DTC बसों में महिलाओं के लिए सफर पूरी तरह से फ्री कर दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर में भैया दूज के दिन से इसकी शुरुआत की गई। इस योजना के तहत दिल्ली सरकार ने मंगलवार से सभी महिलाओं के लिए डीटीसी और कलस्टर बसों में यात्रा मुफ्त कर दी गई। दिल्ली में महिलाओं की ट्रेवलिंग से जुड़े इस बड़े बदलाव पर Herzindagi ने की महिलाओं से चर्चा और ज्यादातर महिलाओं ने दिल्ली सरकार की इस पहल का स्वागत किया। इस नई योजना के तहत बसों में महिलाओं को टिकट की जगह पिंक रंग का फ्री बस पास लेना जरूरी है और यह पास एक बार की यात्रा के लिए ही मान्य रहता है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में उठाए गए इस कदम से महिलाओं को होंगे कौन-कौन से फायदे, आइए जानते हैं-

इसे भी पढ़ें: ताज महल ही नहीं बल्कि ये इमारतें भी हैं सच्चे प्यार की निशानी, जानें 

free travel for women

फ्री ट्रैवल से होगी बड़ी बचत

राजधानी दिल्ली में महिलाओं के लिए डीटीसी में यात्रा को मुफ्त बनाना महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बढ़ती महंगाई में घर का खर्च चलाना महिलाओं के लिए काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में डीटीसी बसों में फ्री ट्रैवल से उनका मनोबल मजबूत होगा और महीने का बजट वे बेहतर तरीके से मैनेज कर पाएंगी।

इसे भी पढ़ें: पानी से घिरा एक अनोखा village, जहां transport के नाम पर चलती हैं केवल boats

free travel for women big benefits

बढ़ेगी महिला यात्रियों की आवाजाही

हाउसवाइव्स आज के दौर में भी घर से बाहर सिर्फ जरूरी कामों के लिए ही जाती हैं। दोस्तों से मिलने या फिर बाजार से जुड़े काम अक्सर पुरुषों के ही जिम्मे होते हैं। लेकिन डीटीसी में ट्रैवल फ्री होने के बाद महिलाएं बाजार से जुड़े कामों से लेकर घूमने-फिरने तक सबकुछ आसानी से कर सकेंगी। जो महिलाएं नौकरीपेशा नहीं हैं और फाइनेंशिली भी मजबूत नहीं हैं, उन्हें ट्रैवल करने के लिए घर के दूसरे सदस्यों पर निर्भर होने की जरूरत नहीं होगी।

free travel for women saudamini pandey

बाहर निकलने से, लोगों से मिलने-जुलने से और घर के बाहर अपने काम स्वयं करने से महिलाओं के आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होगी। निर्भया मामले के बाद से लंबे समय तक दिल्ली की छवि ऐसे राज्य की रही, जो महिला सुरक्षा के मामले में बेहतर नहीं है। लेकिन दिल्ली सरकार की नई पहल से सूरते-हाल बदलने में मदद मिलेगी। आमतौर पर डीटीसी की बसों में महिलाओं की संख्या बहुत ज्यादा नजर नहीं आती, लेकिन फ्री ट्रैवल के बाद से महिलाओं में डीटीसी बस की सवारी करने के लिए खासा उत्साह नजर आया। महिला यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी से इस बदलाव को साफ महसूस किया जा सकता है। 

women empowerment free travel in delhi

गाड़ियों की भीड़ को कम करने में मिलेगी मदद

दिल्ली की सड़कों पर बढ़ती गाड़ियों की भीड़ की वजह से दिल्ली वासी अक्सर ट्रैफिक जाम के शिकार होते हैं और कम दूरी वाली जगहों का सफर करते हुए भी उनका अच्छा खासा वक्त बर्बाद हो जाता है। महिलाओं के लिए ट्रैवल फ्री होने पर सड़कों पर गाड़ियों की अतिरिक्त भीड़ नहीं बढ़ेगी। जो महिलाएं निजी गाड़ियों, ऑटो या कैब के जरिए सफर करती हैं, वे डीटीसी बसों में सफर करने के लिए प्रेरित होंगी। एक अहम बात ये है कि डीटीसी बसें चाहे दिल्ली में हो या दिल्ली-एनसीआर( नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद) में, इन सभी जगहों में महिलाएं फ्री ट्रैवल की सुविधा का लाभ उठा पाएंगी। इससे निश्चित रूप से दिल्ली की सड़कों पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी और आम लोगों के लिए दिल्ली की सड़कों पर सफर बेहतर होगा। 

13000 मार्शल्स की तैनाती से महिला सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

महिलाओं के लिए ट्रैवल फ्री बनाने के साथ-साथ सरकार महिला सुरक्षा को लेकर भी सजग है। इसीलिए इस नई योजना को लागू करने के साथ-साथ दिल्ली सरकार ने इसके लिए तेरह हजार मार्शल तैनात किए हैं। ये मार्शल महिलाओं की हिफाजत के लिए बस में पूरी तरह से एलर्ट रहेंगे और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति में खुद संज्ञान लेंगे, मामले का निपटारा कराने का प्रयास करेंगे और जरूरत पड़ने पर पुलिस को सूचित करेंगे। हालांकि बहुत से लोग इस बात पर ऐतराज जता रहे हैं कि मार्शल्स को ज्यादा पावर नहीं दी गई है। 

नई स्कीम पर महिलाओं का मिला-जुला रिएक्शन

दिल्ली सरकार की इस नई स्कीम का ज्यादातर महिलाओं ने स्वागत किया है। पूजा सिन्हा का कहना है, 'इससे महिलाओं को सफर करने में आसानी होगी, डीटीसी बसों के लिए उन्हें लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे महिलाओं का कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और मंथली सेविंग भी।'

free travel for women anuradha gupta

हालांकि अनुराधा गुप्ता ने इस स्कीम की आलोचना करते हुए इसे अन्यायपूर्ण करार दिया है, उनका कहना है, 'सिर्फ महिलाओं के लिए ट्रेवल फ्री करना पुरुषों के साथ अन्याय है। इसका लाभ सिर्फ महिलाओं को ही क्यों मिले, सभी को इसका फायदा मिलना चाहिए। अगर प्रेग्नेंट महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्कीम लाई जाती, तो और भी अच्छा होता।' नाजनीन अहमद ने इस स्कीम को लेकर कहा, 'यह स्कीम अगर स्टूडेंट्स और जरूरतमंद लोगों के लिए लाई जाती तो ज्यादा अच्छा होता।'