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श्री गणेश जी की आरती | Ganesh ji ki Aarti

Ganesh ji ki Aarti: हिंदू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि अगर कोई भक्त प्रेम और सच्ची श्रद्धा से बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करता है तो उसके कष्ट दूर हो जाते हैं और बल-बुद्धि का विकास होता है। गणेश जी की पूजा के साथ आरती करने का अहम महत्व भी होता है। आइए, यहां जानते हैं गणेश जी की आरती के लिरिक्स।
Updated:- 2025-06-24, 19:32 IST
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Ganesh ji ki Aarti Lyrics: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य, हवन, पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान से पहले भगवान गणेश का स्मरण और पूजन किया जाता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता भी कहा जाता यानी वह जो सभी बाधाओं को दूर करते हैं। भगवान गणेश जी अपने भक्तों से प्रसन्न होते हैं तो उनके रुके कार्यों को सफल करते हैं। यहां तक कि उनके जीवन में नई ऊर्जा का भी प्रवाह होने लगता है।

ज्योतिषाचार्य डॉ. राधाकांत वत्स के मुताबिक, खासकर बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन श्रद्धा के साथ गणेश जी की पूजा और आरती की जाए तो सिर्फ पूजा पूरी नहीं होती है। बल्कि, मन को भी शांति मिलती है और रुके काम पूरे होने लगते हैं। आइए, यहां पढ़ते हैं भगवान गणेश की आरती और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

श्री गणेश जी की आरती (Shri Ganesh ji ki Aarti)

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॥श्री गणेश जी की आरती॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।

माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ 

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती (माता पार्वती के मंत्र), पिता महादेवा ॥

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पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।

लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।

बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

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‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी ।

कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

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श्री गणेश आरती के लाभ (Shri Ganesh Aarti Benefits)

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  • भगवान श्री गणेश की आरती से घर में समृद्धि का वास बना रहता है। 
  • व्यक्ति लक्ष्य की प्राप्ति में हमेशा सफलता पाता है और उसी ओर बढ़ता जाता है।
  • भगवान श्री गणेश की आरती से भाग्य साथ देने लगता है और धन लाभ भी होता है। 
  • भगवान श्री गणेश की आरती से मां लक्ष्मी (मां लक्ष्मी की पूजा के नियम)की कृपा व्यक्ति के घर पर निरन्तर बरसती रहती है। 
  • भगवान श्री गणेश की आरती करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है और बुद्धि तीव्र बनती है। 
  • भगवान श्री गणेश की आरती से व्यक्ति के व्यवहार में धैर्य का संचार होता है।
  • भगवान श्री गणेश की आरती से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।   

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तो ये थे गणेश आरती के लाभ और लिरिक्स। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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FAQ
गणेश जी की वंदना कैसे शुरू करें?
ऊं एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ति: प्रचोदयात।। इस मंत्र से भगवान गणेश की पूजा शुरू की जा सकती है। 
गणेश जी को घर में कैसे बिठाना चाहिए?
भगवान गणेश जी की घर में स्थापना करनी है तो ऐसी मूर्ति या तस्वीर लाएं जिसमें बाईं तरफ सूंड रहे। माना जाता है कि ऐसी मूर्ति घर में सकारात्मकता लेकर आती है और भक्तों की मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। 
गणेश जी की आरती के क्या फायदे हैं?
भगवान गणेश की आरती करना भगवान का आशीर्वाद पाने और आस-पास की सभी नकारात्मकता को दूर करने का एक तरीका है। पूरी लगन के साथ आरती करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी असीम कृपा बरसाते हैं।
गणेश जी की पूजा करने से क्या फल मिलता है?
विघ्नों का नाश होता है और माना जाता है कि उनकी पूजा से सारी बाधाएं और कठिनाइयां से मुक्ति मिल जाती हैं।
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