पौधों की ग्रोथ के लिए सबसे जरूरी है पानी। पानी के बिना एक पौधा बढ़ना तो दूर, जीवित तक नहीं रह सकता। लेकिन प्लांट्स को पानी देते समय इस बात का भी ध्यान रखना होता है कि आप कहीं उसे अधिक या कम पानी ना दें। ओवर वाटरिंग और अंडर वाटरिंग दोनों ही प्लांट्स के लिए नुकसानदायक है। इतना ही नहीं, हर प्लांट्स की पानी की जरूरतें भी अलग होती है। इसलिए मौसम व प्लांट्स की जरूरत को ध्यान में रखते हुए उसे पानी दिया जाना चाहिए।

हालांकि, कई बार ऐसा होता है कि हम प्लांट्स को पानी तो देते हैं, लेकिन वह उसकी जरूरतों को पूरा नहीं करता। ऐसे में प्लांट्स पर इसका विपरीत असर नजर आने लगता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जो यह बताते हैं कि आप प्लांट्स को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं दे रहे हैं-

पत्तों का मुरझाना

under watered plants

यह पौधों की अंडरवाटरिंग का सबसे पहला संकेत है। जब आप पौधे को उसकी जरूरत से कम मात्रा में पानी देते हैं तो पूरा पौधा धीरे-धीरे नीचे झुकना शुरू कर देता है। (घर में आसानी से उगाएं ये 21 तरह के पौधे) बता दें कि पत्तियों की सतह पर स्टोमा नामक पोर्स होते हैं, जो हवा को पौधों में प्रवेश करने की अनुमति देते हैं। लेकिन, पानी की कमी के कारण, पत्तियां स्टोमा पोर्स को बंद कर देती हैं, ताकि इवेपोरेशन ना हों। इस स्थिति में भी पौधे मुरझा जाते हैं।

पत्तियों का गिरना

Sings of under wter plants in hindi

पत्तियों के मुरझाने के अलावा, उनके गिरना भी यह बताता है कि आप पौधों को कम पानी दे रही हैं। दरअसल, जब आप पौधे को अंडर वाटर देते हैं, तो इससे निचली पत्तियां सबसे पहले प्रभावित होती हैं, क्योंकि पत्तियां सूखने लगती हैं। इनकी टिप्स फीकी पड़ जाती हैं और भूरे रंग की हो जाती हैं। जिसके बाद वह गिर जाती हैं। हो सकता है कि आपको पत्तियों में कर्लिंग और सूखे किनारे नजर आएं। यह भी पौधों में पानी की कमी का एक प्रमुख लक्षण है।

पौधे की ग्रोथ का स्लो होना

plant growth

अगर आप यह महसूस करते हैं कि पौधे की ग्रोथ उस तरह से नहीं हो रही है, जैसा कि वास्तव में होनी चाहिए तो यह एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है कि उसे पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। यह एक परमानेंट या टेंपरेरी सिचुएशन होती है, जिसे आप रिवर्स कर सकते हैं। हालांकि, अगर आपका पौधा केवल कुछ वक्त से पानी की कमी से जूझ रहा है, तो हो सकता है कि आपको उसकी ग्रोथ में बहुत अधिक फर्क नजर ना आए, लेकिन जब लंबे समय तक पौधे को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता तो उसकी ग्रोथ प्रभावित होती है। आप देखेंगे कि नए पत्ते सामान्य से छोटे हो जाएंगे।

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मिट्टी का सूखना

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अपने पौधों को पानी की आपूर्ति की कमी को समझने का सबसे अच्छा तरीका सूखी मिट्टी है। जब पौधों में पानी की कमी होती है और मिट्टी सूख जाती है तो इसका अर्थ है कि पौधे जल्द ही मुरझाने लगेंगे और मर जाएंगे। (तुलसी के पौधे को हरा-भरा रखने के सरल उपाय) नमी के लिए मिट्टी का परीक्षण करने का सरल तरीका यह है कि इसे अपनी उंगलियों से महसूस किया जाए। जब भी ऊपरी मिट्टी छूने में थोड़ी सूखी लगे, तो अपने पौधों को तब तक पानी दें। इसके बाद, आप प्लांट को दोबारा पानी देने के लिए तब तक प्रतीक्षा करें जब तक कि ऊपरी मिट्टी फिर से थोड़ी सूख न जाए। यह एक संकेत होगा कि पौधे को पानी की जरूरत है।

पत्तों का रंग फीका होना

जब पौधे को उचित पानी नहीं मिल पाता है, तो पत्ते मुरझाने लगते हैं। हो सकता है कि आप पत्तों के रंग में बदलाव देखें। अमूमन पानी की कमी होने पर पत्तों का रंग फीका पड़ने लगता है।

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