हमारे देश में तीज-त्योहार सदियों से पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाए जाते रहे हैं, विशेष रूप से होली, दशहरा और दिवाली  का विशेष महत्व है। इनमें भी दिवाली  को हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। दिवाली  के लिए महीनों पहले से तैयारियां शुरू हो जाती हैं। सभी महिलाएं, चाहें वे गरीब तबके से आती हैं या फिर धनाढ्य वर्ग से, अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार दिवाली के लिए योजनाएं बनाती हैं और घर-परिवार की आर्थिक समृद्धि और खुशहाली के लिए पूजा करती हैं। लेकिन आज के समय में हर त्योहार पर बॉलीवुड का संगीत और डीजे के शोर-शराबे में बच्चे त्योहारों से मिलने वाली महत्वपूर्ण सीख से महरूम भी रह जाते हैं। अगर आपका बच्चा भी तीन-चार साल का है तो आपको सुनिश्चित करना चाहिए कि अपने बच्चे को आप दिवाली  के महत्व के बारे में बताएं। आइए जानें कि दिवाली  पर आप अपने बच्चे को क्या सीख दे सकती हैं-

क्यों मनाते हैं दिवाली 

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दिवाली खुशियों का त्योहार है, भगवान राम इस दिन अपना 14 साल का वनवास खत्म करके अयोध्या वापस लौटे थे, तो उनका स्वागत अयोध्या में हर ओर जलते दीयों के साथ किया गया था। भगवान राम की इस कहानी को आप भगवान राम की तस्वीरें दिखाते हुए सुना सकती हैं। इस दौरान आप बच्चे को भगवान राम के गुणों, उनके त्याग, उनकी वचन बद्धता और 14 साल उठाए वन में उठाए कष्टों के बारे में बता सकती हैं। अगर बच्चा आपसे इस कहानी के दौरान कुछ सवाल पूछे तो उसका धैर्यपूर्वक जवाब दें।

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बच्चे कहानी के माध्यम से ऐसी बहुत सारी चीजें सीख जाते हैं, जो सामान्य तौर पर कहे जाने पर वे ध्यान नहीं देते। भगवान राम की कहानी हर किसी को आदर्श और सकारात्मक बनने के लिए प्रेरित करती है और यह कहानी सुनने पर आपका बच्चा भी इसी रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होगा। 

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परिवार वालों के साथ मिलकर मनाएं दिवाली 

आज के समय में सिंगल फैमिली में रह रहे बच्चे संयुक्त परिवार में आसानी से मिलने वाली बहुत सी सीखों से महरूम रह जाते हैं, लेकिन दिवाली जैसे त्योहार, जिसमें घर-परिवार के सभी लोग इकट्ठे होते हैं, में बच्चों को घर के हर छोटे-बड़े सदस्य से मिलने का मौका मिलता है। इस दौरान बच्चों को यह सीख देनी बहुत जरूरी है कि वे अपने से बड़ों का सम्मान करें और परिवार का हर सदस्य उनके लिए अहमियत रखता है। बच्चा अगर बचपन से परिवार के सदस्यों को मान-सम्मान देगा तो बड़े होने पर उन सभी के साथ उसकी आत्मीयता होगी और संबंध मजबूत होंगे। इससे आपका बच्चा हमेशा इमोशनली स्ट्रॉन्ग रहेगा।

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पॉल्यूशन से कैसे बचें

दिवाली के समय में हर जगह पटाखे जलाए जाने से हवा बहुत ज्यादा प्रदूषित हो जाती है। हवा में जहरीले कणों के आ जाने से ये सांस के साथ शरीर में भी प्रवेश कर जाते हैं, जिससे लोगों को कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में आपको बच्चों को हवा में फैल रहे जहरीले धुएं के बारे में जागरूक करना बहुत जरूरी है। बच्चे को जरूर बताएं कि प्रदूषण से दिल और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के साथ कई अन्य तरह की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं और इन बीमारियों के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। इसके साथ ही आप बच्चों को धुएं से खुद को सुरक्षित रखने के उपाय भी बताएं, ताकि वे इन बीमारियों से दूर रहें। बच्चों के लिए पॉल्यूशन से प्रभावी तरीके से बचाने वाला फेस मास्क भी खरीद कर दें, ताकि इसके प्रयोग से वह दूषित हवा में सांस लेने से बचे।

कितनी खतरनाक हो सकती है आग

दिवाली पर पटाखे जलाने के लिए बच्चे काफी एक्साइटेड रहते हैं। फुलझड़ी, अनार, चकरी जैसे रोशने देने वाले पटाखों के साथ शोर करने वाले बम और रॉकेट्स जलाने को लेकर बच्चों से लेकर बड़े भी उत्साहित रहते हैं, लेकिन पटाखे जलाए जाने के दौरान अगर सावधानी ना बरती जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है। इस बारे में बच्चों को बताया जाना बहुत जरूरी है, क्योंकि हर साल इसी वजह से बहुत से बच्चे विस्फोट से घायल हो जाते हैं और कुछ की स्थिति बहुत गंभीर भी हो जाती है। बच्चा सावधानी से पटाखे जलाए और खुद को किसी भी तरह की अनहोनी से दूर रखे, इसके लिए उसे समय पर आग से होने वाले खतरों के बारे में स्पष्ट रूप से बताएं।