। उनकी चोट गैंग्रीन न बन जाए इसलिए डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा। 

अस्पताल से वो 50 दिन बाद बाहर आ सकीं और उसके बाद शुरू हुआ कठिन परिश्रम। उन्होंने वर्कआउट और फिटनेस पर ध्यान दिया। अपने आप को पूरी तरह से खेल के लिए समर्पित कर दिया और बन गईं भारत की चैम्पियन। मानसी जोशी को हमारी तरफ से बहुत-बहुत बधाई। हमें उम्मीद है कि वो आने वाले समय में ऐसे ही भारत का नाम रौशन करेंगी और पौरालंपिक के लिए उन्हें ऑल द बेस्ट।