प्यार एक ऐसी चीज है जो हर किसी को पसंद होता है। यह बात सच है कि आज के समय में सच्चा प्यार बहुत मुश्किल से मिलता है। जबकि अगर हम इतिहास में देखें तो हमें सच्चे प्यार की एक से बढ़कर एक कहानी देखने को मिलेगी। पहले के लव बर्ड सिर्फ प्यार ही नहीं करते थे बल्कि अपने प्यार को हमेशा के लिए जिंदा रखने के लिए कुछ निशानी भी बनाते थे। इतिहास में बने प्यार में कई प्रतीक जैसे किले और महल आज भी आस्तित्व में हैं। इन ऐतिहासिक इमारतों को आज भी प्‍यार की मिसाल के रूप में संजोकर रखा गया है। हर इमारत की अपनी कहानी है। कोई प्रेम से संबंधित है, कोई प्रेम में कुर्बानी से तो कोई कर्त्तव्‍य की कहानी लिए हुए है। ये प्यार के स्मारक सिर्फ खुशी ही नहीं बल्कि प्यार में दुखद और शाश्वत प्रेम कहानियों की भी गवाही देते हैं। आज हम आपको देश की ऐसी ऐतिहासिक इमारतों के बारे में बता रहे हैं जो अपने आप में ही सच्चे प्यार की मिसाल हैं।

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आगरा का ताजमहल

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जब कभी भी सच्चे प्यार की मिसाल दी जाती है तो मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा अपनी पत्‍नी मुमताज के लिए बनाया गया ताजमहल याद किया जाता है। यह सिर्फ देश ही नहीं विदेशों में भी प्रसिद्ध है। इस स्मारक को शाहजहां ने 1631 और 1648 के बीच उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में बनवाया था। इसी मकबरे में मुमताज और उनके बगल में शाहजहां को दफनाया गया था। प्‍यार की मिसाल ताहमहल को दुनिया के सात अजूबों में शामिल किया गया है।

चित्तौड़गढ़ किला

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भारत के सबसे बड़े किलो में से एक चित्तौड़गढ़ किले को 7वीं शताब्दी में बनवाया गया था। चित्तौड़गढ़ किला रानी पद्मिनी और राजा रतन रावल सिंह की ऐतिहासिक प्रेम कहानी का प्रतीक है। राजा रतन सिंह ने कई परीक्षाओं के बाद रानी पद्मिनी को जीता था। इसके बाद वह उन्हें अपने साथ चित्तौड़गढ़ लेकर आए थे। स्मारक का मुख्य आकर्षण तीन मंजिला प्राचीन सफेद रानी पद्मावती का महल है जो कमल कुंड के किनारे बना है। इस किले की शिल्पकला और वास्‍तुकला दोनों ही दर्शकों को आकर्षित करती है।

मस्तानी महल

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यह महल महाराष्ट्र के पुणे शहर में बना है। यह किला प्रथम बाजीराव और उनकी खूबसूरत दूसरी पत्‍नी मस्तानी का घर रह चुका है। जब पेशवा बाजीराव के परिवार ने रानी मस्तानी को स्वीकार करने से मना कर दिया था तो बाजीराव उन्हें शनिवारवाड़ा लेकर आए और यहां उनके साथ रहने लगे। आज वो घर शनिवारवाड़ा किले के रूप में जाना जाता है। हालांकि, आज यह महल आस्तित्व में नहीं है केवल इसके अवशेष ही हैं।

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रूपमती मंडप मध्‍य प्रदेश

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यह किला मध्य प्रदेश के मांडू शहर में स्थित है। यह महल मांडू के अंतिम स्वतंत्र शासक सुल्तान बाज बहादुर द्वारा अपनी पत्नी रानी रूपमती के लिए बनवाया गया था। जब राजा सुल्तान बाज ने रानी रूपमती के आगे शादी का प्रस्ताव रखा तो उन्होंने यह शर्त रखी कि वह तभी शादी करेंगी जब राजा एक ऐसा महल बनाएंगे जहां से वह नर्मदा नदी को देख सकती हैं, तो वह तभी उनसे शादी करेंगी। इसके बाद राजा ने इस महल को बनवाया था। एक सुरम्य पठार पर स्थित रूपमती का मंडप विरासत और ऐतिहासिक वास्तुकला के लिए मशहूर है।