भारत में चाय कोई ड्रिंक नहीं बल्कि इमोशन है। इसे किसी भी वक्त पिया जा सकता है और किसी भी मौके पर चाय के बिना तो बात बनती ही नहीं है। जिस तरह से चाय को इतना स्वादिष्ट माना जाता है उसी तरह से एक बात ये भी सही है कि चाय दरअसल हमारी सेहत के लिए अच्छी नहीं मानी जाती है। चाय का इस्तेमाल हम भले ही किसी भी तरह से कर रहे हों, लेकिन इसमें मौजूद कंपाउंड हमारे डाइजेशन और हेल्दी सिस्टम के लिए सही नहीं हैं। 

चाय में अगर कैलोरीज ना हों और केमिकल्स थोड़े से कम हो जाएं तो ये हमारा कंफर्ट फूड हो सकती है। पर अगर वहीं गर्म गर्म चाय ठीक तरह से ना बनाई गई हो तो वो कैलोरी बॉम्ब भी साबित हो सकती है।  

डायटीशियन और होलिस्टिक न्यूट्रिशनिस्ट और डाइट पोडियम की फाउंडर शिखा महाजन से हमने बात की और इस बारे में और जानने की कोशिश की। उन्होंने विस्तार से हमें बताया कि आखिर चाय को हेल्दी कैसे बनाया जा सकता है। 

शिखा जी का कहना है कि चाय की खूबी ये है कि अगर उसमें से हम शक्कर के नाम पर ही पांच चीज़ें हटा दें तो चा हमारे लिए काफी हेल्दी बन जाएगी। 

इसे जरूर पढ़ें- मेहमानों के आने पर झटपट बनाई जा सकती हैं ये 5 तरह की चाय

1. शक्कर अवॉइड करें-

हर एक चम्मच शक्कर आपकी चाय में 20 कैलोरी तक डालती है। चाय के अनहेल्दी होने की यही सबसे बड़ी वजह है कि वो काफी मीठी हो जाती है। अगर आप चाय को हेल्दी बनाना चाहते हैं तो बस उसमें से शक्कर को हटा दीजिए। ये आपकी चाय को आपके लिए परफेक्ट बना देगा। अगर आप एकदम हटा नहीं सकते हैं तो थोड़ी कम कर दीजिए जैसे अगर आप 2 चम्मच शक्कर लेते हैं तो उसे 1 चम्मच करना ही फायदेमंद रहेगा। 

chai health

2. नेचुरल फ्लेवर का इस्तेमाल करें-

माना कि शक्कर को एकदम से कम करना मुमकिन नहीं है, लेकिन आप उसमें शक्कर की जगह कुछ नेचुरल चीज़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं जो इसमें बेहतर फ्लेवर लाए जैसे अदरक, दालचीनी, नींबू, गुड़ आदि। इसके अलावा, आप पुदीने जैसे फ्लेवरिंग हर्ब का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आपको मीठी चाय पसंद है तो शक्कर की जगह गुड़ को दे दीजिए। गुड़ वाली चाय पीने के फायदे भी बहुत हैं। 

3. विटामिन-सी हमेशा करेगा मदद-

चाय की बात करें तो विटामिन-सी हमेशा ही आपकी मदद करेगा। नींबू आपकी चाय को वो स्वाद देगा वो अलग भी होगा और साथ ही साथ उस स्वाद में विटामिन-सी की खूबी भी होगी। विटामिन-सी में जो कंपाउंड होते हैं वो आयरन को एब्जॉर्ब करने में काफी मदद कर सकते हैं। क्योंकि आयरन की कमी यहां बहुत आम है इसलिए ये बेहतर होगा कि आप विटामिन-सी का इस्तेमाल करें और कभी-कभार नींबू वाली चाय जरूर पिएं। ध्यान रखें कि नींबू वाली चाय में चाय पत्ती कम होती है और दूध बिल्कुल भी नहीं होता। 

Recommended Video

4. लो फैट मिल्क आएगा काम-

चलिए ये भी मान लिया कि आप चाय में से शक्कर को कम नहीं कर सकते हैं, लेकिन चाय में दूध को एड करने के कई तरीके हो सकते हैं। आप सोय मिल्क, बादाम मिल्क, स्किम मिल्क या लो फैट मिल्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये सारे तरीके आपकी चाय को बहुत ही स्वादिष्ट बनाते हैं और साथ ही साथ चाय को हेल्दी भी बनाते हैं। 

फुल फैट मिल्क चाय के लिए अच्छा नहीं होता है क्योंकि कैलोरी काउंट बढ़ाने के साथ-साथ ये चाय को डाइजेस्ट करवाने में मुश्किल पैदा करता है। इसलिए हेवी क्रीम या फुल फैट मिल्क को नहीं इस्तेमाल करना चाहिए। 

ये दूध आपकी डेली की कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन-डी की जरूरतों को पूरा कर देगा, लेकिन आपकी चाय में एक्स्ट्रा कैलोरी को अवॉइड करेगा। 

chai chemicals

इसे जरूर पढ़ें- चाय का स्वाद बढ़ाने के लिए मिलाए जा सकते हैं ये 10 इंग्रीडिएंट्स 

5. इंस्टेंट चाय से रहें दूर- 

आप अपनी चाय उबालकर ही बनाएं। आपको ये लग रहा होगा कि चाय इस तरह से पीना आसान है और आप सिर्फ गर्म पानी में इंस्टेंट चाय मिक्स डालकर अपनी चाय बना लेंगे, लेकिन ये सही तरीका नहीं है। ये कैलोरी भी काफी ज्यादा एड करती है और साथ ही साथ इंस्टेंट चाय में कोई खूबी नहीं होती है। एक इंस्टेंट चाय मिक्स में करीब 13 ग्राम शक्कर होती है जो तीन शुगर पैकेट्स के बराबर होती है।  

चाय अगर आपको भी बहुत पसंद है और आप भी चाय को पीने के लिए बहुत उत्साहित रहते हैं तो इसे थोड़ा हेल्दी बनाने की कोशिश कीजिए। चाय से नुकसान बहुत ज्यादा हो सकता है और इसलिए आप उतनी ही चाय पिएं जितनी जरूरी हो। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।