सिंगल फैमिली होने और घर-द्वार की तमाम जिम्मेदारियां संभालने की वजह से महिलाएं अक्सर अपने बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम नहीं बिता पातीं और इसकी वजह से अपराधबोध भी महसूस करती हैं। वहीं बच्चे भी मां के साथ हंसी-खुशी से वक्त नहीं बिताने पर टीवी देखने और समय बर्बाद करने वाले काम में लगे रहते हैं। बेहतर होगा कि इस दिवाली आप बच्चों के साथ ये दूरियां मिटाएं और उनके साथ मिलकर दिवाली की तैयारियां करें। इससे बच्चे उत्साहित महसूस करेंगे और साथ ही वे आपके साथ काम करते हुए बहुत सी नई बातें भी सीखेंगे। आइए जानते हैं कि बच्चों के साथ आप किस तरह से दिवाली की तैयारियां कर अपनी बॉन्डिंग मजबूत कर सकती हैं-

सजाने के सामान की शॉपिंग

बच्चों को ड्रॉइंग, क्राफ्ट और सजावट के काम में काफी मजा आता है। इसीलिए आप उन्हें घर में सजावट करने का काम दीजिए। कौन-कौन से डिजाइन वाले वॉल पेपर्स, हैंगिग्स और रंगोली बनाए जा सकते हैं, इसके बारे में बच्चों से बात कीजिए और उनसे मशविरा करके सजावट का सामान लीजिए। घर में बच्चों की पसंद वाली लाइटिंग लगवाइए। आप बच्चों को आटे या क्ले से मूर्ति बनाने का काम दे सकती हैं। रंग-बिरंगी मूर्तियां बनाने में बच्चों को खूब मजा आएगा।

बच्चों को पूजा की थाली सजाने का काम दीजिए और उन्हें अपनी तरह से प्रयोग करने का मौका दीजिए। इसमें अलग-अलग रंग की दाल और रंगों से उन्हें सजावट करने दीजिए। इसके अलावा दिवाली कार्ड्स बनाने, मूर्ति सजाने, पेंटिंग करने, स्टिकर्स बनाने का काम बच्चों को दीजिए, इससे बच्चे त्योहार की रौनक सही मायने में महसूस करते हैं। 

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रेसिपी बनाने में हेल्प करेंगे बच्चे

चाहें आपको गुलाब-जामुन और लड्डू बनाने हों या फिर नमकपारे, इन सब कामों में आप बच्चों को शामिल कर सकती हैं। प्रसाद में चढ़ने वाला भोग बनाने के लिए बच्चे विशेष रूप से उत्साहित होते हैं। इसके अलावा मिठाइयों में ड्राईफ्रूट्स मिलाने, मिठाई की पैकिंग करने के काम में भी बच्चों का मन लगेगा। 

फेस्टिव ड्रेस में दिखें बच्चे

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फेस्टिवल का मतलब है जश्न और पूरी तरह मस्ती। बच्चों को एंजॉय करना और घर-परिवार के सदस्यों के साथ वक्त बिताना काफी अच्छा लगता है। ऐसे में बच्चों को ट्रडीशनल ड्रेस पहनाएं, ताकि वे ये समझ सकें कि त्योहार का उल्लास मना रहे हैं। बच्चे बड़ों को देखकर सीखते हैं, इसीलिए आपको खुद भी पारंपरिक कपड़े पहनने चाहिए ताकि बच्चों को आप त्योहार की अहमियत समझा सकें। 

लोगों से मिलने जाएं

त्योहार की तैयारी करने की व्यस्तता जाहिर करने के बजाय दोस्तों और परिवार वालों से मिलने जाएं। बच्चों को बाहर जाना और अपने नाते-रिश्तेदारों से मिलना बहुत अच्छा लगता है। इस मौके पर मंदिर में दर्शन के जरिए भी बच्चे बहुत कुछ सीखते हैं। 

तो इन सारे तरीकों से आप बच्चों के साथ एंजॉय करते हुए त्योहार का जश्न मना सकते हैं और बड़े होने के बाद भी उनके मन में त्योहार की ढेर सारी मीठी यादें ताजा होती रहें।